प्राइवेट स्कूलों को पसंद नहीं आ रहा मोदी का यह आदेश
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शिक्षक दिवस के दिन टीवी, रेडियो, इंटरनेट के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के हर बच्चे लाइव संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के इस भाषण को देश के हर स्कूल में लाइव दिखाए जाने के आदेश दिए गए हैं।
यह भाषण किसी भी माध्यम से दिखाया या सुनाया जाना अनिवार्य है। अब पीएम की यही मंशा दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को बिल्कुल रास नहीं आ रही है। दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों का मानना है कि इस तरह सारी व्यवस्थाएं उन पर थोपी जा रही हैं।
दिल्ली सरकार के डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन ने प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को अधिसूचना जारी की है कि 5 सितंबर के दिन प्रधानमंत्री के संबोधन को बच्चों को दिखाया जाए और टीवी या इंटरनेट के माध्यम से शाम 3 बजे से लेकर 4:45 तक प्रश्न उत्तर सेशन का प्रबंध करें। इस अधिसूचना में ये साफ निर्देश है कि इन सब प्रबंध में कोई भी कोताही की गई तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
शिक्षक दिवस अच्छे से ना मना पाने का है डर
यह अधिसूचना मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद आया जिसमें पूरे देश के स्कूलों को प्रधानमंत्री के लाइव टीवी प्रसारण को बच्चों दिखाने को कहा गया है। इस संबंध में सरकार का निर्देश है कि स्कूल अपने यहां टेलिविजन, सेट टॉप बॉक्स कनेक्शन, प्रोजेक्टर, स्क्रीन्स, एंप्लीफायर और जनरेटर या इंवर्टर आदि की व्यवस्थाएं कर लें यदि उपलब्ध नहीं है।
हालांकि अधिकतर प्राइवेट स्कूलों ने पीएम के इस कदम को सकारात्मक और सही कदम बताया है पर उनका मानना है कि इस व्यवस्था को जरूरी किए जाने से बच्चे इस दिन को अच्छी तरह नहीं मना पाएंगे, जिससे टीचरों पर बहुत दबाव पड़ेगा।
पूसा रोड स्थित स्प्रिंग डेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमीता मुल्ला वत्तल का कहना है कि ये पीएम का एक अच्छा कदम जिससे बच्चे उनसे जुड़ सकेंगे और उनकी नजरों में टीचरों की भी अहमियत भी बढ़ेगी। पर शिक्षक दिवस टीचरों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होता है जो इस आदेश की व्यवस्थाओं को ही देखने में निकल जाएगा।
वसंत विहार स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल मधुलिका सेन ने कहा कि बहुत से प्राइवेट स्कूलों को इन तैयारियों को करने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा।