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बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था सिद्धार्थ: दो दिन बाद मासूम का पता नहीं, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

Sat, 16 Jul 2022 11:29 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 16 Jul 2022 11:29 AM IST
सार

मासूम सिद्धार्थ की बड़ी बहन बबिता ने बताया कि बाबू को लेकर घर के पास दुकान पर गई थी। वहां एक बाइक पर सवार तीन लोग मेरे बाबू को बार-बार देख रहे थे। मैं बाबू को लेकर घर चली आई। बाबू पानी मांगने लगा तो मैं पानी लेने अंदर चली गई। पानी लेकर बाहर निकली तो बाबू गायब था।

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After two days innocent not known police investigating CCTV footage
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज इलाके के डुमरिया गांव से लापता डेढ़ साल के मासूम का दो दिन बाद भी पता नहीं चला। बुधवार शाम से ही उसकी तलाश में लगी पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लग पाया, जिससे वह उसे खोज सके। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस गांव के आसपास के सभी गड्ढों को इस संदेह में तलाश चुकी है कि कहीं बच्चा डूबा तो नहीं है।

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जानकारी के मुताबिक, डुमरिया गांव के राजेश यादव का डेढ़ साल का बेटा सिद्धार्थ बुधवार शाम छह बजे दरवाजे पर खेल रहा था। इसी दौरान अचानक गायब हो गया। घर वालों ने काफी खोजबीन की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
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पुलिस अगल बगल व आसपास के गड्ढों व संदिग्ध जगहों पर खोजबीन की। लेकिन, पता नहीं चला। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उसे खोज निकालेंगे। एसएसआई राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही बच्चे को खोज लिया जाएगा।

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बाइक सवार बार-बार देख रहे थे बच्चे को

मासूम सिद्धार्थ की बड़ी बहन बबिता ने बताया कि बाबू को लेकर घर के पास दुकान पर गई थी। वहां एक बाइक पर सवार तीन लोग मेरे बाबू को बार-बार देख रहे थे। मैं बाबू को लेकर घर चली आई। बाबू पानी मांगने लगा तो मैं पानी लेने अंदर चली गई। पानी लेकर बाहर निकली तो बाबू गायब था। अगल बगल व आसपास बाबू के बारे में पूछी, लेकिन पता नहीं चला। बाइक सवारों पर संदेह है।

बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था सिद्धार्थ

परिजनों ने बताया कि राजेश बेंगलुरु में काम करते हैं। पूरा परिवार बेंगलुरु में ही रहता था। लॉकडाउन में परिवार घर आया था। राजेश को तीन बेटियां राधिका, बबली और विशाखा हैं। बड़ी मन्नतों के बाद बेटा सिद्धार्थ पैदा हुआ। बेटे के गायब होने से मां सुमन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। यहां तक की घर में चूल्हा नहीं जला।
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