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प्लॉट के नाम पर 41 लाख रुपये की धोखाधड़ी
Updated Sun, 20 May 2018 11:16 PM IST
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प्लॉट के नाम पर उधार लिए 41 लाख, फिर की धोखाधड़ी
क्रॉसर..
- दिखाने के लिए बनाया फर्जी इकरारनामा
- दोस्त के साथ किया धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्लॉट खरीदने के लिए दोस्त से उधार लेकर धोखाधड़ी करने का मामला सेक्टर-53 थाना पुलिस ने दर्ज किया है। आरोपी ने पीड़ित से 41 लाख रुपये लिए थे और उसे दिखाने के लिए फर्जी इकरारनामा भी बनवाया था। पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गोल्फ कोर्स रोड सेक्टर-54 निवासी राजेश जैन ने शिकायत में कहा कि सेक्टर-52 निवासी बलराज उनका पारिवारिक दोस्त है। वर्ष 2015 में उसने उसे अपने दोस्त हेमंत कुमार से मिलवाया था जो डीएलएफ-2 में प्लॉट खरीद रहा था। प्लॉट का मालिक पृथ्वीपाल सिंह दुग्गल को बताया। बलराज ने राजेश से हेमंत को 60 लाख रुपये उधार देने की बात कही। जिस पर वह राजी हो गया। इसके लिए उसने इकरार नामा भी बनवाया। सिक्योरिटी के लिए उसने इसमें राजेश का नाम भी शामिल करवाने की बात कही। वर्ष 2015 में जब राजेश ने अपने पैसे वापस मांगे तो बलराज ने प्लॉट मालिक पृथ्वीपाल के कनाडा में होने की बात कही। उसके वापस आने के बाद बलराज ने पृथ्वी का नाम लेकर उसे अलग-अलग समय में करीब 19 लाख रुपये वापस कर दिए लेकिन 41 लाख नहीं दिए। इस पर 12 अप्रैल 2018 को उसने सेक्टर-53 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस के कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित ने अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने इस मामले में सेक्टर-53 थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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क्रॉसर..
- दिखाने के लिए बनाया फर्जी इकरारनामा
- दोस्त के साथ किया धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्लॉट खरीदने के लिए दोस्त से उधार लेकर धोखाधड़ी करने का मामला सेक्टर-53 थाना पुलिस ने दर्ज किया है। आरोपी ने पीड़ित से 41 लाख रुपये लिए थे और उसे दिखाने के लिए फर्जी इकरारनामा भी बनवाया था। पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गोल्फ कोर्स रोड सेक्टर-54 निवासी राजेश जैन ने शिकायत में कहा कि सेक्टर-52 निवासी बलराज उनका पारिवारिक दोस्त है। वर्ष 2015 में उसने उसे अपने दोस्त हेमंत कुमार से मिलवाया था जो डीएलएफ-2 में प्लॉट खरीद रहा था। प्लॉट का मालिक पृथ्वीपाल सिंह दुग्गल को बताया। बलराज ने राजेश से हेमंत को 60 लाख रुपये उधार देने की बात कही। जिस पर वह राजी हो गया। इसके लिए उसने इकरार नामा भी बनवाया। सिक्योरिटी के लिए उसने इसमें राजेश का नाम भी शामिल करवाने की बात कही। वर्ष 2015 में जब राजेश ने अपने पैसे वापस मांगे तो बलराज ने प्लॉट मालिक पृथ्वीपाल के कनाडा में होने की बात कही। उसके वापस आने के बाद बलराज ने पृथ्वी का नाम लेकर उसे अलग-अलग समय में करीब 19 लाख रुपये वापस कर दिए लेकिन 41 लाख नहीं दिए। इस पर 12 अप्रैल 2018 को उसने सेक्टर-53 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस के कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित ने अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने इस मामले में सेक्टर-53 थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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