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UP: कोल्ड्रिफ सिरप के वितरण पर रोक के साथ नमूना लेकर जांच को भेजने के निर्देश, पाया गया खतरनाक मिश्रण

Sun, 05 Oct 2025 09:23 PM IST
विकास कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा।
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा। Published by: विकास कुमार Updated Sun, 05 Oct 2025 09:23 PM IST
सार

शासन ने आदेश दिए हैं कि किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल, मेडिकल स्टोर या गोदाम में कोल्ड्रिफ सिरप अथवा मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल की अन्य कफ सीरप दवाएं पाई जाएं तो उनका नमूना लिया जाए और वितरण तुरंत रोका जाए। 

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Distributing Coldrif syrup in Uttar Pradesh banned samples sent for testing
कफ सिरप - फोटो : self

विस्तार

कई राज्यों में कथित रूप से जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों के बाद उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कोल्ड्रिफ सिरप की व्यापक जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने राज्यभर के औषधि निरीक्षकों को सतर्क करते हुए निर्देश दिए हैं कि वह मेडिकल स्टोर और अस्पतालों से कफ सीरप के नमूने तत्काल संकलित करें और किसी भी संदिग्ध दवा का वितरण रोकें।

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विभाग ने सूचना दी है कि रविवार को मध्य प्रदेश राज्य के एक पत्र से जानकारी मिली है कि मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल पता बेंगलुरू हाईवे सुंगुवाचत्रम जिला कांचीपुरम, तमिलनाडु द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ सिरप बैच संख्या एसआर-13 (मैन्युफैक्चरिंग मई 2025 समाप्ति अप्रैल 2027) में डायएथिलीन ग्लाइकॉल नामक जहरीले रसायन की मिलावट पाई गई है। 

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रिपोर्ट में बताया गया है कि डायएथिलीन ग्लाइकॉल एक अत्यंत हानिकारक अवयव है। जो मानव शरीर के लिए जानलेवा सिद्ध हो सकता है। इसी कारण औषधि प्रशासन ने राज्यभर में सतर्कता बढ़ाने का निर्णय लिया है। शासन ने आदेश दिए हैं कि किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल, मेडिकल स्टोर या गोदाम में कोल्ड्रिफ सिरप अथवा मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल की अन्य कफ सीरप दवाएं पाई जाएं तो उनका नमूना लिया जाए और वितरण तुरंत रोका जाए। सभी ब्रांडों के कफ सीरप के नमूने लेकर लखनऊ स्थित औषधि प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजें जाए। 

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निर्माण इकाइयों से प्रोपलीन ग्लाइकोल (जो कफ सीरप निर्माण में प्रयुक्त होता है) के नमूने भी लिए जाएं और विश्लेषण के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाए। शासन ने नमूना विवरण दर्ज करने के लिए गूगल फॉर्म और गूगल शीट लिंक भी जारी की हैं। जिससे राज्यभर के डेटा का केंद्रीकृत रिकॉर्ड रखा जा सके। अगर संबंधित कंपनी की कोई दवा सरकारी भंडार में उपलब्ध हो तो तुरंत वितरण रोका जाए।

औषधि निरीक्षक जय सिंह का कहना है कि शासन से आदेश मिला है। जिले के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम, फार्मेसी, मेडिकल स्टोर संचालकों को आदेश जारी किए गए है। सोमवार से अभियान चलाकर दवा का भी नमूना लिया जाएगा।

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