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Gorakhpur News: छोटी सी घटना ने ले लिया जातीय रूप...दो खेमे में बंटा गांव

Wed, 26 Jun 2024 04:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2024 04:54 AM IST
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A small incident took an ethnic form...the village divided into two camps
बच्चों बाहर मत जाओ, कहीं से कोई पत्थर न मार दे। देख रहे हो न हर दिन मारपीट में ईंट-पत्थर चल रहे हैं। बड़े लोगों को भी चुपके से आना पड़ रहा है। कभी भी मारपीट हो सकती है इसलिए, कहीं जाने की जरूरत नहीं है।
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मंगलवार को गुलरिहा इलाके के भरवलिया गांव में एक घर के बरामदे में महिला अपने बच्चों को यह कहकर समझा रही थी। गांव में 20 जून को टहल रही एक महिला के हाथ में एक चलती बाइक की हैंडिल छू गई थी इसके बाद शुरू हुई मारपीट की घटना ने अब जातीय संघर्ष का रूप ले लिया है। घटना के बाद से ही गांव के लोग दो खेमों में बंट गए हैं। चार दिन में चार अलग-अलग तहरीर पर 29 नामजद और 20 अज्ञात समेत कुल 49 पर पुलिस अब तक केस दर्ज कर चुकी है।
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भरवलिया गांव में करीब 225 घर हैं और दो हजार की आबादी निवास करती है। मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। एक भी आदमी अगर गांव से गुजर रहा था, लोग खिड़की और दरवाजे से उसे निहारने लग रहे थे। इस दौरान एक महिला राधा ने बताया कि गांव में इतनी चहल-पहल रहती थी। एक झगड़े ने पूरा माहौल ही बदल दिया है। उनके साथ खड़ी दूसरी महिला ने कहा कि अब तो आस-पास रहने वालों को भी शक की नजर से देखना पड़ रहा है। पुलिस की कार्रवाई के कारण ज्यादातर पुरुष गांव से बाहर रह रहे हैं या फिर घर के अंदर छिपकर समय बिता रहे हैं। डर है कि बाहर गए तो उन पर भी कहीं केस न दर्ज हो जाए। गांव में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, इनमें एक पक्ष के लोगाें ने चार कैमरे को तोड़ दिया है।
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पेड़ के नीचे खेलते थे बच्चे, अब पसरा है सन्नाटा



गांव के एक बुजुर्ग पाकड़ के घने पेड़ के नीचे बैठे हुए थे। उन्होंने बताया कि इस पेड़ के नीचे हमेशा छांव रहती है। इसलिए दिनभर बच्चे यहां खेलते हैं। यहां पर सुबह से लेकर देर रात गांव के लोग जुटकर पंचायत करते रहते हैं। लेकिन इस समय यहां भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर घर में लोग डरे सहमे हुए हैं। उन्हें लग रहा है कि कभी यहां एक बड़ा बवाल हो सकता है।



81 वर्ष के जोखन बन गए आरोपी



गांव के ही जोखन (81) मिले, उन्होंने बताया कि इस उम्र में लाठी लेकर तो ठीक से चला नहीं जाता है। ऐसे में मारपीट के आरोप में मेरे ऊपर भी केस दर्ज हो गया है। इस हाल में जेल जाऊंगा तो फिर वापस नहीं आ पाउंगा। वहीं गांव के ग्राम प्रधान रंजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने पीड़ितों की मदद की है और उन्हें भी आरोपी बना दिया गया है।



अब जातीय रंग देने की कोशिश



गांव में हरिजन और निषाद, चौधरी के बीच विवाद चल रहा है। इसमें एक पक्ष की मदद के लिए कई बार दूसरे गांव के युवक मारपीट करने आ चुके हैं। अब इसे जातीय रंग देने की कोशिश हो रही है। गांव के कुछ लोग एक जाति के बड़े नेता के संपर्क में है उन्हें बुलाने की तैयारी चल रही है।

कब-कब दर्ज हुए केस

पहली घटना 20 जून की रात आठ के करीब हुई थी। इसमें गांव के विवेक निषाद अपनी बाइक पर खाद लेकर जा रहा था। उसकी बाइक की हैंडिल गांव के हरिजन बस्ती की महिला राजमती के हाथ में छू गई। इसको लेकर दोनों पक्षों से ईंट पत्थर चलने लगे। इस मामले में 21 जून को विवेक निषाद की तहरीर पर छह नामजद और 15-20 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ।



वहीं दूसरे पक्ष की राजमती की तहरीर पर एससी एसटी समेत अन्य धाराओं में सात आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। दूसरे दिन 22 जून को हरिजन बस्ती के बबलू की तहरीर पर नौ पर केस दर्ज हुआ। 23 जून को अजय चौधरी की तहरीर पर सात लोगों पर केस दर्ज हुआ।


गांव में शांति है, उपद्रव करने वाले लोगों को शांतिभंग में चालान किया गया है। वहां दो पक्षों के विवाद के बाद लगातार पुलिस फोर्स गश्त कर रही है। गांव में पुलिस पिकेट भी बनाया गया है। सीओ भी वहां जाकर राउंड कर रहे हैं। जो भी अराजकता करेगा उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा।



-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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