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गोरखपुर: अब बाढ़ में 'डूबी' परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई, 155 स्कूल पानी से घिरे

Wed, 08 Sep 2021 03:23 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 08 Sep 2021 03:23 PM IST
सार

कोरोना काल में डेढ़ साल से प्रभावित थी पढ़ाई, अब बाढ़ के कारण नहीं हो पा रही, हर्बर्ट बांध के किनारे बसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने इलाहीबाग स्थित परिषदीय स्कूल के दो कमरों में स्थापित किया केंद्र।

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155 council schools surrounded by water classes suspended in Gorakhpur
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले कोरोना महामारी के चलते डेढ़ वर्षों तक पढ़ाई प्रभावित रही। अब हालात सामान्य होने के बाद स्कूल खुले तो कई में बाढ़ का पानी भर गया, जिसमें बच्चों की पढ़ाई ‘डूब’ गई।  

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जिले के 155 से अधिक परिषदीय स्कूल बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। कई स्कूलों में दो से चार फीट तक पानी भरा हुआ है। फर्नीचर के साथ-साथ भवन और अन्य आवश्यक सामान भी डूब गए हैं। एहतियात के तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बाढ़ से प्रभावित विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन निलंबित कर दिया है। शिक्षकों को करीब के दूसरे विद्यालय या ऊंचे स्थानों पर कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया गया है। जिम्मेदारों का कहना है कि बाढ़ की चपेट में आने वाले विद्यालयों की संख्या 200 से पार जा सकती है। वर्ष 2017 में आई बाढ़ में भी जिले के 124 विद्यालय प्रभावित हो गए थे।
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पानी निकलने के बाद भी पढ़ाई शुरू होने में होगी देरी
जिन विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरा है, उनमें पानी निकलने के बाद भी पढ़ाई शुरू होने में देरी हो सकती है। बाढ़ की वजह से स्कूल के भवनों की स्थिति जर्जर हो जाती है। ऐसे में उनकी मरम्मत के बिना अध्यापन कार्य शुरू करना जोखिम भरा होगा।  
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कम संख्या में पहुंच रहे हैं बच्चे

155 council schools surrounded by water classes suspended in Gorakhpur
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को अपने घर या किसी ऊंचे स्थान पर अथवा नजदीक के दूसरों स्कूलों में बच्चों को बुलाकर पढ़ाने का निर्देश दिया है। शिक्षक ऐसा कर भी रहे हैं, लेकिन बाढ़ की वजह से बच्चों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा बमुश्किल 20-30 फीसदी तक ही रह रही है।

किस ब्लॉक के कितने विद्यालय पानी से घिरे
बाढ़ की वजह से जिले के 21 ब्लॉक में से 11 ब्लॉकों के परिषदीय स्कूल प्रभावित हैं। सर्वाधिक प्रभावित होने वाले ब्लॉक में सरदारनगर, बांसगांव, बड़हलगंज और जंगल कौड़िया के विद्यालय हैं। पॉली में 11, खजनी में 5, कैंपियरगंज में 8, कौड़ीराम में 9, खोराबार में 15, जंगल कौड़िया में 20, बड़हलगंज में 20, बांसगांव में 23 और सरदारनगर में 24, चरगांवा में 10 और भरोहिया ब्लॉक में 12 स्कूल बाढ़ से प्रभावित हैं।

बीएसए आरके सिंह ने कहा कि जिले के 155 से अधिक परिषदीय स्कूल बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन स्कूलों में कक्षाओं को निलंबित कर दिया गया है। आगे भी विभाग की ओर से बाढ़ पर नजर रखी जा रही है। शिक्षकों और बच्चों तक हर संभव विभागीय मदद पहुंचाई जाएगी।


 

कहीं शिक्षामित्र के घर पढ़ाई तो कई जगह पठन पाठन ठप

155 council schools surrounded by water classes suspended in Gorakhpur
इलाहीबाग में दो कमरे के अंदर पढ़ रहे हैं 89 बच्चे। - फोटो : अमर उजाला।

पॉली ब्लॉक के अमसार गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भरा है। इस कारण कक्षाएं निलंबित हैं। शिक्षामित्र मीना मिश्रा अपने घर पर बच्चों को पढ़ा रही हैं। वहीं, खोराबार ब्लॉक के कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय कठऊर, प्राथमिक पूर्व माध्यमिक झरवा, कंपोजिट विद्यालय मंझरिया बिस्टौल, प्राथमिक विद्यालय सिंदुली बेंदूली, लहसड़ी प्रथम, गौरीमंगलपुर, अमहिया प्रथम समेत अन्य विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इस कारण इन स्कूलों में पठन-पाठन ठप पड़ा है। इसी तरह पिपरौली ब्लॉक के कैली, कोल्हुई, गाड़र, तिनहरा, बेलवाडाड़ी बनौड़ा सहित कई परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है। एहतियात के तौर पर विद्यालय में पठन-पाठन बंद है।

मंदिर और दूसरे स्कूलों में हो रही पढ़ाई
चौरीचौरा विकास खंड सरदारनगर की ग्राम पंचायत अवधपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भरा है। विद्यालय के सामने स्थित मंदिर में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इसी तरह कौड़ीराम विकास खंड का प्राथमिक विद्यालय बसावनपुर भरवलिया के बच्चों को प्राथमिक विद्यालय हरैया में पढ़ाया जा रहा है।

इनकी हो रही जैसे-तैसे पढ़ाई
सहजनवां ब्लॉक के कंपोजिट भप्सा, खीरीडाड़, तेलियाडीह, प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझौरा, प्राथमिक विद्यालय धूसियापार, प्राथमिक विद्यालय पचौरी समेत 11 परिषदीय स्कूल बाढ़ की चपेट में हैं। इसी तरह जंगल कौड़िया ब्लॉक के स्प्रिंगर लॉरेटो गर्ल्स इंटर कॉलेज, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शेरपुर चमराह, बीआरसी जंगल कौड़िया, पिपरौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बलुई गांडा में राप्ती नदी का पानी भरा है। बांसगांव विकासखंड के बघराई, परसौना, दाड़ी, सरसोपार, भुसवल, करहल, जमौली आदि विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन स्कूलों के बच्चों की जैसे तैसे पढ़ाई हो पा रही है।
 

परिषदीय विद्यालय को बनाया बाढ़ राहत केंद्र, दो कमरों में पढ़ाई को मजबूर बच्चे

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प्राथमिक विद्यालय इलाहीबाग के भवन का इस्तेमाल प्रशासन बाढ़ राहत केंद्र के रुप में करेगा। - फोटो : अमर उजाला।
प्राथमिक विद्यालय इलाहीबाग का भवन बाढ़ राहत केंद्र के रूप में इस्तेमाल किए जाने के कारण विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। यहां 89 विद्यार्थियों को दो कमरों में बैठा कर पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के दौर में विद्यार्थियों के बीच सामाजिक दूरी सहित अन्य मानकों का पालन नहीं हो पा रहा है।

इलाहीबाग मोहल्ला स्थित अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय का एक भवन प्रशासन ने बाढ़ राहत सामग्री रखने के उद्देश्य से ले रखा है। डोमिनगढ़ सहित हर्बर्ट बांध से सटे बाढ़ग्रस्त इलाके में राहत सामग्री, दवाएं आदि वितरित किए जाने के लिए इस भवन में राहत सामग्री रखी जा रही है। इस कारण विद्यालय के पास पठन-पाठन के लिए मात्र दो कमरे ही बचे हैं।  

विद्यालय में 168 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर प्रतिदिन केवल 50 फीसदी विद्यार्थी ही बुलाए जा रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए 89 विद्यार्थियों को इन दो छोटे कमरों में बैठा कर पढ़ाया जाना मुश्किल हो रहा है। विद्यालय की प्रभारी शिक्षक और शिक्षामित्र शबरीना ने बताया कि बच्चों के बीच सामाजिक दूरी, मास्क, सैनिटाइजेशन का पूर्ण रूप से पालन कराया जा रहा है। आधे बच्चों को भोजन कराने के बाद होमवर्क देकर घर भेज दिया जाता है। आधे बच्चों को कक्षा में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है।
 
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