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Gorakhpur News: आंखें बंद हुईं तो किसी और की दुनिया रोशन कर गईं
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गोरखपुर। किसी की जिंदगी खत्म होने के बाद भी उसकी आंखें किसी दूसरे की दुनिया रोशन कर सकती हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऐसे ही 60 लोगों के नेत्रदान से 61 मरीजों को नई उम्मीद मिली है। वर्ष 2018 से अब तक नेत्र रोग विभाग में 60 कॉर्निया दान किए गए जबकि 61 मरीजों का कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज सोनी के अनुसार, नेत्रदान करने वाले लोगों के परिवारों के इस निर्णय से जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद मिली। कॉर्निया की बीमारी या क्षति के कारण दृष्टि प्रभावित होने वाले मरीजों के लिए प्रत्यारोपण महत्वपूर्ण उपचार है। किसी दानकर्ता की आंख से प्राप्त कॉर्निया जरूरतमंद व्यक्ति के लिए दृष्टि लौटने की उम्मीद बन सकता है।
डॉ. सोनी ने बताया कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। मृत्यु के बाद आंखें दान करने का फैसला किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकता है। कई बार परिवार के लिए अपने प्रियजन के निधन के बाद यह फैसला लेना भावनात्मक रूप से कठिन होता है लेकिन उनका यह कदम किसी जरूरतमंद की जिंदगी बदल सकता है।
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नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज सोनी के अनुसार, नेत्रदान करने वाले लोगों के परिवारों के इस निर्णय से जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद मिली। कॉर्निया की बीमारी या क्षति के कारण दृष्टि प्रभावित होने वाले मरीजों के लिए प्रत्यारोपण महत्वपूर्ण उपचार है। किसी दानकर्ता की आंख से प्राप्त कॉर्निया जरूरतमंद व्यक्ति के लिए दृष्टि लौटने की उम्मीद बन सकता है।
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डॉ. सोनी ने बताया कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। मृत्यु के बाद आंखें दान करने का फैसला किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकता है। कई बार परिवार के लिए अपने प्रियजन के निधन के बाद यह फैसला लेना भावनात्मक रूप से कठिन होता है लेकिन उनका यह कदम किसी जरूरतमंद की जिंदगी बदल सकता है।
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