Basant Panchami: गोरखपुर में मनाया जा रहा है बसंत पंचमी, ऐसे खुश होंगी मां सरस्वती
श्रद्धालु विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर निवेदित कर रहे हैं आस्था, शैक्षणिक संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित।
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गोरखपुर में शनिवार को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। श्रद्धालु इस दिन ज्ञान, विद्या एवं कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आस्था निवेदित कर रहे हैं। इस अवसर पर शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही कई जगहों पर माता की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं।
वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय छह बजकर 32 मिनट पर और पंचमी तिथि का मान सुबह छह बजकर 44 मिनट से संपूर्ण दिन है। इस दिन महासिद्ध योग रात आठ बजकर 44 मिनट तक है। साथ ही प्रवर्धमान नामक महा औदायिक योग भी है। महासिद्ध योग और प्रवर्धमान नामक महाऔदायिक योग भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी होने के साथ ही मनोकामनाओं को पूूर्ण करेगा।
बसंत पंचमी का महत्व
पंडित जोखन पांडेय शास्त्री के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन अज्ञानता के अंधकार को खत्म करने के लिए ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा होती है। विशेष तौर पर इस दिन विद्यार्थी मां सरस्वती की आराधना कर विद्या का आर्शीवाद मांगते हैं। बसंत पंचमी के दिन विशेषकर पीले वस्त्र ही धारण करने चाहिए। ऐसा करना शुभ माना जाता है। यह रंग ऊर्जा और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है।
ऐसे करें बसंत पंचमी की पूजा
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, इस दिन प्रात: काल स्नानादि कर पीले वस्त्र धारण करें। मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने कलश स्थापित करें। इसके बाद माता सरस्वती और भगवान गणेश व नवग्रह की विधि-विधान से पूजा करें। प्रसाद के रूप में खीर अथवा दुध से बनी मिठाईयां चढ़ाएं। इसके बाद श्वेत फूल माता को अर्पण करें। विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों में कलम व पुस्तकों का दान करें। संगीत से जुड़े व्यक्ति अपने साज पर तिलक लगाकर मां की आराधना करें।