गोरखपुर: रेलवे की दुकानें हटें तो चौड़ा किया जाए असुरन चौराहा, मार्ग को बनाया जाएगा मॉडल
जाम से निजात दिलाने के लिए चौराहे को किया जा रहा चौड़ा, मार्ग को बनाया जाएगा मॉडल, रेलवे की जमीन पर निर्मित 33 दुकानें बनीं बांधा, नगर निगम की 26 दुकानों पर भी फंसा पेच।
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गोरखपुर जिले के असुरन चौराहे के चौड़ीकरण का कार्य रेलवे और नगर निगम के बीच फंस गया है। रेलवे की जमीन पर बनीं 33 और नगर निगम की जमीन पर बनीं 26 दुकानें जब तक हटाई नहीं जाएंगी चौराहे का चौड़ीकरण नहीं हो सकता। तब तक लोगों को जाम की समस्या से जूझना होगा।
बता दें कि असुरन चौराहे के पास आए दिन जाम लग जाता है, जिसमें वाहन चालकों से लेकर पैदल यात्री तक को परेशान होना पड़ता है। जाम से निजात पाने के लिए चौराहे का चौड़ीकरण किया जा रहा है। असुरन से मेडिकल कॉलेज के आगे तक इस मार्ग को मॉडल सड़क भी बनाया जा रहा है।
असुरन चौराहे के चौड़ीकरण का अधिकतर कार्य हो गया है, लेकिन रेलवे की 33 दुकानें नहीं हटने से कार्य रुक गया है। रेलवे इन दुकानों को हटाने के बदले मुआवजे की मांग रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम अपनी दुकानें हटाने के लिए आवंटन निरस्त कर चुका है। संबंधित दुकानदारों को नोटिस भी दिया है, लेकिन रेलवे कह रहा है कि वह अपनी दुकानें तभी हटाएगा जब उसे उचित मुआवजा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जमीन की समस्या सुलझाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। तहसील के लोगों से कहा गया कि रेलवे से मिलकर निस्तारण करें। तहसील के लोग जमीन को लोक निर्माण विभाग की बता रहे हैं, जबकि रेलवे अपनी जमीन होने का प्रमाण दे रहा है। इस मसले पर कोई फैसला नहीं हो पाने के कारण चौराहे के चौड़ीकरण का काम लटक गया है।
गोरखपुर परिक्षेत्र के उप मुख्य अभियंता रविंद्र मेहरा ने कहा कि रेलवे की जो दुकानें हैं, उनका दस्तावेज रेलवे के पास है। प्रशासन को दस्तावेज दिखाया जा चुका है। इसके बाद अभी तक कोई वार्ता नहीं हुई है।