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ब्लड माफिया का खेल: मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी भी गिरोह में शामिल, पुलिस कर रही छानबीन

Mon, 28 Aug 2023 11:25 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 28 Aug 2023 11:25 AM IST
सार

चार अगस्त, 2016 को भी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में खून बेचने की कोशिश में एक युवक को पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने दो हजार रुपये देकर एक यूनिट खून देने पर खुद की रजामंदी स्वीकार की थी। बाद में युवक फरार भी हो गया था।

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Blood mafia BRD Medical college employees also involved in gang
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मजदूर का खून बेचने वाले गिरोह का पुलिस अभी पता लगा रही है। लेकिन, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह में ब्लड बैंक और मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। यह लोग पहले खून के जरूरतमंदों से सौदा तय करते हैं और फिर किसी को लालच में फंसाकर उसके खून को बिकवा दिया जाता है। यह लोग रक्तदान के फायदे भी समझाते हैं। ताकि, आसानी से लालच में खून बेचने वाला फंस जाए।

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इसके पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं, लेकिन पुलिस ने और न ही स्वास्थ्य विभाग ने ही इस पर गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग आसानी से पल्ला झाड़ देता है कि खून के बदले खून का देने का नियम है, इसमें कोई रिश्तेदार भी देता है तो हम कैसे समझ सकते हैं कि खून बेचा जा रहा है। लेकिन, इस बार पुलिस ने खून बेचने के मामले को गंभीरता से लिया और दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के बाद गिरोह में शामिल अन्य लोगों को भी दबोचा जा सकता है।
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इस वजह से कर्मचारियों पर है संदेह

किसी भी रक्तदाता के रक्तदान से पहले यह जांच की जाती है कि वह कितने समय पहले रक्तदान किया था। रक्तदान के लिए कम से कम तीन महीने का अंतर होना चाहिए। जांच के बाद ही रक्त लिया जाता है, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक शख्स से इन लोगों ने महीने भर में तीन बार रक्तदान कराया है। बिना कर्मचारी के मिलीभगत से यह संभव ही नहीं है।

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2016 में पकड़ा गया था खून बेचने का मामला

चार अगस्त, 2016 को भी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में खून बेचने की कोशिश में एक युवक को पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने दो हजार रुपये देकर एक यूनिट खून देने पर खुद की रजामंदी स्वीकार की थी। बाद में युवक फरार भी हो गया था और पुलिस ने ध्यान नहीं दिया था।

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गोरखपुर में ऐसे पहुंचें स्वैच्छिक रक्तदाताओं तक

खून की जरूरत होने और डोनर न होने की दशा में ऑनलाइन डोनर की तलाश की जा सकती है। इसके लिए जिला स्तर की वेबसाइट bbdhgorakhpur.com पर जाकर डोनर खोज सकते है। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर भी एक वेबसाइट है। इन दोनों ही वेबसाइट पर डोनर के नाम के साथ ही नंबर है जो स्वैच्छिक रक्तदाता है और शहर में रहने पर खून दे सकते हैं।
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