दिल्ली में जल संकट खत्म, हरियाणा ने शुरु की पानी की सप्लाई
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हरियाणा के मुख्य सचिव के मंगलवार को दिए आश्वासन के बाद बुधवार दोपहर से दिल्ली को फिर से पानी की आपूर्ति शुरु कर दी गई, जिसके बाद दिल्ली का जल संकट खत्म हो गया है।
#Haryana resumes supply, #Delhi's water crisis to ease.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 17, 2017विज्ञापन
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार रात सवा दस बजे ट्वीट कर कहा कि हरियाणा के मुख्य सचिव ने दिल्ली सरकार को आश्वासन दिया है कि बुधवार दोपहर बाद से यमुना में पानी की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
Delhi Water Crisis: Chief Secretary Haryana has just assured that water supply in Yamuna would be back to normal by tomorrow afternoon.
— Manish Sisodia (@msisodia) May 16, 2017
इससे पहले मंगलवार दिन में दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार की ओर से 80 एमजीडी (मिलियन गैलन/डे) पानी रोकने को विशुद्ध राजनीतिक मसला करार दिया है। जल मंत्री का चार्ज संभाल रहे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले में उपराज्यपाल अनिल बैजल से पीएमओ से हस्तक्षेप के लिए आगे बात करने का अनुरोध किया है। दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री ने जलबोर्ड से दिल्ली उच्च न्यायालय में हरियाणा के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में साफ किया कि हरियाणा जो पानी की कटौती कर रहा है, उससे मुश्किल नई दिल्ली के बाहर ही नहीं बल्कि पूरी दिल्ली में होगी। कटौती उस इलाके में भी होगी, जहां पीएमओ, केंद्र के मंत्री और केंद्र सरकार के अधिकारी रहते हैं। यहां पानी का अपना स्रोत नहीं है कुछ हरियाणा के कैनाल से आता है और कुछ यमुना से लेते हैं।
हरियाणा ने 80 एमजीडी पानी रोका हुआ है
सिसोदिया ने कहा कि न्यायालय ने दिल्ली के हिस्से का पूरा पानी सप्लाई करने का आदेश जारी किया हुआ है लेकिन हरियाणा ने 80 एमजीडी पानी रोका हुआ है। यह पूरी तरह से राजनीतिक मसला है। प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्तक्षेप करना पड़ेगा। अगर पीएमओ हस्तक्षेप नहीं करेगा तो कटौती पूरी दिल्ली में होगी।
उपमुख्यमंत्री ने शाम को जल बोर्ड अधिकारियों की एक बैठक भी बुलाई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मई के गर्म महीने में हरियाणा से पानी कटौती के प्रभाव का आकलन लिया। वहीं उपमुख्यमंत्री ने जलबोर्ड अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी कानूनी व सामान्य उपाय करें ताकि निर्बाध जलापूर्ति दिल्ली वालों को मिल सके।
बैठक के बाद सिसोदिया ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि दिल्ली में जल संकट अभी हल नहीं हुआ है। अदालत के आदेश के बावजूद पानी रोक दिया गया है। मैंने दिल्ली जल बोर्ड को उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
पेयजल संकट जारी, कई इलाकों में कम हुई आपूर्ति
दिल्ली सरकार के दखल के बावजूद भी पूरा पानी के देने के लिए हरियाणा तैयार नहीं हुआ है। पिछले चार दिनों की भांति मंगलवार को भी हरियाणा से दिल्ली को पूरा पानी नहीं मिला। इसके चलते 40 प्रतिशत दिल्ली में पेयजल संकट बरकरार है, क्योंकि पूरा पानी नहीं मिलने के कारण दिल्ली जल बोर्ड के आधा दर्जन जलशोधक संयंत्र पूरी क्षमता से नहीं चल रहे हैं।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, हरियाणा से पानी की कटौती होने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। इस कारण यमुना नदी और पश्चिम यमुना नहर से दिल्ली जल बोर्ड को पर्याप्त पानी नहीं मिला।
इस कारण यमुना नदी और पश्चिम यमुना नहर से जुड़े वजीराबाद, चंद्रावल, हैदरपुर, नांगलोई, बवाना, द्वारका जलशोधक संयंत्र में पानी का उत्पादन गिर गया है। जबकि दिल्ली के अधिकांश प्रमुख इलाकों में इन्हीं संयंत्रों से पेयजल आपूर्ति की जाती है।
दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, इन आधा दर्जन संयंत्रों में पानी का उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत कम हो रहा है। उधर, आधा दर्जन संयंत्रों में पानी का उत्पादन प्रभावित होने के कारण पूर्वी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, पुरानी दिल्ली व नई दिल्ली के अधिकतर इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। इसी तरह पश्चिमी दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली और दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों में न तो पूरे दबाव से पेयजल आपूर्ति हो रही है और न ही निश्चित समय तक लोगों के घरों में पानी पहुंच रहा है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव को पानी की कटौती के संबंध में हरियाणा सरकार से बातचीत करने के निर्देश दिए थे।