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खास खबर: गीता प्रेस में रंगीन व चित्रमय श्रीमद्भागवत पुराण तैयार, बुक स्टॉल पर भी जल्द मिलेगी
Sat, 27 Jun 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 27 Jun 2026 02:40 AM IST
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युवा पीढ़ी को जोड़ने की पहल: चित्रों के जरिए सनातन ग्रंथों को समझना होगा आसान
प्रथम व द्वितीय खंड की तीन-तीन हजार प्रतियां तैयार
नेपाल भेजने के साथ वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, हरिद्वार व अन्य शाखाओं पर भी भेजी जाएंगी
गोरखपुर। धार्मिक ग्रंथों के प्रकाशन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध गीता प्रेस ने पहली बार श्रीमद्भागवत महापुराण का रंगीन एवं चित्रमय संस्करण प्रकाशित किया है। श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए प्रथम और द्वितीय खंड की तीन-तीन हजार प्रतियां तैयार की गई हैं। आर्ट पेपर पर प्रकाशित इस संस्करण में प्रमुख प्रसंगों को रंगीन चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे श्लोकों का अध्ययन पहले की तुलना में अधिक सहज और रोचक होगा। पुस्तक जल्द ही बुक स्टॉल पर उपलब्ध होगी।
अब तक श्रीमद्भागवत का केवल पारंपरिक ब्लैक एंड व्हाइट संस्करण ही उपलब्ध था। नए संस्करण में श्रीकृष्ण लीला, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, गोवर्धन धारण, रासलीला सहित अन्य प्रमुख प्रसंगों को आकर्षक रंगीन चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है। श्लोकों के साथ संबंधित चित्र दिए जाने से पाठकों और श्रद्धालुओं के लिए ग्रंथ का अध्ययन पहले की तुलना में अधिक सहज और रोचक हो जाएगा।
गीता प्रेस के इस प्रयास से नई पीढ़ी और युवा पाठक भारतीय संस्कृति एवं सनातन ग्रंथों से अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ेंगे। रंगीन चित्रों के कारण यह संस्करण अध्ययन के साथ-साथ संग्रहणीय है। चित्रों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों की भावनात्मक अनुभूति और आध्यात्मिक संदेश अधिक प्रभावी ढंग से श्रद्धालुओं तक पहुंचेगा। श्रद्धालुओं को इस संस्करण का लंबे समय से इंतजार था। जल्द ही यह संस्करण गीता प्रेस के बुक स्टॉलों पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही नेपाल, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, हरिद्वार सहित देशभर की प्रमुख शाखाओं में भी इसकी आपूर्ति की जाएगी।
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- तैयार हुई हैं तीन-तीन हजार प्रतियां
गीताप्रेस की ओर से श्रीमद्भागवत पुराण की दोनों खंडों की तीन-तीन हजार प्रतियां प्रकाशित की गई हैं। प्रत्येक खंड का दाम 1,100 रुपये रखा गया है। प्रथम खंड में 1,216 व द्वितीय खंड में 1,268 पेज हैं। इसके पहले साधारण ग्रंथ का दाम 450-450 रुपये है।
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पहली बार आर्ट पेपर पर रंगीन प्रकाशित
रंगीन एवं चित्रमय श्रीमद्भागवत पुराण का प्रकाशन हो चुका है। जल्द ही यह गीताप्रेस के स्टॉलों पर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगी। पहली बार इस ग्रंथ को आर्ट पेपर पर रंगीन प्रकाशित किया गया है।
- लालमणि तिवारी, प्रबंधक, गीताप्रेस
प्रथम व द्वितीय खंड की तीन-तीन हजार प्रतियां तैयार
नेपाल भेजने के साथ वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, हरिद्वार व अन्य शाखाओं पर भी भेजी जाएंगी
गोरखपुर। धार्मिक ग्रंथों के प्रकाशन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध गीता प्रेस ने पहली बार श्रीमद्भागवत महापुराण का रंगीन एवं चित्रमय संस्करण प्रकाशित किया है। श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए प्रथम और द्वितीय खंड की तीन-तीन हजार प्रतियां तैयार की गई हैं। आर्ट पेपर पर प्रकाशित इस संस्करण में प्रमुख प्रसंगों को रंगीन चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे श्लोकों का अध्ययन पहले की तुलना में अधिक सहज और रोचक होगा। पुस्तक जल्द ही बुक स्टॉल पर उपलब्ध होगी।
अब तक श्रीमद्भागवत का केवल पारंपरिक ब्लैक एंड व्हाइट संस्करण ही उपलब्ध था। नए संस्करण में श्रीकृष्ण लीला, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, गोवर्धन धारण, रासलीला सहित अन्य प्रमुख प्रसंगों को आकर्षक रंगीन चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है। श्लोकों के साथ संबंधित चित्र दिए जाने से पाठकों और श्रद्धालुओं के लिए ग्रंथ का अध्ययन पहले की तुलना में अधिक सहज और रोचक हो जाएगा।
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गीता प्रेस के इस प्रयास से नई पीढ़ी और युवा पाठक भारतीय संस्कृति एवं सनातन ग्रंथों से अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ेंगे। रंगीन चित्रों के कारण यह संस्करण अध्ययन के साथ-साथ संग्रहणीय है। चित्रों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों की भावनात्मक अनुभूति और आध्यात्मिक संदेश अधिक प्रभावी ढंग से श्रद्धालुओं तक पहुंचेगा। श्रद्धालुओं को इस संस्करण का लंबे समय से इंतजार था। जल्द ही यह संस्करण गीता प्रेस के बुक स्टॉलों पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही नेपाल, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, हरिद्वार सहित देशभर की प्रमुख शाखाओं में भी इसकी आपूर्ति की जाएगी।
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- तैयार हुई हैं तीन-तीन हजार प्रतियां
गीताप्रेस की ओर से श्रीमद्भागवत पुराण की दोनों खंडों की तीन-तीन हजार प्रतियां प्रकाशित की गई हैं। प्रत्येक खंड का दाम 1,100 रुपये रखा गया है। प्रथम खंड में 1,216 व द्वितीय खंड में 1,268 पेज हैं। इसके पहले साधारण ग्रंथ का दाम 450-450 रुपये है।
पहली बार आर्ट पेपर पर रंगीन प्रकाशित
रंगीन एवं चित्रमय श्रीमद्भागवत पुराण का प्रकाशन हो चुका है। जल्द ही यह गीताप्रेस के स्टॉलों पर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगी। पहली बार इस ग्रंथ को आर्ट पेपर पर रंगीन प्रकाशित किया गया है।
- लालमणि तिवारी, प्रबंधक, गीताप्रेस