बिसाहड़ा के मंदिर में रहने पहुंची थी साध्वी, छोड़ा गांव
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बिसाहड़ा में पिछले कुछ दिनों से एक साध्वी के बयान और कार्यक्रमों की घोषणा से पुलिस के साथ उनकी तनातनी के बाद गांव फिर चर्चा में आ गया था। इकलाख हत्याकांड के सवा दो महीने बाद गांव के शुद्धिकरण की बात करने वाली साध्वी ने बुधवार को गांव छोड़ दिया।
वे अपना सामान लेकर चली गई हैं। दरसअल, 28 सितंबर को हुई इकलाख की हत्या के दो महीने बाद एक साध्वी गांव के बाहरी मंदिर में रहने पहुंची थी।
शुरुआत में किसी नहीं पाता था कि वे कौन हैं और कहां से आई। भजन कीर्तन के साथ बीते 7 दिसंबर को गोमूत्र और गंगाजल से गांव के शुद्धिकरण की घोषणा से एक बार फिर गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई।
साध्वी ने छोड़ा गांव, पुलिस दे रही थी धमकियां
माहौल संतुलित रखने और शांति व्यवस्था कामय रखने के इरादे से पुलिस ने शुद्धिक रण रैली नहीं होने दी। हालांकि मंगलवार को भी साध्वी ने गांव के एक घर में भजन कीर्तन कर उसे जारी रखने की बात कही लेकिन बुधवार को वे अचानक अपना सामान लेकर चली गई।
साध्वी के गांव से चले जाने को लेकर चर्चा हैं हालांकि गांव के लोग चुप्पी साधे है। उनके द्वारा इस संबंध में कुछ नहीं कहा जा रहा है। कई दिनों से पुलिस लगातार उसको धमकियां दे रही थी।
उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ग्राम प्रधान संजय राणा का कहना है कि साध्वी अपनी मर्जी से गांव के मंदिर पर आकर रह रही थी अब अपने मर्जी से सामान लेकर चली गई हैं। इस संबंध में उनके द्वारा कुछ नहीं कहा गया है।