{"_id":"5fe966ff8ebc3e3d723f87f2","slug":"pm-modi-appreciates-healing-himachal-campaign-of-pradeep-sangwan-in-his-mann-ki-baat-program","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कभी पिता ने घर से निकाल दिया था, आज प्रदीप के 'हीलिंग हिमाचल' अभियान की पीएम मोदी ने की तारीफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कभी पिता ने घर से निकाल दिया था, आज प्रदीप के 'हीलिंग हिमाचल' अभियान की पीएम मोदी ने की तारीफ
Mon, 28 Dec 2020 10:53 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 28 Dec 2020 10:53 AM IST
विज्ञापन
प्रदीप सांगवान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरे पिता ने मुझे जिस सफाई संबंधी कार्य करने पर घर से निकाल दिया था। आज उसी कार्य के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में मेरी तारीफ की। मैंने जब उनको टेलीफोन करके बताया तो वे भावुक हो गए और उन्होंने शाबाशी दी। यह बातें ‘हीलिंग हिमालय’ अभियान चला रहे प्रदीप सांगवान ने अमर उजाला के साथ साझा की।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में हिमाचल के अलग-अलग इलाकों में साफ-सफाई के लिए ‘हीलिंग हिमालय’ नाम से अभियान चला रहे जिले के प्रदीप सांगवान की चर्चा की। पीएम ने कहा कि हमें ही यह संकल्प लेना चाहिए कि हम कचरा फैलाएं ही नहीं।
नए साल के संकल्पों में से एक ये संकल्प भी होना चाहिए। सेक्टर-61 स्थित पाइनियर पार्क में रह रहे 35 वर्षीय प्रदीप मूल रूप से चरखी दादरी जिले के झोझू कलां के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में यह अभियान शुरू किया था और इसमें काफी युवाओं को जोड़ा है।
विज्ञापन
वे अपनी टीम के साथ हिमालय के अलग-अलग इलाकों में जाते हैं और वहां जो प्लास्टिक कचरा पर्यटक छोड़कर आते हैं, उसे एकत्रित करके लाते हैं। वह अभी तक कई टन प्लास्टिक कचरा साफ कर चुके हैं।
आर्मी में अधिकारी बनाना चाहते थे पिता
अजमेर स्थित मिलिट्री स्कूल में पढ़े प्रदीप बताते हैं कि उनके पिता सूरजभान सांगवान आर्मी में थे। उनके पिता उन्हें आर्मी में अधिकारी बनाना चाहते थे। इसी कारण उन्हें इस स्कूल में पढ़ाया, लेकिन वह आर्मी में अधिकारी नहीं बन पाए। इस कारण उनके पिता मायूस थे।
उन्होंने जब वर्ष 2016 में हीलिंग हिमाचल अभियान शुरू किया तो उनके पिता काफी नाराज हुए और उन्होंने उनको घर से निकाल दिया। वह करीब दो साल तक घरवालों से दूर रहे। इसके बाद वह गुरुग्राम में रहने लग गए।
इसी बीच उन्होंने वर्ष 2018 में अपने गांव एवं आसपास के गांवों के स्कूल में कार्य करने का निर्णय लिया। इस दौरान परिजनों से बातचीत आरंभ हुई और उनका घर भी आना-जाना शुरू हो गया और अब उनके घर वाले खुश हैं।
विज्ञापन
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में हिमाचल के अलग-अलग इलाकों में साफ-सफाई के लिए ‘हीलिंग हिमालय’ नाम से अभियान चला रहे जिले के प्रदीप सांगवान की चर्चा की। पीएम ने कहा कि हमें ही यह संकल्प लेना चाहिए कि हम कचरा फैलाएं ही नहीं।
विज्ञापन
नए साल के संकल्पों में से एक ये संकल्प भी होना चाहिए। सेक्टर-61 स्थित पाइनियर पार्क में रह रहे 35 वर्षीय प्रदीप मूल रूप से चरखी दादरी जिले के झोझू कलां के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में यह अभियान शुरू किया था और इसमें काफी युवाओं को जोड़ा है।
विज्ञापन
वे अपनी टीम के साथ हिमालय के अलग-अलग इलाकों में जाते हैं और वहां जो प्लास्टिक कचरा पर्यटक छोड़कर आते हैं, उसे एकत्रित करके लाते हैं। वह अभी तक कई टन प्लास्टिक कचरा साफ कर चुके हैं।
आर्मी में अधिकारी बनाना चाहते थे पिता
अजमेर स्थित मिलिट्री स्कूल में पढ़े प्रदीप बताते हैं कि उनके पिता सूरजभान सांगवान आर्मी में थे। उनके पिता उन्हें आर्मी में अधिकारी बनाना चाहते थे। इसी कारण उन्हें इस स्कूल में पढ़ाया, लेकिन वह आर्मी में अधिकारी नहीं बन पाए। इस कारण उनके पिता मायूस थे।
उन्होंने जब वर्ष 2016 में हीलिंग हिमाचल अभियान शुरू किया तो उनके पिता काफी नाराज हुए और उन्होंने उनको घर से निकाल दिया। वह करीब दो साल तक घरवालों से दूर रहे। इसके बाद वह गुरुग्राम में रहने लग गए।
इसी बीच उन्होंने वर्ष 2018 में अपने गांव एवं आसपास के गांवों के स्कूल में कार्य करने का निर्णय लिया। इस दौरान परिजनों से बातचीत आरंभ हुई और उनका घर भी आना-जाना शुरू हो गया और अब उनके घर वाले खुश हैं।
सर्दी में ही गुरुग्राम में आते हैं सांगवान
चार भाई-बहनों में सबसे छोटे प्रदीप सांगवान बताते हैं कि वह गुरुग्राम में सर्दी के मौसम में ही आते हैं, क्योंकि सर्दी में हिमाचल में बर्फ गिरने के कारण कचरा एकत्रित करने में दिक्कत आती है। वह यहां करीब दो माह तक रुकते हैं। इस दौरान वे उन लोगों के साथ बैठक करते हैं जो हिमाचल में पर्यावरण की रक्षा करने में रुचि लेते हैं।
रणदीप हुड्डा भी करते हैं सांगवान की मदद
पहाड़ों से कचरा साफ करने के मामले में प्रदीप की फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा भी मदद करते हैं। इस कारण वह अपनी प्रत्येक गतिविधि की रणदीप हुड्डा को ट्वीट करके जानकारी देते रहते हैं।
उनकी कोशिश है कि मायानगरी में भी ग्रामीण पृष्ठभूमि के अन्य स्टारों से भी तालमेल किया जाए। इस मामले में रणदीप हुड्डा की मदद ले रहे हैं। वह प्लास्टिक कचरा एकत्रित करने के लिए हिमाचल के क्षेत्र में 17-18 हजार फुट ऊंचाई तक जाते हैं।
चार भाई-बहनों में सबसे छोटे प्रदीप सांगवान बताते हैं कि वह गुरुग्राम में सर्दी के मौसम में ही आते हैं, क्योंकि सर्दी में हिमाचल में बर्फ गिरने के कारण कचरा एकत्रित करने में दिक्कत आती है। वह यहां करीब दो माह तक रुकते हैं। इस दौरान वे उन लोगों के साथ बैठक करते हैं जो हिमाचल में पर्यावरण की रक्षा करने में रुचि लेते हैं।
रणदीप हुड्डा भी करते हैं सांगवान की मदद
पहाड़ों से कचरा साफ करने के मामले में प्रदीप की फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा भी मदद करते हैं। इस कारण वह अपनी प्रत्येक गतिविधि की रणदीप हुड्डा को ट्वीट करके जानकारी देते रहते हैं।
उनकी कोशिश है कि मायानगरी में भी ग्रामीण पृष्ठभूमि के अन्य स्टारों से भी तालमेल किया जाए। इस मामले में रणदीप हुड्डा की मदद ले रहे हैं। वह प्लास्टिक कचरा एकत्रित करने के लिए हिमाचल के क्षेत्र में 17-18 हजार फुट ऊंचाई तक जाते हैं।