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फर्जीवाड़ा: ईडी के नाम पर फर्जी वारंट भेज जालसाजी कर ठगी, जेल भेजने या केस में फंसाने की धमकी देकर डरा रहे
Sun, 07 May 2023 08:12 AM IST
शाहरुख खान
सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 May 2023 08:12 AM IST
सार
नोएडा में ईडी के नाम पर फर्जी वारंट भेज जालसाजी कर ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। जालसाज किसी शख्स के पास पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते हैं और अश्लील वीडियो दिखाने और विदेशी कोरियर में संदिग्ध वस्तु होने का डर दिखाकर वसूली कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ओटीपी पूछकर या लिंक भेजकर साइबर ठगी करने का अंदाज पुराना हो गया। अब साइबर जालसाज पुलिस व प्रवर्तन अधिकारी बनकर ठगी कर रहे हैं। जेल भेजने या फंसाने की धमकी देकर वह लोगों डरा रहे हैं और उगाही कर रहे हैं।
नोएडा में इस तरह के मामले लगातार आ रहे हैं। इस मॉड्यूल के तहत साइबर जालसाज किसी शख्स के पास पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते हैं और अश्लील वीडियो दिखाने और विदेशी कोरियर में संदिग्ध वस्तु होने का डर दिखाकर वसूली कर रहे हैं। ओटीपी व लिंक भेजकर ठगी के मामले को लेकर लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं।
ऐसे में साइबर अपराधियों ने अपना तरीका बदल लिया है। यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि अब साइबर जालसाज लोगों को पुलिस अधिकारी, प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर फोन कर कहते हैं कि आपकी शिकायत मिली है। डराने के लिए जालसाज पुलिस का फर्जी वारंट भी भेजते हैं।
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इसके अलावा जालसाज खुद को नारकोटिक्स, इनकम टैक्स, सीबीआई अधिकारी बताकर नशीला पदार्थ होने या करोड़ों की जूलरी, विदेशी मुद्रा पकड़े जाने की बात बताते हैं। इससे सामने वाला शख्स काफी डर जाता है और जेल जाने के डर से पैसे जालसाजों को भेज देता है।
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नोएडा में इस तरह के मामले लगातार आ रहे हैं। इस मॉड्यूल के तहत साइबर जालसाज किसी शख्स के पास पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते हैं और अश्लील वीडियो दिखाने और विदेशी कोरियर में संदिग्ध वस्तु होने का डर दिखाकर वसूली कर रहे हैं। ओटीपी व लिंक भेजकर ठगी के मामले को लेकर लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं।
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ऐसे में साइबर अपराधियों ने अपना तरीका बदल लिया है। यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि अब साइबर जालसाज लोगों को पुलिस अधिकारी, प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर फोन कर कहते हैं कि आपकी शिकायत मिली है। डराने के लिए जालसाज पुलिस का फर्जी वारंट भी भेजते हैं।
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इसके अलावा जालसाज खुद को नारकोटिक्स, इनकम टैक्स, सीबीआई अधिकारी बताकर नशीला पदार्थ होने या करोड़ों की जूलरी, विदेशी मुद्रा पकड़े जाने की बात बताते हैं। इससे सामने वाला शख्स काफी डर जाता है और जेल जाने के डर से पैसे जालसाजों को भेज देता है।
अभी कुछ दिन पहले ही कोतवाली सेक्टर-58 क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स के पास एक युवती ने फोन किया और उनकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद उस वीडियो को एडिट कर उनके पास भेज दिया।
पुलिस अधिकारी बनकर जालसाज गिरोह के दूसरे शख्स ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उसकी शिकायत थाने में आने की बात कही। डरा धमका कर ढाई लाख रुपये ले लिए। यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि इस तरह के मामलों में ठगी की शुरुआत नाइजीरियाई गैंग ने की थी।
वारंट या पुलिस के नाम से न डरें
यूपी साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि अगर आपके पास पुलिस या किसी अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर फोन करे तो डरें नहीं। पहले सच्चाई का पता कर लें। स्थानीय पुलिस थाने में जाकर जानकारी लें या उनके आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई मेल आईडी लेकर उस पर मेल करें। पुलिस या प्रवर्तन एजेंसियां इस तरह से फोन कर धमकाती नहीं हैं और न ही ब्लैकमेल करती हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) व सीबीआई भी इस तरह से किसी को फोन नहीं करती है।
यूपी साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि अगर आपके पास पुलिस या किसी अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर फोन करे तो डरें नहीं। पहले सच्चाई का पता कर लें। स्थानीय पुलिस थाने में जाकर जानकारी लें या उनके आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई मेल आईडी लेकर उस पर मेल करें। पुलिस या प्रवर्तन एजेंसियां इस तरह से फोन कर धमकाती नहीं हैं और न ही ब्लैकमेल करती हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) व सीबीआई भी इस तरह से किसी को फोन नहीं करती है।
इस तरह से जालसाजी अधिक
हवाई अड्डे पर पर तैनात इमीग्रेशन अधिकारी बनकर।
नारकोटिक्स सेल के अधिकारी बनकर नशीला पदार्थ पकड़े जाने के नाम पर।
आय से अधिक संपत्ति व अवैध संपत्ति रखने को लेकर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर।
क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी के नाम पर धमकी
थाने से वारंट भेजने के नाम पर फ्रॉड।
नारकोटिक्स सेल के अधिकारी बनकर नशीला पदार्थ पकड़े जाने के नाम पर।
आय से अधिक संपत्ति व अवैध संपत्ति रखने को लेकर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर।
क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी के नाम पर धमकी
थाने से वारंट भेजने के नाम पर फ्रॉड।