गोरखपुर: अंत्येष्टि स्थल पर लकड़ी के लिए वसूले 10 हजार, इंफोर्समेंट टीम ने आरोपी को पकड़ा
शिकायत मिलने पर सक्रिय इंफोर्समेंट टीम ने पकड़ा, सख्ती के साथ वापस कराए रुपये
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां राजघाट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी देने के एवज में 10 हजार रुपये वसूल लिए गए। इसकी सूचना किसी ने नगर निगम व प्रशासनिक अफसरों को दी। इसपर छापा मारकर आरोपी को दबोचा गया। पूछताछ में पता चला कि वह बाहर से आकर लकड़ी बेच रहा है। नगर निगम की टीम ने सख्ती दिखाते हुए रुपये भी वापस कराए।
नगर निगम की ओर से राजघाट अंत्येष्टि स्थल पर कोरोना संक्रमित शवों के पंजीयन व अंतिम संस्कार तक की निशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद मनमानी की जा रही है। बुधवार को एक परिवार संक्रमित का अंतिम संस्कार करने आया तो सड़क के पास एक व्यक्ति ने लकड़ी के लिए 10 हजार रुपये ले लिया। इसकी शिकायत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से की गई। इसी आधार पर जिला प्रशासन व नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम पहुंची और आरोपी को धर दबोचा।
इंफोर्समेंट टीम के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित शवों का पंजीयन से लेकर दाह संस्कार पूरी तरह से निशुल्क है। इंफोर्समेंट टीम लगातार निगरानी करती रहती है। इसमें टीम लीडर अशोक सिंह, आरके पांडेय, एसपी शर्मा, केके सिंह, हवलदार ओपी सिंह, घनश्याम, व्यासमुनि पांडेय, अवनीश त्रिपाठी, डब्लू कुमार सिंह, कमलेश्वर सिंह की ड्यूटी लगाई गई है।
अगर कोई पैसा मांगता है तो इन नंबरों पर करें शिकायत
कोरोना संक्रमित शवों के दाह संस्कार के लिए अगर कोई भी पैसा मांगता है तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी के मोबाइल नंबर 7311180345 या मुख्य अभियंता के मोबाइल नंबर 7311180326 पर शिकायत की जा सकती है।
अंतिम संस्कार में आने वाले परिजनों के लिए घाट पर ही हेल्प डेस्क
गोरखपुर मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि शवदाह स्थल पर ही हेल्प डेस्क की भी व्यवस्था है। अंतिम संस्कार में आने वाले परिजनों द्वारा बताई गई समस्याओं का समाधान यह डेस्क करेगी। मेयर के मुताबिक हेल्प डेस्क को संचालित करने की जिम्मेदारी इंफोर्समेंट टास्क फोर्स के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह को दी गई है। इनके ही नेतृत्व में हेल्पडेस्क काम करेगी। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले परिवारीजनों तथा शुभचिंतकों द्वारा जो भी समस्याएं बताई जाएंगी, उसका निदान हेल्प डेस्क कराएगी।