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BRD में अव्यवस्था: चूहों ने कुतर दिया तार, सीटी स्कैन के लिए करिए लंबा इंतजार
Mon, 28 Aug 2023 11:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 28 Aug 2023 11:02 AM IST
सार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि सिटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। एमआरआई कराने वालों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए दिक्कत आती है। अभी बाहर हूं, वापस आने पर इस विषय पर संबंधित विभागाध्यक्ष से और जानकारी लेकर मरीजों की सुविधा के लिए प्रयास किया जाएगा।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमआरआई वार्ड के बाहर बैठे मरीजों के तीमारदार ।
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विस्तार
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमआरआई जांच करानी है तो छह महीने इंतजार करना पड़ेगा। मरीजों की संख्या बढ़ने से वेटिंग बढ़ गई है। वहीं, सिटी स्कैन बंद है। मशीन के तार को चूहों ने कुतर दिया है। इंतजाम ऐसा है कि बीते 15 दिनों में तार को बदला नहीं जा सका है। यानी अगर सरकारी व्यवस्था के भरोसे रहे तो मर्ज और जांच केंद्रों की ओर गए तो जेब पर बोझ बढ़ेगा।
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आंकड़े बताते हैं कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन करीब 3500 लोग आते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में भी करीब 100 मरीज आते हैं। इनमें से 70 से 80 ऐसे होते हैं, जिन्हें एमआरआई कराने की जरूरत होती है। इसी प्रकार 100 से ज्यादा मरीजों को सिटी स्कैन के लिए सलाह दी जाती है। इमरजेंसी वार्ड के बगल में स्थित एमआरआई सेंटर पर हर दिन 25 से 30 जांच हो पाती है, जबकि 70-80 मरीज आते हैं। बाकी मरीजों को आगे की तारीख दी जाती है। प्रतीक्षा सूची बढ़ते-बढ़ते इतनी लंबी हो गई है कि अब नए मरीजों को जनवरी की तारीख मिल रही है।
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उधर, लापरवाही का ये हाल है कि 15 दिन से खराब सीटी स्कैन को ठीक कराने की किसी को चिंता नहीं है। मशीन के तार को चूहों ने कुतर दिया है। सिटी स्कैन नहीं हो पाने के कारण मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है।
बोले तीमारदार
आशुतोष सिंह ने कहा कि मेरे एक रिश्तेदार बिहार से आए थे। उन्हें न्यूरो से संबंधित समस्या है। डाॅक्टर ने एमआरआई कराने की सलाह दी। जब यहां आए तो कर्मचारियों ने अगले जनवरी की तारीख देने की बात कही। इसके बाद बाहर से जांच करानी पड़ी। इसके चलते ढाई हजार रुपये की जांच 4500 रुपये में हुई। पूरे दिन परेशान होना पड़ा सो अलग। रिपोर्ट लेकर जबतक आए तबतक डॉक्टर साहब जा चुके थे। अब पांच दिन बाद दोबारा आना पड़ेगा।
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इमरान ने कहा कि सिटी स्कैन की व्यवस्था बंद होने के चलते मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। मेरे एक रिश्तेदार को सिटी स्कैन कराना था, उसे बाहर ले जाना पड़ा। यहां फीस 1500 रुपये है, जिसके लिए बाहर 3400 रुपये देने पड़े। साथ ही गाड़ी का खर्च भी देना पड़ा। इससे समय के साथ-साथ खर्च भी तीन गुना बढ़ गया।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि सिटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। एमआरआई कराने वालों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए दिक्कत आती है। अभी बाहर हूं, वापस आने पर इस विषय पर संबंधित विभागाध्यक्ष से और जानकारी लेकर मरीजों की सुविधा के लिए प्रयास किया जाएगा।
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इमरान ने कहा कि सिटी स्कैन की व्यवस्था बंद होने के चलते मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है। मेरे एक रिश्तेदार को सिटी स्कैन कराना था, उसे बाहर ले जाना पड़ा। यहां फीस 1500 रुपये है, जिसके लिए बाहर 3400 रुपये देने पड़े। साथ ही गाड़ी का खर्च भी देना पड़ा। इससे समय के साथ-साथ खर्च भी तीन गुना बढ़ गया।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि सिटी स्कैन मशीन को ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। एमआरआई कराने वालों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए दिक्कत आती है। अभी बाहर हूं, वापस आने पर इस विषय पर संबंधित विभागाध्यक्ष से और जानकारी लेकर मरीजों की सुविधा के लिए प्रयास किया जाएगा।