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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Case filed by molestation victim in Gorakhpur on complaint to CM yogi adityanath

गोरखपुर: मुख्यमंत्री से मिली पीड़िता, तब दर्ज हुआ दुष्कर्म का मुकदमा, जानिए क्या है पूरा मामला

Sun, 12 Dec 2021 01:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 12 Dec 2021 01:38 PM IST
सार

पीड़िता केस दर्ज कराने के लिए दो थानों का चक्कर काट रही थी। शुक्रवार को जनता दरबार में सीएम योगी से मिलकर उसने आपबीती सुनाई।

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Case filed by molestation victim in Gorakhpur on complaint to CM yogi adityanath
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को शादी का झांसा देकर पहले किराए के मकान में और बाद में घर में रखकर दुष्कर्म के आरोपी के खिलाफ केस तब दर्ज हुआ, जब पीड़िता सीधे मुख्यमंत्री से मिली। मामले में आरोपी युवक के परिजनों पर भी केस दर्ज हुआ है। पीड़िता का आरोप है कि झंगहा व चौरीचौरा पुलिस केस दर्ज करने की बजाय उसे ही गलत साबित करने पर तुली थी।
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जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय किशोरी को एक युवक ने अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। बीते 15 अगस्त को युवक उसे झंगहा थाना क्षेत्र में किराए के एक मकान में ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पिटाई की। बाद में शादी का वादा करके अपने घर ले गया। करीब दो महीने तक पत्नी की तरह रखा, मगर अब वह गुपचुप तरीके से दूसरी शादी करने का प्रयास कर रहा है।
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किशोरी का आरोप है कि जब चौरीचौरा थाने में तहरीर दी तो इसे झंगहा का मामला बताकर वहां भेजा गया। झंगहा थाने जाने पर वापस चौरीचौरा थाने भेज दिया गया। कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता दरबार में मिली। इसके बाद शनिवार को मामले में पीड़िता की तहरीर पर आरोपित युवक के खिलाफ दुष्कर्म तथा परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ मारपीट व धमकी देने की धारा में केस दर्ज किया गया।
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थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?

मुकदमा तो दर्ज हो गया, लेकिन दुष्कर्म पीड़िता को ‘फुटबाल’ बनाने वाले झंगहा और चौरीचौरा थानेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह बड़ा सवाल है कि यदि मामला दर्ज करने लायक था तो पहले क्यों नहीं दर्ज हुआ? यानी अब दुष्कर्म जैसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पीड़िता को मुख्यमंत्री से शिकायत करना पड़ेगा? अगर यही परंपरा बनानी है तो कोई बात नहीं, वरना पुलिस के स्थानीय आला अधिकारियों को थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि मुख्यमंत्री के जनता दरबार में बार-बार ऐसे पीड़ित न पहुंचें, जिनका काम थाना स्तर पर ही हो जाना चाहिए।

सीओ चौरीचौरा अखिलानंद उपाध्याय ने बताया कि दुष्कर्म का केस शनिवार को चौरीचौरा थाने में दर्ज हुआ है। पीड़िता को चौरीचौरा से झंगहा थाने क्यों भेजा जा रहा था, इस मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराके उचित कार्रवाई की जाएगी।

थानेदार झंगहा संतोष अवस्थी ने बताया कि पीड़िता ने एक बार संपर्क किया था। इस पर चौरीचौरा थाने जाने की सलाह दी गई थी। बाद में संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल फोन बंद मिला है। मामला चौरीचौरा थाने का था। लिहाजा, वहीं केस भी दर्ज हुआ है।
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