निर्भया मामले में सात साल बाद नाटकीय मोड़, आरोपी बोला- घटना के वक्त था नाबालिग
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निर्भया दुष्कर्म मामले में सात साल बाद नाटकीय मोड़ आ गया है। दरअसल इस केस के एक दोषी पवन कुमार गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। जिसमें उसने दावा किया है कि वह दिसंबर 2012 में घटना के समय नाबालिग था और इसकी जांच उस समय नहीं की गई। उसने कहा कि इससे उसको छूट मिलनी चाहिए।
Pawan Kumar Gupta, one of the convicts in Nirbhaya case, moves Delhi HC claiming that he was a juvenile at the time of the offence in December 2012 and his ossification test was not done at that point and should be given the benefit of that. The matter to be heard tomorrow. pic.twitter.com/xGzz5FEUOa
— ANI (@ANI) December 18, 2019विज्ञापन
दया याचिका दायर करने के लिए मिला सात दिन
तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने निर्भया दुष्कर्म मामले के दोषियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी कर कहा कि आपके पास दया याचिका दायर करने के लिए सात दिन का समय है।
Director General (Prison) Sandeep Goel: Tihar jail administration has issued a notice to Nirbhaya gang rape case convicts saying they have 7 days to file mercy petition.
— ANI (@ANI) December 18, 2019
अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका खारिज
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को निर्भया के दोषी अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका ठुकराए जाने के बाद अब दोषियों के डेथ वारंट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख सात जनवरी रखी है। अदालत के इस फैसले से संकेत मिलता है कि कि निर्भया के दोषियों को इस साल फांसी होना मुश्किल है। अदालत ने डेथ वारंट पर सुनवाई टालते हुए कहा कि दया याचिका के लिए दोषियों को नोटिस दिया जाए। इसके खारिज होने के बाद ही डेथ वारंट जारी होगा।
निर्भया की मां कोर्ट में रो पड़ीं
अदालत का फैसला सुनते ही निर्भया की मां कोर्ट में ही रो पड़ीं। उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट से अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज होने पर आज डेथ वारंट जारी हो जाएगा लेकिन ऐसा न हो सका, जिससे वह कुछ दुखी होकर रो पड़ीं।