आतंक पर वार: शिव का टैटू बना होने के कारण हत्या के लिए राजकुमार को चुना, शव के टुकड़े कर पाकिस्तान भेजा वीडियो
भगवान शिव का टैटू देखकर आतंकियों को लगा कि वह हिंदूवादी युवक है। इन्होंने युवक की हत्या कर उसके शव के आठ टुकड़े किए और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में आकाओं को भेजी।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में मौजूद आतंकी नौशाद व जगजीत सिंह उर्फ जग्गा ने भलस्वा डेयरी निवासी राजकुमार को हत्या के लिए इसलिए चुना था क्योंकि उसकी बाजू पर भगवान शिव का टैटू बना हुआ था। आरोपियों ने जान-बूझकर हिंदू युवक को हत्या के लिए चुना था, ताकि पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा व आईएसआई के आका खुश हो सके।
भगवान शिव का टैटू देखकर इनको लगा कि वह हिंदूवादी युवक है। सौहेल ने दिसंबर, 2022 में आरोपियों से पूछा था कि वे क्या कर सकते हैं। इन्होंने युवक की हत्या कर उसके शव के आठ टुकड़े किए और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में आकाओं को भेजी। दोनों आतंकियों ने पूछताछ में ये खुलासा किया है।
आरोपी ने बताया कि वह कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप उर्फ डल्ला से भी इसी मोबाइल नंबर से बात करता था। वह ज्यादातर सिग्नल एप से बात करता था। पाकिस्तान में बैठे आतंकी सौहेल ने जगजीत को भारत में युवकों को जेहादी बनाने के लिए कार्यक्रम शुरू करने के लिए कहा था। इसके एवज में पैसे देने का लालच दिया था। सौहेल ने आरोपी को पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्या का भी आदेश दिया था।
हल्द्वानी जेल में पढ़ी थीं खालिस्तान समर्थकों पर लिखी पुस्तकें
जगजीत सिंह हल्द्वानी जेल में बंद था। जेल में वह बलजिंदर सिंह बल्ली से मिला था। उसने उसे खालिस्तानी समर्थकों पर लिखी गई दो पुस्तकें दी थी। ये पुस्तकें मनिंदर सिंह बज्जा की लिखी हुई है। इस पुस्तकों को पढ़कर जगजीत हार्डकोर खालिस्तानी समर्थक बन गया था। जेल में वह बंबीहा गिरोह के गैंगस्टर फतेह नागरी, अमर सरपंच और भल्ला सेखोन के संपर्क में आया। फतेह नागरी बंबीहा गिरोह में नंबर दो पर है। इन लोगों ने जगजीत को बंबीहा गिरोह की कार्यशैली के बारे में बताया था। बंबीहा गिरोह के जरिए व अर्शदीप के संपर्क में आया।
कई देशों में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में था
जगजीत सिंह बंबीहा गिरोह के कई बड़े गैंगस्टरों के संपर्क में था। वह जर्मनी में बैठे खालिस्तानी आतंकी प्रर्बप्रीत सिंह व शोकेर, कनाडा में बैठे अर्शदीप, सऊदी अरब में बैठे हनी गुरदासपुरिया, इटली में बैठे बॉबी, पाकिस्तान में बैठे सौहेल और कनाड़ा में बैठे गुरपंत सिंह पन्नू के संपर्क में था। ये सोशल मीडिया के जरिए इनसे बात करता था। इसके फेसबुक पर तीन, व्हाट्सएप व सिग्नल एप पर एक-एक एकाउंट बना हुआ था। ये ज्यादातर सिग्नल एप से ही बात करता था। इसकी फेसबुक पर कप्तानसाहब (हिंदी), कप्तानकप्तान(पंजाबी), सासूजाट अमरितसारिया (पंजाबी) और शेरा खूबी के नाम से आईडी बनी हुई थीं।