दिल्ली की हवा हुई जहरीली, नहीं सुधरे हालात, ईपीसीए ने बढ़ाई 12 नवंबर तक ग्रैप सिस्टम की अवधि
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दिवाली की आतिशबाजी के धुएं से आम आदमी की सांसों पर छाया संकट तीन दिन बाद भी दूर नहीं हुआ है। आज भी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। बता दें कि शुक्रवार को भी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता थोड़ी सुधरी। लेकिन सूचकांक अब भी खतरनाक स्तर पर होने से सुबह के समय स्मॉग की मोटी चादर फैली रही, जिससे सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
वहीं प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाया गए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने आज बैठक की। इस बैठक में उन कामों पर रोक बढ़ा दी गई है जिन्हें प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाया गया था। यह रोक आज यानी 10 नवंबर को समाप्त हो रही थी। इनमें शामिल हैं-
- दिल्ली और एनसीआर में निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद रहेगा
- स्टोन क्रशर और हॉट मिक्स प्लांट बंद रहेंगे
- सभी प्लांट्स जिसमें ईंधन के तौर पर कोयले या बॉयोमॉस का इस्तेमाल होता है वो बंद रहेंगे
- ट्रकों की एंट्री पर बैन
दिल्ली-एनसीआर में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि स्कूलों को बंद करने और ऑड-इवन लागू करने पर विचार चल रहा है। सूत्रों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों के लिए प्रशासन स्कूल बंद कर सकता है। वहीं दिल्ली सरकार एक बार फिर ऑड-इवन लागू कर सकती है।
गौरतलब है कि हवा की गुणवत्ता की यह हालत इसके बावजूद हुई कि शुक्रवार को राजधानी की सीमाओं पर बाहर से आने वाले 400 ट्रकों को प्रवेश करने से रोक दिया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 421 बताया, जबकि सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का सूचकांक बृहस्पतिवार को 642 की तुलना में शुक्रवार को 453 रहा। दिल्ली में सबसे खराब हवा वजीराबाद की थी। इस इलाके का सूचकांक 454 पर रहा। बाकी 35 मॉनीटरिंग स्टेशनों में भी ज्यादातर का सूचकांक 400 के ऊपर ही रहा।
वहीं शनिवार को भी हालात ज्यादा सुधरे नहीं हैं। दिल्ली के आरके पुरम में हवा का सूचकांक 278 है जो बहुत अस्वस्थ्य है।
Delhi's RK Puram is at 278 under 'Very Unhealthy' category, in the Air Quality Index pic.twitter.com/YD8ONdOf22
— ANI (@ANI) November 10, 2018
फरीदाबाद की हवा रही सबसे खराब
75 से 55 फीसदी पर आया पीएम स्तर
सफर के अनुसार, शुक्रवार को हवा में पीएम10 का औसत 440 व पीएम 2.5 का 303 था। दोनों प्रदूषक शुक्रवार दिन भर में खतरनाक स्तर पर रहे। हालांकि, दो दिन में हवा में दोनों प्रदूषकों का स्तर 75 फीसदी से घटकर 55 फीसदी पर आ गया। सफर ने संभावना जताई है कि शनिवार को भी कमोवेश यही हालत रहेगी, लेकिन रविवार को प्रदूषण के स्तर में सुधार हो सकता है।
हवा की धीमी चाल बिगाड़ रही स्थिति
सफर का कहना है कि बृहस्पतिवार की अपेक्षा शुक्रवार को वायु प्रदूषण में धीरे-धीरे सुधार आया है। लेकिन हवा की चाल धीमी ही रहने के कारण गुणवत्ता का स्तर बहुत ज्यादा नहीं सुधर पाया है। शुक्रवार देर रात से धरती की ऊपरी सतह पर हवा की चाल में तेजी के आसार बन रहे हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार होगा और रविवार तक गुणवत्ता सूचकांक बेहद खतरनाक स्तर से बहुत खराब या उससे भी नीचे खराब के स्तर पर पहुंच सकता है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली के पड़ोस में जली रिकॉर्ड पराली
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) की तरफ से बताया गया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में 2100 जगह पराली जलाई गई। यह इस साल अब तक की सबसे ज्यादा पराली जलाने का आंकड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके चलते दिल्ली की हवा के और खराब होने के आसार हैं।
दिल्ली-एनसीआर में फरीदाबाद की हवा सबसे खराब
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात 445 ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया और उन्हें वापस लौटा दिया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 23 बॉर्डरों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की थी। हालांकि बॉर्डरों पर ट्रकों से को रोकने से किसी भी बॉर्डर पर जाम नहीं लगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इसका श्रेय हरियाणा व यूपी पुलिस को दी। जरूरी सामान लाने वाले 1080 ट्रकों को ही दिल्ली प्रवेश में करने दिया गया था।
दिल्ली पुलिस केसंयुक्त पुलिस आयुक्त(ट्रैफिक) आलोक कुमार ने बताया कि बॉर्डरों पर ट्रकों केरोकने का नोटिफिकेशन जारी होने केबाद ही दिल्ली के टीकरी, रजोकरी, बदरपुर बॉर्डर, लोनी, गाजियाबाद, सिंघु आदि 23 मुख्य बॉर्डरों पर ही रात में ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। ट्रैफिक पुलिस केसाथ लोक ल थाना पुलिस और पीसीआर पुलिस भी साथ में थी। चैकिंग के बाद रात में पूरी रात में 445 ट्रकों को वापस लौटा दिया गया। करीब 1080 ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया। ये वो ट्रक थे जो जरूरत का सामान लेकर दिल्ली आ रहे थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि ट्रकों को वापस लौटाने के दौरान किसी भी बॉर्डर पर जाम नहीं लगा और न ही जाम जैसे हालत पैदा हुए। संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना है कि हरियाणा व यूपी की पड़ोसी शहरों की पुलिस का अच्छा सहयोग मिला। पड़ोसी राज्यों की पुलिस ने ट्रकों को शुरू से ही दिल्ली बॉडरों की तरफ न आने दिया। इससे दिल्ली केबॉर्डरों पर जाम नहीं लगा। 11 नवंबर तक दिल्ली ट्रैफिक के इंतजाम बॉर्डरों पर ऐसे ही रहेंगे।
भाईदूज के लिए चैकिंग की गई थी
संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि भाईदूज को देखते हुए दिल्ली में 227 जगहों पर पुलिस की चैकिंग की गई थी। इस कारण दिल्ली में भाईदूज वाले दिन कहीं भी जाम नहीं लगा और नहीं ट्रैफिक भारी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की टीमों की शुक्रवार सुबह ही तैनाती कर दी गई थी।