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बीआरडी : 200 बेड सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बनेगा सेफहाउस
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इमरजेंसी में मिलेगी बेहतर सुविधा
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 200 बेड सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में वीआईपी और वीवीआईपी मरीजों के लिए सेफहाउस बनाया जाएगा। अब तक यह व्यवस्था एनेस्थिसिया विभाग में थी लेकिन वहां कॉर्डियोलॉजी की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
नई व्यवस्था के तहत सेफहाउस को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के कॉर्डियोलॉजी विभाग में स्थापित किया जाएगा। इससे वीआईपी और वीवीआईपी मरीजों को एक ही स्थान पर हृदय रोग विशेषज्ञों की निगरानी, अत्याधुनिक उपकरणों और आपातकालीन उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल कॉर्डियोलॉजी टीम की सेवाएं भी मिल सकेंगी।
प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार कहना है कि कॉर्डियोलॉजी विभाग में सेफहाउस बनने से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। पहले एनेस्थिसिया विभाग में सेफहाउस होने के कारण कॉर्डियोलॉजी से जुड़ीं सेवाओं के लिए अलग से समन्वय करना पड़ता था, जिससे समय प्रभावित हो सकता था। सेफहाउस के कॉर्डियोलॉजी विभाग में होने से यह समस्या नहीं रहेगी और आवश्यक उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 200 बेड सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में वीआईपी और वीवीआईपी मरीजों के लिए सेफहाउस बनाया जाएगा। अब तक यह व्यवस्था एनेस्थिसिया विभाग में थी लेकिन वहां कॉर्डियोलॉजी की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
नई व्यवस्था के तहत सेफहाउस को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के कॉर्डियोलॉजी विभाग में स्थापित किया जाएगा। इससे वीआईपी और वीवीआईपी मरीजों को एक ही स्थान पर हृदय रोग विशेषज्ञों की निगरानी, अत्याधुनिक उपकरणों और आपातकालीन उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल कॉर्डियोलॉजी टीम की सेवाएं भी मिल सकेंगी।
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प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार कहना है कि कॉर्डियोलॉजी विभाग में सेफहाउस बनने से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। पहले एनेस्थिसिया विभाग में सेफहाउस होने के कारण कॉर्डियोलॉजी से जुड़ीं सेवाओं के लिए अलग से समन्वय करना पड़ता था, जिससे समय प्रभावित हो सकता था। सेफहाउस के कॉर्डियोलॉजी विभाग में होने से यह समस्या नहीं रहेगी और आवश्यक उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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