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Gorakhpur News: ईको व एग्रो टूरिज्म हब के रूप में विकसित होगा बखिरा झील
Wed, 26 Jun 2024 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 26 Jun 2024 12:15 AM IST
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- डीएम ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा, 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीनगर। ईको टूरिज्म के अंतर्गत पर्यटकों के आवागमन को देखते हुए उच्च स्तरीय पर्यटक सुविधाओं के सृजन और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए नेचर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वाटर स्पोटर्स, जंगल कैपिंग, वेलनेस टूरिज्म जैसी गतिविधियों का चिह्नांकन कर बखिरा डेवलपमेंट प्लान विकसित किया गया है। इस पर 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रशासन ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है।
जिले में सूफी संत कबीर दास की महापरिनिर्वाण स्थली मगहर में है, जिसकी आध्यात्मिक ख्याति संपूर्ण विश्व में है। जिसके दर्शन के लिए प्रतिवर्ष लाखों अनुयायी, पर्यटक भ्रमण करते हैं। वहीं कुछ दूर पर बखिरा पक्षी विहार भी है, जिसे 29 जून को 2021 को रामसर साइट घोषित किया गया है। बखिरा पक्षी विहार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें टूरिस्ट फैशिलिटेशन सेंटर पर 80 लाख से कार्य प्रशासन करा रहा है। इसके बाद एग्रो टूरिज्म के अंतर्गत पॉली हाऊस, अमरूद के बाग, गुलाब बाड़ी, मिलेट पॉर्लर, स्थानीय कृषि उत्पाद बिक्री केंद्र व रेसिपी सेंटर आदि विकसित किया जाना है।
बखिरा झील को विकसित करने के लिए 350 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रस्ताव स्वीकृत हो जाएगा, जिससे जिले को बड़ी उपलब्धि मिलेगी और तेजी से विकास कार्य होंगे।
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- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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संतकबीनगर। ईको टूरिज्म के अंतर्गत पर्यटकों के आवागमन को देखते हुए उच्च स्तरीय पर्यटक सुविधाओं के सृजन और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए नेचर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वाटर स्पोटर्स, जंगल कैपिंग, वेलनेस टूरिज्म जैसी गतिविधियों का चिह्नांकन कर बखिरा डेवलपमेंट प्लान विकसित किया गया है। इस पर 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रशासन ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है।
जिले में सूफी संत कबीर दास की महापरिनिर्वाण स्थली मगहर में है, जिसकी आध्यात्मिक ख्याति संपूर्ण विश्व में है। जिसके दर्शन के लिए प्रतिवर्ष लाखों अनुयायी, पर्यटक भ्रमण करते हैं। वहीं कुछ दूर पर बखिरा पक्षी विहार भी है, जिसे 29 जून को 2021 को रामसर साइट घोषित किया गया है। बखिरा पक्षी विहार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें टूरिस्ट फैशिलिटेशन सेंटर पर 80 लाख से कार्य प्रशासन करा रहा है। इसके बाद एग्रो टूरिज्म के अंतर्गत पॉली हाऊस, अमरूद के बाग, गुलाब बाड़ी, मिलेट पॉर्लर, स्थानीय कृषि उत्पाद बिक्री केंद्र व रेसिपी सेंटर आदि विकसित किया जाना है।
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बखिरा झील को विकसित करने के लिए 350 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रस्ताव स्वीकृत हो जाएगा, जिससे जिले को बड़ी उपलब्धि मिलेगी और तेजी से विकास कार्य होंगे।
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- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम