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Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से, सीएजी रिपोर्ट से सियासी तापमान बढ़ने के आसार

Sat, 27 Dec 2025 01:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 27 Dec 2025 01:55 AM IST
सार

सर्दी में आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र में सियासी तापमान बढ़ने के आसार हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखने की तैयारी है।

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The Delhi Assembly's winter session will begin on January 5
दिल्ली विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 से 8 जनवरी तक चलेगा। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि डिजिटल, तय समय और अनुशासित तरीके से सत्र चलेगा। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है और सदस्यों व अधिकारियों को समन भेज दिए गए हैं।

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विधानसभा सचिवालय में शुक्रवार को प्रेस वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि यह दिल्ली की आठवीं विधानसभा का चौथा सत्र होगा। यह शीतकालीन सत्र चार दिनों तक चलेगा। इस बार सदन की कार्यवाही में सटीकता, समय पालन और संसदीय अनुशासन पर विशेष जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव और अन्य दस्तावेज डिजिटल माध्यम से पेश किए जाएंगे, जिससे कार्यवाही ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बन सके। सत्र के दौरान कई अहम कागजात सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है, जिनसे जुड़े जरूरी प्रबंध भी कर लिए गए हैं।
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विधानसभा अध्यक्ष की देखरेख में होगी अंतरराष्ट्रीय रामकथा
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 17 से 25 जनवरी को भारत मंडपम के मल्टी पर्पज हॉल में नौ दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रामकथा का आयोजन होगा। इसमें रामकथा वाचक मोरारी बापू प्रवचन देंगे। इस मौके पर मौजूद जैन आचार्य और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश ने बताया कि यह आयोजन विश्व शांति मिशन के तहत किया जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस आयोजन समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष इसके मुख्य संरक्षक होंगे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से शांति, करुणा, सत्य और सामाजिक समरसता की प्रेरणा मिलती है। रामकथा में देश के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और यूएई सहित कई देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे, जिससे दिल्ली में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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सीएजी रिपोर्ट से फिर गरमाएगा दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र
सर्दी में आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र में सियासी तापमान बढ़ने के आसार हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखने की तैयारी है। रिपोर्ट में शीश महल, आम आदमी मुहल्ला क्लीनिक, लाडली योजना और आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान प्रचार पर हुए कथित अंधाधुंध खर्च जैसे मुद्दे शामिल होंगे, जिन्हें लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होना तय माना जा रहा है।

विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, सीएजी रिपोर्ट के पेश होते ही सदन में राजनीतिक टकराव तेज हो सकता है। खास तौर पर शीश महल का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में रहेगा। यही मामला पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के लिए बड़ा विवाद बना था और सत्ता से बाहर होने के बाद भी यह मुद्दा उसका पीछा नहीं छोड़ रहा है। भाजपा की नई सरकार बने करीब 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन शीश महल से जुड़े सवाल अब भी अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए असहज बने हुए हैं।

सीएजी रिपोर्ट में मुहल्ला क्लीनिक और लाडली योजना के क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं के साथ-साथ सरकारी विज्ञापनों और प्रचार पर खर्च को भी सामने लाया जाएगा। मौजूदा भाजपा सरकार का आरोप है कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रचार पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च किया, जबकि आप पार्टी इन आरोपों से लगातार इन्कार करती रही है। ऐसे में रिपोर्ट सामने आने के बाद सदन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।

विशेष समिति के सामने पेश नहीं हुए थे केजरीवाल
विधानसभा की एक विशेष समिति ने नवंबर में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और उपाध्यक्ष राखी बिड़लान को फांसीघर के मुद्दे पर पेश होने के लिए बुलाया था, लेकिन आप का कोई भी नेता समिति के सामने पेश नहीं हुआ। अब शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा भी दोबारा गरमा सकता है।

सभी सदस्यों को बोलने के लिए समय रहेगा तय
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस बार सदन की कार्यवाही तय नियमों के तहत चलेगी। सभी सदस्यों को बोलने के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा और किसी भी तरह की अशांति या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अध्यक्ष ने कहा कि नियम तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। आप सरकार के दौरान विजेंद्र गुप्ता नेता विपक्ष थे और उस समय उन्हें कई बार सदन से बाहर भी किया गया था। हालांकि उनके नेतृत्व में पिछली बैठक में ज्यादा हंगामा नहीं देखने को मिला और सत्ता पक्ष ने सदन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने की कोशिश की थी। उस बैठक में स्कूल फीस बिल जैसे अहम मुद्दे उठे थे।


महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में रखे जाएंगे
इस बार भी उम्मीद जताई जा रही है कि राजनीतिक टकराव के बीच दिल्लीवासियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में रखे जाएंगे। साथ ही सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाने और समाधान की दिशा में चर्चा करने का मौका मिलेगा, लेकिन सीएजी रिपोर्ट के चलते सदन का माहौल गर्म रहना लगभग तय है।

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