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यूपी मंत्रिमंडल में नहीं आया फर्स्ट-सेकेंड का नंबर
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नोएडा (संजय शिशौदिया)। लखनऊ में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रियों ने एक के बाद एक शपथ ग्रहण कर ली। इस दौरान 52 लोगों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, लेकिन यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान रिकॉर्ड मतों से जीतकर पहले और दूसरे नंबर पर आने वाले साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा व नोएडा विधायक पंकज सिंह को इस ताजपोशी में शामिल नहीं किया गया। ऐसे में इन दोनों ही विधायकों के समर्थकों में भारी मायूसी है।
नए परिसीमन के बाद साहिबाबाद सीट से सुनील लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं, जबकि नोएडा सीट से पंकज सिंह ने भी दूसरी बार विधायक की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। सुनील प्रतिद्वंद्वी से 2,14,805 वोट ज्यादा लाकर प्रदेश में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले विधायक हैं। वहीं, पंकज भी 1,81,513 वोट ज्यादा लाकर प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले विधायक हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि इस बार साहिबाबाद और नोएडा विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गौतमबुद्ध नगर से इस बार भी नहीं बना कोई भी मंत्री
लोगों में इस बात पर चर्चा है कि पंकज सिंह का टिकट परिवारवाद के कारण कट गया, लेकिन सुनील शर्मा का तो परिवारवाद भी सामने नहीं आता। ऐसे में उन्हें क्यों दरकिनार कर दिया गया। दूसरी ओर नए मंत्रिमंडल में गौतमबुद्ध नगर जिले से एक भी विधायक को मंत्री न बनाने से लोगों में नाराजगी है। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी को व्यक्त भी किया। जिले में दादरी विधायक तेजपाल नागर और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को भी मंत्री बनाने की चर्चा जोरों पर थीं। इसके बावजूद जिले से एक भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला।
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सोशल मीडिया पर बोले लोग
उद्योग व्यापार मंडल के ग्रुप पर एक व्यापारी का कहना था कि शीर्ष नेतृत्व इतने बडे़ मार्जिन से जीत दर्ज करने वाले विधायक पंकज सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान न देना नोएडा की जनता के भरोसे का अपमान है। गौतमबुद्ध नगर की जनता सिर्फ ताली, थाली, शंख, कटोरी-चम्मच बजाने के लिए है। इसके अलावा कुछ ने इसे संगठन सरकार नेतृत्व के अहंकार की शुरुआत बताया। कुछ ने तो यहां तक कहा कि जिन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया, उनमें ऐसा क्या विशेष था।
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नए परिसीमन के बाद साहिबाबाद सीट से सुनील लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं, जबकि नोएडा सीट से पंकज सिंह ने भी दूसरी बार विधायक की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। सुनील प्रतिद्वंद्वी से 2,14,805 वोट ज्यादा लाकर प्रदेश में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले विधायक हैं। वहीं, पंकज भी 1,81,513 वोट ज्यादा लाकर प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले विधायक हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि इस बार साहिबाबाद और नोएडा विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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गौतमबुद्ध नगर से इस बार भी नहीं बना कोई भी मंत्री
लोगों में इस बात पर चर्चा है कि पंकज सिंह का टिकट परिवारवाद के कारण कट गया, लेकिन सुनील शर्मा का तो परिवारवाद भी सामने नहीं आता। ऐसे में उन्हें क्यों दरकिनार कर दिया गया। दूसरी ओर नए मंत्रिमंडल में गौतमबुद्ध नगर जिले से एक भी विधायक को मंत्री न बनाने से लोगों में नाराजगी है। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी को व्यक्त भी किया। जिले में दादरी विधायक तेजपाल नागर और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को भी मंत्री बनाने की चर्चा जोरों पर थीं। इसके बावजूद जिले से एक भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला।
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सोशल मीडिया पर बोले लोग
उद्योग व्यापार मंडल के ग्रुप पर एक व्यापारी का कहना था कि शीर्ष नेतृत्व इतने बडे़ मार्जिन से जीत दर्ज करने वाले विधायक पंकज सिंह को मंत्रिमंडल में स्थान न देना नोएडा की जनता के भरोसे का अपमान है। गौतमबुद्ध नगर की जनता सिर्फ ताली, थाली, शंख, कटोरी-चम्मच बजाने के लिए है। इसके अलावा कुछ ने इसे संगठन सरकार नेतृत्व के अहंकार की शुरुआत बताया। कुछ ने तो यहां तक कहा कि जिन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया, उनमें ऐसा क्या विशेष था।