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देवरिया: दो फार्मासिस्ट समेत दस पर केस दर्ज, ईएमओ की तहरीर पर पुलिस ने की कार्रवाई

Mon, 13 Sep 2021 06:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Mon, 13 Sep 2021 06:48 PM IST
सार

मामले में सात साल से कम सजा होने के कारण पुलिस ने मौके से पकड़े गए सभी आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया। कोतवाल नवीन कुमार सिंह ने बताया कि बयान दर्ज करने के बाद ईएमओ की तहरीर पर कार्रवाई की गई है।

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Case filed against ten including two pharmacists police acted on EMO complaint
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

देवरिया जिले के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल की इमरजेंसी में एडीएम प्रशासन के छापे में पकड़े गए युवकों के मामले में दो फार्मासिस्ट समेत दस लोगों पर केस दर्ज हुआ है। रविवार रात पुलिस ने आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।

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शनिवार रात में इमरजेंसी में एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, एसडीएम सौरभ सिंह ने छापा मारकर नौ लोगों को पकड़ा था। रविवार को एडीएम प्रशासन ने प्राचार्य डॉ. एएम वर्मा, डॉ.एचके मिश्र और डॉ. एनके पांडेय को कोतवाली बुलाया। पकड़े लोगों से एडीएम ने एक दरोगा से बयान नोट करवाया।
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इसके बाद मामले में इमरजेंसी के ईएमओ डॉ. एनके पांडेय ने पुलिस को तहरीर दी। इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई के दिन ड्यूटी पर तैनात रहे चीफ फार्मासिस्ट बलराम यादव, फार्मासिस्ट एमएस सिद्दीकी, विरेंद्र जायसवाल निवासी भटवलिया, पिंटू भारती निवासी भटनी खास, औबेदूल्लाह निवासी पिपरा मदनगोपल, सरफुद्दीन निवासी सुरौली पैकौली थाना भलुअनी, सलामुद्दीन अलीनगर सदर कोतवाली, स्वतंत्र यादव मोहद्दीनपुर गोरखपुर, वीरेंद्र भाष्कर, मुरली गुप्ता के खिलाफ जालसाली, धोखाधड़ी और इंडियन मेडिकल काउंसिंल एक्ट के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
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शरणदाताओं के खेल से मरीजों की कट रही जेब

मामले में सात साल से कम सजा होने के कारण पुलिस ने मौके से पकड़े गए सभी आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया। कोतवाल नवीन कुमार सिंह ने बताया कि बयान दर्ज करने के बाद ईएमओ की तहरीर पर कार्रवाई की गई है।

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पर बाहरी दवाओं के लिखने और गैर कर्मचारियों द्वारा इलाज करने का खेल काफी पुराना है। इन सभी को शरण देने वाले महकमे के कर्मचारी हैं। जिनका छापा मारे जाने के बाद गुस्सा देखने लायक था। जब अफसर इमरजेंसी से चले गए तो शरणदाता पहुंचे और गुस्से से लाल हो रहे थे।

एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज ने कहा कि सभी का बयान लेकर मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। किसी को भी इमरजेंसी पर मनमानी करने की छूट नहीं दी जाएगी। इसके बाद भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।  


 
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