गोरखपुर में बोले स्वास्थ्य मंत्री: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी पूरी, योगी मॉडल को दुनिया ने सराहा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में यूपी के कुशल प्रबंधन को पूरी दुनिया ने सराहा। यह सब अंतर विभागीय समन्वय कमेटी के प्रयास से ही संभव हो सका। पूर्वांचल में जापानी इंसेफेलाइटिस एक अभिशाप था।
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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजा जय प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए योगी सरकार पूरी तरह से तैयार है। अस्पतालों में ऑक्सीजन सहित जरूरी संसाधन जुटा लिए गए हैं। गांव से लेकर शहर तक सिस्टम की तैयारी पूरी हो चुकी है। ईमानदार सोच और बेहतर समन्वय से हम इस वैश्विक महामारी को परास्त कर देंगे। कोरोना का नया वैरिएंट बहुत खतरनाक नहीं है। अगर कोरोना वायरस ने स्वरूप नहीं बदला तो किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। कोरोना की चुनौती से निपटने के योगी मॉडल को दुनिया ने पूरी दुनिया ने सराहा है।
स्वास्थ्य मंत्री, शुक्रवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के स्वर्ण जयंती हाल में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के तहत मिशन रोजगार एवं मंडल के विकास विषय पर चर्चा में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में यूपी के कुशल प्रबंधन को पूरी दुनिया ने सराहा। यह सब अंतर विभागीय समन्वय कमेटी के प्रयास से ही संभव हो सका। पूर्वांचल में जापानी इंसेफेलाइटिस एक अभिशाप था।
मुख्यमंत्री और उस समय के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने सड़क से संसद तक संघर्ष किया। प्रदेश में जब भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री ने अंतर विभागीय समन्वय कमेटी बनाकर काम किया। रोजाना समीक्षा होती थी। सफाई, टीकाकरण और इलाज पर बेहतर प्रबंधन से काम किया गया। इंसेफेलाइटिस के प्रभाव को कम करने में कामयाब हो गए। कोरोना से लड़ने में यह सिस्टम काम आया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत को गरीब देश कहा जाता है और इस गरीब देश ने नागरिकों को कोरोना का फ्री वैक्सीन लगवाकर दुनिया को दिखा दिया।
गुंडों माफियाओं के घरों पर चलता है बुलडोजर: डॉ धर्मेंद्र सिंह
विशिष्ट अतिथि व भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अगर सोच ईमानदार होगी तो विकास की ओर कदम बढ़ेंगे। ईमानदार सोच से ही देश और प्रदेश का परिदृश्य बदला है। पहले जब देश में आतंकी हमले होते थे तो सरकारें मौन रहती थीं, लेकिन मोदी सरकार ने पुलवामा अटैक के बाद पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा। डॉ सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल था, आज गुंडों और माफियाओं के घरों पर बुलडोजर चलता है।
योगी सरकार ने 1075 मंदिरों का सुंदरीकरण कराकर रोजगार का सृजन किया। इस अवसर पर भाजपा क्षेत्रीय महामंत्री प्रदीप शुक्ला, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, डॉ बच्चा पांडेय नवीन, सिद्धार्थ पांडेय, महिला मोर्चा महानगर इकाई की अध्यक्ष श्वेता श्रीवास्तव, रानी मिश्रा एडी हेल्थ डॉ रमेश गोयल, सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे, डॉ संचिता मल्ल, आईडी सिंह मौजूद रहे।
जब विकास, तभी रोजगार: प्रो जेपी पांडेय
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि जब विकास होगा, तभी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। युवाओं को स्टार्ट अप की ओर आगे बढ़ने की जरूरत है। रोजगार को लेकर अपनी सोच बदलने की जरूरत है। युवा अब स्टार्ट अप के माध्यम से खुद रोजगार करें और दूसरों को भी रोजगार मुहैया कराएं। स्टार्टअप के लिए एमएमएमयूटी विद्यार्थियों को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ अभिजीत मिश्रा ने किया।
आईटी में रोजगार की संभावनाएं ज्यादा
इस समय पूरे विश्व का परिदृश्य बदला है। इंफार्मेशन टेक्नालॉजी (आईटी) के क्षेत्र में रोजगार की ज्यादा संभावनाएं हैं। अगर आपमें योग्यता है और ईमानदारी से कोशिश करेंगे तो यकीन मानिए नौकरी की कमी नहीं है। विश्वविद्यालय में पांच वर्ष पूर्व 100 से ज्यादा प्लेसमेंट था।आठ महीने में ही 600 विद्यार्थियों को जॉब मिल गया है। आकर्षक वेतन पैकेज भी है। -प्रो. वीके द्विवेदी, प्रभारी प्लेसमेंट सेल एमएमएमयूटी।
नवाचार कहीं बाहर से नहीं आता है। आपके आसपास ही मौजूद है। बस नजरिया और सोच होनी चाहिए। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को तकनीकी के साथ आर्थिक सहयोग देता है। यह सहयोग विश्वविद्यालय ही नहीं दूसरी संस्थाओं के विद्यार्थियों को भी दिया जाता है। अब तक प्रदेश स्तर पर आठ और राष्ट्रीय स्तर पर पांच पुरस्कार मिल चुके हैं।- प्रो. जीयूत सिंह, प्रभारी डिजाइन इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर।
विद्यार्थियों के स्किल डेवलपमेंट पर पूरा फोकस रहता है। स्टार्टअप, इंटरप्रेन्योशिप और इंड्रस्ट्री ट्रेनिंग देकर छात्रों की कौशल दक्षता को निखारने की कोशिश की जाती है। ताकि विद्यार्थी नौकरी के अलावा स्टार्टअप भी शुरू कर सके। -प्रो. केजी उपाध्याय, आचार्य एमएमएमयूटी।
कल्याणकारी व रोजगार परक योजनाओं की सराहना
मिशन रोजगार एवं मंडल का विकास कार्यक्रम में लाभार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सबने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी और रोजगार परक योजनाओं की जमकर सराहना की है।एक पैर से दिव्यांग हूं, परिवार को चलाना मुश्किल होता है। दिव्यांग होने के कारण सरकार की ओर से ट्राई साइकिल, दिव्यांग पेंशन तो मिलती ही थी। अब आयुष्मान कार्ड बन गया है। परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा मिल गई है। -रामकुमार, मियांबाजार, आयुष्मान योजना लाभार्थी
मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत्योदय परिवारों को निशुल्क 35 किलोग्राम खाद्यान्न के साथ चना दाल, नमक और रिफाइंड तेल की सुविधा दी है। अब प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा भी उपलब्ध करा दी। मुख्यमंत्री ने हमारे जैसे लाखों अंत्योदय परिवारों को मुफ्त इलाज का बड़ा तोहफा दिया है। -सुन्नर देवी, गंगोली टोला, बशारतपुर, आयुष्मान योजना लाभार्थी
आर्थिक तंगी के कारण परिवार के सदस्यों का इलाज कराना मुश्किल था। अब अंत्योदय राशन कार्ड से आयुष्मान कार्ड बना कर पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सचमुच गरीब और पिछड़े परिवारों का उत्थान कर रहे हैं। -मतिया शाहपुर, घोसीपुरवा
कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप शुरू हो चुका है। ऐसे में किसान सम्मान निधि के दो हजार रुपये खाते में आना हम जैसे छोटे किसानों के लिए बड़ी राहत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वास्तव में किसानों का कल्याण कर रहे हैं।-दिग्विजय सिंह, कुईंबाजार, खोराबार, किसान सम्मान निधि लाभार्थी
गेहूं की खेती का मौसम है, एक जनवरी को हमारे खाते में किसान सम्मान निधि के दो हजार रुपये आ गए हैं। अब खाद खरीदकर बुआई कर सकेंगे। सिंचाई में भी दिक्कत नहीं आएगी।-राम नारायण यादव, कुईं बाजार, किसान सम्मान निधि लाभार्थी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फसल बीमा योजना का लाभ दिया है। इससे खेती-किसानी में नुकसान का भय खत्म हो गया है। प्रतिवर्ष छह हजार रुपये सम्मान निधि के मिलते हैं, फसल खराब होने पर सम्मानजनक बीमा राशि मिलती है। किसान सम्मान निधि के रूप में अभी तक बीस हजार रुपये मिल चुके हैं।-पवन कुमार यादव, गौरी मंगलपुर, खोराबार, किसान सम्मान निधि लाभार्थी
मधुमेह का रोगी होने के कारण आंखों की रौशनी काफी कम हो गई है। डॉक्टर डायबिटिक रेटिनोपैथी सर्जरी बताते थे। पैसे की कमी से इलाज नहीं करा पा रहा था। अब आयुष्मान कार्ड बना है। मुफ्त में इलाज हो सकेगा। -कन्हैयालाल विष्णुपुरा भेड़ियागढ़ बशारतपुर, आयुष्मान योजना के लाभार्थी
चार दिन पहले एक हादसे में बेटे अंश कश्यप का पैर टूट गया। निजी अस्पतालों में भर्ती और इलाज में एक लाख रुपये से अधिक का खर्च बताया गया था। सदर अस्पताल में तुरंत ही आयुष्मान कार्ड बनाकर बेटे का मुफ्त इलाज शुरू कर दिया गया। आयुष्मान कार्ड न होता तो बेटे का इलाज कराना मुश्किल होता। मायादेवी, डुमरीखास, आयुष्मान योजना लाभार्थी
इंजीनियर बनने के बाद खुद की स्टार्टअप कंपनी शुरू करूंगा। नए उद्यम आरंभ करने वाले हम जैसे स्टूडेंट और नवोन्मेषकों के लिए स्टार्टअप इंडिया योजना लाभकारी साबित हो रही है।-अनुभव सिंह, बीटेक इलेक्ट्रिकल प्रथम वर्ष।
नौकरी ढूंढने से बेहतर है कि खुद की कंपनी बना कर सौ लोगों को रोजगार दिया जाए। इंजीनियरिंग पूरी कर खुद की इलेक्ट्रिकल कंपनी खोलूंगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से कारोबार करना आसान और इंस्पेक्टरराज मुक्त हो गया है। -क्षितिज सिंह राजपूत, बीटेक इलेक्ट्रिकल, प्रथम वर्ष
शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति योजनाओं के कारण अब लड़कियों की पढ़ाई परिवार पर बोझ नहीं रह गई है। सरकार छात्राओं के हित में विभिन्न योजनाएं लाकर बराबरी का हक दे रही है। लड़कियों के विवाह की उम्र बढ़ा कर 21 वर्ष करने से अब छात्राओं को कॅरियर बनाने में ज्यादा समय मिलेगा। -स्नेहा त्रिपाठी, बीबीए प्रथम वर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्राओं-महिलाओं के हित में बहुत योजनाएं चलाई हैं। वूमन इंटरप्रेन्योर के लिए सरकार अधिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बीबीए-एमबीए के बाद अपना स्टार्टअप शुरू करूंगी और सरकार से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाकर दस लोगों को रोजगार दूंगी। -आकृति मल्ल बीबीए, प्रथम वर्ष
आने वाला समय सर्विस सेक्टर में ग्रोथ का है। इस सेक्टर में नवोन्मेष और स्टार्टअप के अपार अवसर हैं। सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी और स्टार्टअप योजना नई सेवाएं देने वाली कंपनियों के बहुत कारगर हैं। बीबीए के बाद सर्विस सेक्टर में सरकार की मदद से अपना स्टार्टअप शुरू करूंगी। -प्रियंका यादव, बीबीए, प्रथम वर्ष
स्वास्थ्य मंत्री ने पांच लाभार्थियों को दिए आयुष्मान कार्ड
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किए हैं। अब गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले इन परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। मियां बाजार के रामकुमार, विष्णुपुरा भेड़ियागढ़ के कन्हैयालाल, गंगोली टोला निवासी सुन्नर देवी, बशारतपुर की मायादेेवी व शाहपुर की मतिया को आयुष्मान कार्ड दिया। इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी, महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष श्वेता श्रीवास्तव, महामंत्री रानी मिश्रा, महामंत्री मीना श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष रत्नेश मौर्या, उपाध्यक्ष ममता गुप्ता, क्षेत्रीय महामंत्री अर्चना सिंह,मंडल अध्यक्ष दीपा पांडेय, मंडल अध्यक्ष सुमन मिश्रा, मंडल महामंत्री बिंदू गुप्ता मौजूद रहीं।