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Delhi NCR News: न्यायमूर्ति को मर्डरर बताने वाले यूट्यूबर को हाईकोर्ट का नोटिस
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सैदुलाजब में इमारत गिरने पर वीडियो बनाकर न्यायमूर्ति को कहा था मर्डरर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक सोशल मीडिया यूजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने उससे पूछा है कि मई में दिल्ली के सैदुलाजाब में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना को लेकर एक सेवारत न्यायाधीश के खिलाफ बनाए उसके यूट्यूब वीडियो पर क्यों अवमानना की कार्रवाई शुरू न की जाए। न्यायालय ने इन वीडियो को प्रथमदृष्टया अवमाननापूर्ण बताया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने सोशल मीडिया यूजर के सभी खातों को ब्लॉक करने संबंधी 8 जून के आदेश को वापस लेने से भी इनकार कर दिया। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, आपत्तिजनक वीडियो की विषय-वस्तु को देखते हुए, जो प्रथमदृष्टया अवमाननापूर्ण हैं, न्यायालय ने न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15 के तहत संज्ञान लेना उचित समझा। तदनुसार, रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया कि न्यायालय अवमानना (दिल्ली उच्च न्यायालय) नियम, 2025 के नियम 10 के तहत प्रतिवादी संख्या 1 पर औपचारिक कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए कि उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। गौरतलब है कि सैदुलाजाब में मई में एक बहुमंजिला इमारत के ढहने के बाद सोशल मीडिया यूजर ने संबंधित न्यायाधीश के खिलाफ वीडियो जारी किए थे। इन्हीं वीडियो को लेकर न्यायालय ने अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक सोशल मीडिया यूजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने उससे पूछा है कि मई में दिल्ली के सैदुलाजाब में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना को लेकर एक सेवारत न्यायाधीश के खिलाफ बनाए उसके यूट्यूब वीडियो पर क्यों अवमानना की कार्रवाई शुरू न की जाए। न्यायालय ने इन वीडियो को प्रथमदृष्टया अवमाननापूर्ण बताया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने सोशल मीडिया यूजर के सभी खातों को ब्लॉक करने संबंधी 8 जून के आदेश को वापस लेने से भी इनकार कर दिया। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, आपत्तिजनक वीडियो की विषय-वस्तु को देखते हुए, जो प्रथमदृष्टया अवमाननापूर्ण हैं, न्यायालय ने न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15 के तहत संज्ञान लेना उचित समझा। तदनुसार, रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया कि न्यायालय अवमानना (दिल्ली उच्च न्यायालय) नियम, 2025 के नियम 10 के तहत प्रतिवादी संख्या 1 पर औपचारिक कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए कि उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। गौरतलब है कि सैदुलाजाब में मई में एक बहुमंजिला इमारत के ढहने के बाद सोशल मीडिया यूजर ने संबंधित न्यायाधीश के खिलाफ वीडियो जारी किए थे। इन्हीं वीडियो को लेकर न्यायालय ने अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।