Gorakhpur Accident: बरात जा रही कार ट्राली से भिड़ी, एक की मौत
शैलेश मां-बाप का इकलौता बेटा था। पिता जितेंद्र साहनी को तीन बेटी के बाद शैलेश पैदा हुआ था। इकलौते बेटे और भाई की मौत पर परिवार में मातम छा गया।
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गोरखपुर जिले में झंगहा इलाके के रामपुर चौराहे के पास मंगलवार की देर रात बरात जा रही कार और ट्राली में भिड़त हो गई। हादसे में कार सवार पांच लोग घायल हो गए। तीन की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, जहां एक की मौत हो गई।
मृतक की पहचान चिलुआताल के डोहरिया निवासी शैलेश (24) के रूप में हुई। जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल क्षेत्र के डोहरिया से बरात झंगहा क्षेत्र के राजी जगदीशपुर निवासी लालजी कन्नौजिया के घर गई थी। रास्ते में झंगहा-मोतीराम अड्डा मार्ग पर रामपुर चौराहे के पास कार और ट्राली में भिड़ंत हो गई।
हादसे में कार सवार डोहरिया निवासी शैलेश, सुग्रीव (30), आदित्य (16) व दो अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए शैलेश, सुग्रीव और आदित्य को डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शैलेश की मौत हो गई।
मां-बाप के इकलौते बेटे शैलेश की मौत से मातम
शैलेश मां-बाप का इकलौता बेटा था। पिता जितेंद्र साहनी को तीन बेटी के बाद शैलेश पैदा हुआ था। इकलौते बेटे और भाई की मौत पर परिवार में मातम छा गया।
हाथ की मेंहदी उतरने से पहले मिट गया सुहाग
शैलेश की नौ मई को पिपराइच के बैलो निवासी हिंदराज की बेटी रागिनी से शादी से हुई थी। पत्नी के हाथ से मेंहदी का रंग उतरने से पहले ही उसके मांग से सिंदूर उतर गया। पति की मौत की खबर पाते ही वह बदहवास हो गई थी। किसी तरह से उसे घरवाले सांत्वना दे रहे थे।
उधर, होश आने पर रागिनी बार-बार यही बोल रही है कि काश मेरी बात मान गए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। दरअसल, रागिनी ने पति को शादी में जाने से मना किया था। उन्होंने कहा था कि मेरा मन आज ठीक नहीं है, संभव हो तो न जाएं, लेकिन शैलेश नहीं माने और शादी में चले गए। हादसे में उनकी जान चली गई।