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Noida News: एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट रखकर सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगी
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एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट रखकर सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की सेवानिवृत्त अधिकारी को वीडियो कॉल के जरिए एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जालसाजों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों से जोड़ने की धमकी दी।
घटना 10 जुलाई को शुरू हुई जब अधिकारी को एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सात युवक गिरफ्तार हुए हैं। उसने दावा किया कि उनके पास से महिला के नाम का आधार कार्ड मिला है। जालसाजों ने महिला को बताया कि वह रितेश मेहता के लिए मनी लॉन्ड्रिंग कर रही हैं और जांच में उनका नाम सामने आया है। उन्हें किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी गई और घर के आसपास सीबीआई टीमों की मौजूदगी का डर दिखाया गया। दबाव में आकर महिला ने दिल्ली जाकर अपने बैंक खाते से 30 लाख रुपये जालसाजों के बताए खाते में भेज दिए। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इस संबंध में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब खातों और कॉल करने वाले आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
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नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की सेवानिवृत्त अधिकारी को वीडियो कॉल के जरिए एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जालसाजों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों से जोड़ने की धमकी दी।
घटना 10 जुलाई को शुरू हुई जब अधिकारी को एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सात युवक गिरफ्तार हुए हैं। उसने दावा किया कि उनके पास से महिला के नाम का आधार कार्ड मिला है। जालसाजों ने महिला को बताया कि वह रितेश मेहता के लिए मनी लॉन्ड्रिंग कर रही हैं और जांच में उनका नाम सामने आया है। उन्हें किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी गई और घर के आसपास सीबीआई टीमों की मौजूदगी का डर दिखाया गया। दबाव में आकर महिला ने दिल्ली जाकर अपने बैंक खाते से 30 लाख रुपये जालसाजों के बताए खाते में भेज दिए। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इस संबंध में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब खातों और कॉल करने वाले आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
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