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Noida News: ऑपरेशन में लापरवाही पर अस्पताल देगा इलाज का खर्च
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ऑपरेशन में लापरवाही पर अस्पताल देगा इलाज का खर्च
-विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल पर लगाया आयोग ने 10 हजार का हर्जाना
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पेट दर्द होने पर पित्त की थैली निकलने के लिए ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई। फिर से दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन कराना पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल को इलाज में खर्च हुए 2.25 लाख रुपये का 30 दिन में भुगतान का आदेश दिया है। अस्पताल पर 10 हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है।
दादरी के फूलपुर गांव निवासी मुनेश के पेट में दर्द होने पर उनको 3 जून 2021 को अस्पताल में दिखाया गया। अल्ट्रासाउंड कराने पर डाॅक्टर ने बताया कि उनकी पित्त की थैली में पथरी है। दस दिन के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के लिए कुमार अस्पताल में दिखाया था। 6 जून 2021 को ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद 9 जून 2021 को अस्पताल से छुट्टी कर दी। लेकिन उसके बाद भी दर्द ठीक नहीं हुआ। दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पित्त की थैली में पथरी होना बताया गया। इसके बाद कैलाश अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। ऐसे में पहले ऑपरेशन में लापरवाही बरतने पर कुमार अस्पताल के खिलाफ पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने इलाज में खर्च 2.25 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है।
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-विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल पर लगाया आयोग ने 10 हजार का हर्जाना
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पेट दर्द होने पर पित्त की थैली निकलने के लिए ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई। फिर से दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन कराना पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल को इलाज में खर्च हुए 2.25 लाख रुपये का 30 दिन में भुगतान का आदेश दिया है। अस्पताल पर 10 हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है।
दादरी के फूलपुर गांव निवासी मुनेश के पेट में दर्द होने पर उनको 3 जून 2021 को अस्पताल में दिखाया गया। अल्ट्रासाउंड कराने पर डाॅक्टर ने बताया कि उनकी पित्त की थैली में पथरी है। दस दिन के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के लिए कुमार अस्पताल में दिखाया था। 6 जून 2021 को ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद 9 जून 2021 को अस्पताल से छुट्टी कर दी। लेकिन उसके बाद भी दर्द ठीक नहीं हुआ। दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पित्त की थैली में पथरी होना बताया गया। इसके बाद कैलाश अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। ऐसे में पहले ऑपरेशन में लापरवाही बरतने पर कुमार अस्पताल के खिलाफ पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने इलाज में खर्च 2.25 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है।
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