गोरखपुर: अमर उजाला-गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम का उद्घाटन कल, सीएम योगी करेंगे शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को महासमागम का शुभारंभ करेंगे। मेयर सीताराम जायसवाल विशिष्ट अतिथि होंगे। आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में 17 अप्रैल सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निशुल्क परामर्श मिलेगा, यहां कोई भी परामर्श ले सकेगा।
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विस्तार
अमर उजाला-गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम (एनसिएंट साइंस कॉन्क्लेव)- 2022 का उद्घाटन शनिवार (16 अप्रैल) को शाम छह बजे गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। विशिष्ट अतिथि गोरखपुर के मेयर सीताराम जायसवाल हैं। दो दिवसीय (16-17 अप्रैल) समागम का आयोजन आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में किया जा रहा है।
पहले दिन उद्घाटन होगा। निशुल्क परामर्श देने का सिलसिला रविवार (17 अप्रैल) को सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जो अपराह्न 2 बजे तक चलेगा। परामर्श के लिए कोई पूर्व रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था नहीं है। परामर्श पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। इसका मतलब है कि जो व्यक्ति पहले आएगा, उसे पहले और जो बाद में आएगा उसे बाद में परामर्श का मौका मिलेगा।
इनका विशेष सहयोग
महासमागम के आयोजन में मेयर सीताराम जायसवाल व नगर आयुक्त अविनाश सिंह का विशेष सहयोग है। समागम में साफ-सफाई पर विशेष सत्र भी होगा। नगर आयुक्त अविनाश सिंह का कहना है कि सफाई सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। लिहाजा, देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले महाज्ञानी लोगों को सफाई का महत्व व उसके फायदे भी बताएंगे। इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।
गैलेंट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मयंक अग्रवाल का विशेष योगदान है। आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन अजय शाही और वाइस चेयरमैन आराधना शाही भी सहयोगी हैं। होटल रेडिसन ब्लू के प्रबंध निदेशक अरुण चन्द और महाप्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह सहयोग कर रहे हैं। ट्रवेल पार्टनर रनवे टैक्सी के प्रोपराइट जफर इकबाल हैं।
ज्योतिष के क्षेत्र में डॉ. चंद्रमौली उपाध्याय को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में ज्योतिष केंद्र विभाग के प्रमुख डॉ. चंद्रमौली उपाध्याय को ज्योतिष के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही अवार्ड देकर डॉ. चंद्रमौली को सम्मानित करेंगे। अमर उजाला की ओर से देहरादून में पांच वर्षों से आयोजित ज्योतिष महाकुंभ में अब तक यह अवार्ड प्रख्यात ज्योतिर्विद बेजन दारूवाला, पंडित केए दुबे पद्मेश, वास्तुविद पंडित सतीश शर्मा और पंडित अजय भांबी को दिया जा चुका है।
डॉ चंद्रमौली उपाध्याय बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जन्मे हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से ज्योतिष में पीएचडी डिग्री धारक हैं। एसवीडीवी, बीएचयू में प्रोफेसर के रूप में ज्योतिष पढ़ाते हैं। श्री उपाध्याय 1989 से ज्योतिष विज्ञान पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बचपन से ही अपने पिता और महान ज्योतिषी पंडित प्रो. राजमोहन उपाध्याय से ज्योतिष का ज्ञान सीखना शुरू कर दिया था। डॉ चंद्रमौली को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा ज्योतिष के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है। कई अन्य समाज व संगठनों ने भी सम्मानित किया है। नवीन विचारों वाले शिक्षाविद् होने के अलावा, चंद्रमौली उपाध्याय ट्रस्टी के रूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी (बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक) जैसे संस्थानों से जुड़े हैं। वह भारत के सबसे पुराने मंदिरों में से एक मुंडेश्वरी देवी मंदिर के ट्रस्टी भी हैं।
संजीव मल्होत्रा
बरेली में जन्मे संजीव मल्होत्रा पिछले 25 वर्षों से ज्योतिष के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। ज्योतिष के विभिन्न पहलुओं और शाखाओं पर गहराई से शोध कार्य कर रहे हैं। 1987 में बरेली कॉलेज से स्नातक होने के बाद ज्योतिष के प्रति उनके जुनून और रुचि ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वे मानव जाति के लाभ के लिए चिकित्सा ज्योतिष में शोध कार्य कर रहे हैं। नाड़ी ज्योतिष और अग्रिम केपी (सीआईएलटी) के माध्यम से उप स्तर तक इसके उपचारात्मक उपायों पर काम कर रहे हैं।
आचार्य सारांश
आचार्य सारांश की बचपन से ही ज्योतिष शास्त्र में रुचि है। वे अंतर्ज्ञान शक्ति के माध्यम से कई भविष्यवाणियां कर चुके हैं। किशोरावस्था से ज्योतिष सीखना शुरू किया और आचार्य की पदवी हासिल की। कुंडली विशेषज्ञ बनने के बाद उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ़ पॉल्मिस्ट्री से हस्त रेखा विज्ञान की पढ़ाई पूर्ण की और हस्त रेखा विशेषज्ञ बने हैं।
आचार्य आदित्य
आचार्य आदित्य पिछले पंद्रह वर्षों से ज्योतिष विशेषज्ञ के रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ज्योतिष शास्त्र में अलंकार एवं एमए एस्ट्रोलॉजी की शिक्षा प्राप्त की है। वैदिक ज्योतिष, अष्टकवर्ग, लाल किताब, रत्न विज्ञान, अंग लक्षण विज्ञान एवं वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। छोटी आयु में ही संतों और विद्वानों का स्नेह मिलने के फलस्वरूप इनका अध्यात्म की ओर विशेष रुझान रहा।
अनीता शर्मा
अनीता शर्मा दिल्ली से हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक (भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के साथ) हैं। बचपन से ही सितारों, रत्नों और ज्योतिष में उनकी रुचि एक जिज्ञासा और शौक के रूप में शुरू हुई। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने ज्योतिष और वास्तु, फेंगशुई, हस्तरेखा, अंकशास्त्र, समुद्र शास्त्र, टैरो रीडिंग और कलर थेरेपी में विशेषज्ञता हासिल की। वह रेकी ग्रैंड मास्टर भी हैं। सायन और निरयान दोनों प्रणाली में ज्योतिष करती हैं। पिछले 18 साल से मुंबई में प्रैक्टिस कर रही हैं। कुंडली के आधार पर आजीवन मार्गदर्शन और उपचार देती हैं। वह इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एस्ट्रोलॉजर्स की सदस्य भी हैं।
डॉ. नीता भेड़ा
डॉ. नीता भेड़ा बाल मनोवैज्ञानिक हैं। पंद्रह वर्षों से मुंबई की सर्वश्रेष्ठ मॉटेंसरी स्कूल की मालिक हैं। वह पिछले 25 वर्षों से बच्चों को उनके संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए परामर्श और प्रशिक्षण दे रही हैं। रैंप, टीवी और फिल्म कलाकारों के लिए इमेज कंसल्टेंट के तौर पर काम किया है। मॉडल्स को प्रशिक्षित और तैयार किया है। वह सफल ज्योतिषी, टैरो कार्ड रीडर और काउंसलर हैं। उनका आध्यात्मिक ई-स्कूल जिसे सोल जर्नी कहा जाता है, बहुत से युवाओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन में मदद करता है। ट्रेनिंग और काउंसलिंग उनका पैशन है।
आचार्य ध्रुव अग्रवाल
आचार्य ध्रुव अग्रवाल पिछले 6 वर्षों से वास्तु विशेषज्ञ के रूप में काम कर रहे हैं। पारंपरिक और उन्नत वास्तु सिद्धांतों के अनुसार आवासीय, कारर्पोरेट, वाणिज्यिक, उद्योग के लिए नई इमारतों की योजना, 5 तत्वों, 16 दिशाओं, 32 प्रवेश और 45 डिवाइन पॉवर्स पर विचार करते हैं। मौजूदा भवन में बिना किसी वास्तु दोष के सुधार मौलिक संतुलन सिद्धांत का उपयोग करके भौतिक विकल्प ‘सही जगह पर सही गतिविधियां’ रिश्ते, स्वास्थ्य, धन के लिए सर्वोत्तम और व्यावसायिक समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं।
मां सारथी त्रिशला
पिछले 25 वर्षों के अनुभव और ज्ञान के साथ मां सारथी त्रिशला को पहचाना जाता है। मां सारथी त्रिशला लोगों के प्रति पूरी निष्ठा व संपूर्णता के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। उनके मार्गदर्शन से प्राप्त परिणामों और परिवर्तनों को लोगों ने अनुभव किया है। वह व्यापार, शादी, नौकरी, प्रेम मामलों, अदालती मामलों, टैरो कार्ड आदि जैसे विभिन्न मुद्दों पर अपनी सलाह देती हैं।
डॉ जश्मी दोषी
हेम विजय फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ जश्मी दोषी सरवैया को वर्ष 2019 में रूसी विज्ञान और संस्कृति केंद्र द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में क्रिएशन ऑफ रुन्स के क्षेत्र में अभिनव अनुसंधान के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की उपाधि से सम्मानित किया गया। डॉ जश्मी ने कर्मवाद और क्रिएशन ऑफ जैन टैरो कार्ड्स में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। इसी के साथ इन्होंने एम.ए. और बी.कॉम समेत कई डिग्री, सर्टिफिकेट कोर्सेज और डिप्लोमा कर रखा है। जो कि इनके ज्ञान को और बढ़ाता है। चैतन्य- द एम्बलम टैरो बुक नामक पुस्तक भी प्रकाशित हुई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।
जाने- माने ज्योतिर्विद ब्रजेन्द्र मिश्रा के पास राजनीतिक एवं जातक कुंडली पर आधारित भविष्यवाणी करने का लगभग 35 वर्षों का अनुभव है। ब्रजेन्द्र मिश्रा का जन्म प्रयाग की पावन भूमि में हुआ, जहां से शिक्षा-संस्कार प्राप्त करने के बाद उनके अंदर अध्यात्म और ज्योतिष के क्षेत्र में रुचि जागी। ज्योतिर्विद ब्रजेन्द्र मिश्रा ने साल 1999 में प्रयाग विश्वविद्यालय में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में कांग्रेस और बीजेपी जैसे राजनीतिक पार्टियों के भविष्य के बारे में एकदम सटीक भविष्यवाणी की।
आचार्य आनंद
आचार्य आनंद पिछले 14 वर्षों से सटीक सलाह दे रहे हैं। उन्होंने पांच साल की उम्र से ही ज्योतिष सीखना शुरू कर दिया था। महर्षि इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से शिक्षा पूरी करने के बाद ज्योतिष के क्षेत्र में आ गए। सकारात्मकता की शक्ति में उनका विश्वास है। ज्योतिष के विभिन्न रूपों (वैदिक ज्योतिष, केपी ज्योतिष, नाड़ी ज्योतिष, और टैरो रीडिंग) के विशेषज्ञ हैं।
आचार्य सुनील कुमार
आचार्य सुनील कुमार ने ज्योतिष विद्या में प्रसिद्धि प्राप्त की है। 23 वर्ष की उम्र में ज्योतिष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ी। ज्योतिष विद्या में 15 साल के अनुभव के साथ, वह अंक विशेषज्ञ और वास्तु विशेषज्ञ हैं। जाने-माने रेकी हीलर और पेंडुलम डाउजिंग में भी पारंगत हैं। भारतीय विद्या भवन से भी जुड़े हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष में ज्योतिष अलंकार और ज्योतिष आचार्य की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
सान्वी गुप्ता
सान्वी गुप्ता पढ़ाई में अव्वल रहीं हैं। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में रुचि थी। लिहाजा, अखिल भारतीय ज्योतिष संघ, दिल्ली से प्रमाणित ज्योतिष रत्न, ज्योतिष भूषण, ज्योतिष प्रभाकर, ज्योतिष शास्त्राचार्य, वास्तु रत्न और वास्तु शास्त्राचार्य की डिग्री हासिल की। साइंटिफिक वास्तु और डायनेमिक न्यूमरोलॉजी में डिप्लोमा भी किया। सान्वी के मुताबिक एक पेशेवर के रूप में ज्योतिष उचित तथ्यों और तर्क से निपटने वाले विज्ञान का शुद्ध रूप है।
आयोजन के बारे में किसी भी तरह की जानकारी के लिए संपर्क करें- मोबाइल नंबर 8005000010, 8299660608 और 6394153108