फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   After being suspended Prof. Kamlesh took class in Gorakhpur University

गोरखपुर विश्वविद्यालय: निलंबित होने के बाद हेलीपैड पर प्रो. कमलेश ने ली क्लास, एक घंटे दिया धरना

Wed, 22 Dec 2021 07:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 22 Dec 2021 07:58 PM IST
सार

गोविवि के हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त का सत्याग्रह जारी, समर्थन में शिक्षक, छात्रनेता और शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष भी आए।

विज्ञापन
After being suspended Prof. Kamlesh took class in Gorakhpur University
गोविवि दीक्षा भवन के पास बने हेलीपैड पर क्लास लेते प्रो कमलेश गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश कुमार गुप्त ने निलंबित होने के बाद बुधवार को भी सत्याग्रह किया। सुबह विश्वविद्यालय परिसर स्थित दीक्षा भवन के सामने बने हेलीपैड पर ही विद्यार्थियों को पढ़ाया, जबकि दोपहर दो बजे से प्रशासिनक भवन पर एक घंटे धरना दिया। धरने पर शिक्षकों के अलावा शिक्षक संघ के दो पूर्व अध्यक्ष भी उनके साथ बैठे। साथ ही छात्रनेताओं ने भी समर्थन दिया।

विज्ञापन


दरअसल, मंगलवार को प्रो. कमलेश गुप्त को अनुशासनहीनता सहित कई आरोपों में निलंबित किया गया था। साथ ही सात शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया। निलंबन के आदेश के चलते ही प्रो. गुप्त हिंदी विभाग में नहीं गए। सुबह दस बजे उन्होंने बीए प्रथम वर्ष के 39 छात्रों को बुलाकर हैलीपैड पर ही पढ़ाया। बवाल की आशंका को देखते हुए कैंट पुलिस भी सक्रिय रही।
विज्ञापन


हालांकि प्रो. गुप्त का सत्याग्रह शांतिपूर्वक ही चला। दोपहर दो बजे वे प्रशासनिक भवन स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के पास पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उनका धरना एक घंटे चला। धरने के दौरान छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष अमन यादव, शिवशंकर गोंड आदि छात्रनेता भी समर्थन में प्रो गुप्त के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो. अजेय गुप्ता, प्रो. चंद्रभूषण अंकुर भी समर्थन में धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र ने भी पहुंचकर समर्थन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


धरने पर बैठने वालों में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अशोक चौधरी, मनोज सिंह, जितेंद्र राय, ओमप्रकाश पांडेय, संजय यादव, नरायन दत्त पाठक, दीपक कुमार, भाष्कर चौधरी, गौरव वर्मा, विकास यादव, जनार्दन मिश्र, प्रिंस गुप्ता आदि शामिल रहे।
 

लोगों ने क्या कहा...

हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र ने कहा कि सत्याग्रह को निलंबित करने वाली सत्ता अपने मूल आचरण में मिथ्याग्रही होती है। प्रो कमलेश गुप्त के साथ 20 वर्ष तक अध्यापन किया है। उन पर लगे आरोपों को सच नहीं कहा जा सकता है। अगर शिक्षक और छात्र अपनी पर आ गए तो कुलपति को विश्वविद्यालय छोड़कर भागना पड़ेगा।

हिंदी विभाग के निलंबित आचार्य प्रो. कमलेश कुमार गुप्त ने कहा कि जब विकट परिस्थितियां आती हैं, किसी न किसी को बोलना पड़ता है। समर्थन में आए सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट करता हूं। शांतिपूर्वक सत्याग्रह चलता रहेगा।

प्रो. अजेय कुमार गुप्ता ने कहा कि नोटिस के बारे में अखबार पढ़कर पता चला है। नोटिस अगर जारी हुआ है तो पहले मुझे मिलना चाहिए था। अभी तक मुझे नोटिस नहीं मिला है। जब मिलेगा तो उसका जवाब दिया जाएगा।  

प्रो. चंद्रभूषण अंकुर ने कहा कि कार्यपरिषद में अनुमोदन की प्रत्याशा में निलंबन किया गया है। कार्यपरिषद में इसे लाना ही पड़ेगा। उस समय इस मुद्दे को उठाया जाएगा। अभी हम प्रो. कमलेश गुप्त के सत्याग्रह को पूरा समर्थन करते हैं।

महाविद्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे शिक्षक

गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुआक्टा) ने विभिन्न मांगों को लेकर 24 दिसंबर को विश्वविद्यालय पर होने वाले प्रदर्शन का अब महाविद्यालयों पर ही करने निर्णय लिया है। अध्यक्ष डॉ केडी तिवारी एवं महामंत्री डॉ धीरेंद्र सिंह ने  कहा कि गुआक्टा हिंदी विभाग के आचार्य के निलंबन के कार्यवाही की निंदा करती है और निलंबन की कार्यवाही को रद्द करने की मांग करती है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed