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गोरखपुर: महिला अस्पताल की टंकी में मिली हड्डी, तीमारदारों की आपत्ति पर प्रशासन ने कराया साफ
Tue, 02 Nov 2021 12:38 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:38 PM IST
सार
एक मरीज अस्पताल की छत पर गया तो देखा कि पानी की टंकी खुली हुई है और उसमें छोटे-छोटे हड्डी के टुकड़े और मरे चूहे उतराए हुए हैं। इस मामले की जानकारी होने पर अन्य मरीज और तीमारदार मौके पर पहुंच गए और हो-हल्ला करने लगे।
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गोरखपुर महिला अस्पताल की छत पर रखी टंकी के पास पसरी गंदगी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर महिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था और अन्य समस्याओं के संबंध में लगातार आवाजें उठती रहीं हैं बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हो रहा है। अस्पताल की टंकी में पक्षियों की हड्डियां, मरे चूहे और गंदगी मिलने पर तीमारदारों ने हंगामा मचाया। इसके बाद आनन-फानन अस्पताल प्रशासन ने टंकी की सफाई शुरू की और आसपास की गंदगी को भी साफ करवाया।
मरीजों एवं तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जिला अस्पताल के पुरानी बिल्डिंग के एसएनसीयू वार्ड के ऊपर पानी की दो टंकियां लगाई गई हैं। इसी टंकी से मरीजों को पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन यह टंकी पिछले कई सालों से साफ नहीं कराने का आरोप लोगों ने लगाया।
एक मरीज अस्पताल की छत पर गया तो देखा कि पानी की टंकी खुली हुई है और उसमें छोटे-छोटे हड्डी के टुकड़े और मरे चूहे उतराए हुए हैं। इस मामले की जानकारी होने पर अन्य मरीज और तीमारदार मौके पर पहुंच गए और हो-हल्ला करने लगे।
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तीमारदारों ने बताया कि पानी की टंकी देखकर यह लग रहा था कि यह कई महीनों से खुली हुई थी। साथ ही इसमें गंदगी भी जबरदस्त थी। इसी टंकी का पानी मरीज और तीमारदार पी भी रहे थे। इस पर किसी तरह अस्पताल प्रशासन ने मामले को शांत कराया। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि तत्काल पानी की टंकी को साफ कराते हुए उस पर ढक्कन लगवा दिया गया है।
महिला अस्पताल के मैनेजर कमलेश कुमार ने बताया कि पानी की टंकी का ढक्कन बंदरों ने खोलकर फेंक दिया था। इसकी वजह से टंकी में गंदगी हो गई थी। उसमें हड्डी भी मिली है। सूचना मिलने पर तत्काल पानी की टंकी को साफ करा दिया गया था। साथ ही उसमें ढक्कन भी लगवा दिया गया है। इस पानी की टंकी का कनेक्शन शौचालय से जोड़ा गया है। पीने के लिए इस टंकी के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
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मरीजों एवं तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जिला अस्पताल के पुरानी बिल्डिंग के एसएनसीयू वार्ड के ऊपर पानी की दो टंकियां लगाई गई हैं। इसी टंकी से मरीजों को पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन यह टंकी पिछले कई सालों से साफ नहीं कराने का आरोप लोगों ने लगाया।
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एक मरीज अस्पताल की छत पर गया तो देखा कि पानी की टंकी खुली हुई है और उसमें छोटे-छोटे हड्डी के टुकड़े और मरे चूहे उतराए हुए हैं। इस मामले की जानकारी होने पर अन्य मरीज और तीमारदार मौके पर पहुंच गए और हो-हल्ला करने लगे।
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तीमारदारों ने बताया कि पानी की टंकी देखकर यह लग रहा था कि यह कई महीनों से खुली हुई थी। साथ ही इसमें गंदगी भी जबरदस्त थी। इसी टंकी का पानी मरीज और तीमारदार पी भी रहे थे। इस पर किसी तरह अस्पताल प्रशासन ने मामले को शांत कराया। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि तत्काल पानी की टंकी को साफ कराते हुए उस पर ढक्कन लगवा दिया गया है।
महिला अस्पताल के मैनेजर कमलेश कुमार ने बताया कि पानी की टंकी का ढक्कन बंदरों ने खोलकर फेंक दिया था। इसकी वजह से टंकी में गंदगी हो गई थी। उसमें हड्डी भी मिली है। सूचना मिलने पर तत्काल पानी की टंकी को साफ करा दिया गया था। साथ ही उसमें ढक्कन भी लगवा दिया गया है। इस पानी की टंकी का कनेक्शन शौचालय से जोड़ा गया है। पीने के लिए इस टंकी के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।