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साहिब की हत्या के मामले में सीएम से मिला प्रतिनिधि मंडल
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:36 PM IST
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सीएम से मिला प्रतिनिधि मंडल, की इंसाफ की मांग
पुन्हाना। गत सात अगस्त को कथित तौर से पुलिस की गोली से मारे गए साहिब नहेदा की मौत का मामला उलझता ही जा रहा है। एक सप्ताह बाद भी साहिब का शव दफनाया नहीं जा सका है। फिलहाल शव पीजीआई रोहतक में रखा हुआ है। मंगलवार को आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना सातवें दिन भी जारी रहा। आज धरने में लोगों की संख्या बहुत कम नजर आई।
दरअसल, उत्तराखंड के देहरादून शहर की एक मोबाइल की दुकान में चोरी करने के आरोपी शब्बीर को गिरफ्तार करने के लिए गत सात अगस्त को पुन्हाना खंड के गांव पटाकपुर में पुलिस ने दबिश देकर आरोपी शब्बीर को पकड़ लिया था लेकिन ग्रामीणों ने शब्बीर को जबरन पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया था। दोनों पक्षों में हुई फायरिंग में नहेदा निवासी 22 वर्षीय साहिब नाम के युवक की मृत्यु हो गई थी। साहिब की हत्या का आरोपी ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया जबकि पुलिस ने मामले की जांच तक कुछ भी कहने से इंकार किया हुआ है। साहिब की हत्या का पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए मेवात के राजनेता और प्रमुख लोग पुन्हाना की अनाजमंडी में पिछले सात दिन से धरने पर बैठे हुए हैं।
सीएम मनोहर लाल से मिला प्रतिनिधि मंडल
साहिब की हत्या को इंसाफ दिलाने के लिए एक इंसाफ कमेटी का गठन किया है जिसमें मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और प्रमुख लोगों को शामिल किया हुआ है। करीब 35 सदस्यों की कमेटी में पुन्हाना से विधायक रहीश खान शामिल नहीं है। इंसाफ कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से साहिब हत्या के मामले में बातचीत करने के लिए राई सोनीपत में मिलने के लिए मंगलवार सुबह का समय लिया था। मिलने वालों में पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलयास, विधायक नसीम अहमद, पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, फिरोजपुर झिरका बार के प्रधान मुमताज, रमजान चौधरी, रशीद ऐडवोकेट सहित एक दर्जन प्रमुख लोग शामिल थे।
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मुख्यमंत्री ने बातचीत करने के लिए प्रमुख लोगों को अलग से बुलाया जिनमें पांच सदस्य पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलयास, विधायक नसीम अहमद, पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान ने सीएम से राई रेस्ट हाउस में मुलाकात की। इस मौके पर कमेटी के सदस्यों ने मृतक साहिब के हत्या में शामिल पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने, मृतक के परिवार के दो सदस्यों को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने और सिटी चौकी स्टाफ वे सीआईए स्टाफ को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग रखी। सीएम ने प्रतिनिधि मंडल की मांगों पर कोई खास गौर नहीं किया पर साहिब की हत्या की जांच को आईपीएस अधिकारी से कराने का भरोसा दिया। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कदम उठाने की सीएम ने बात कही।
बॉक्स में
इंसाफ कमेटी का सदस्य ना होने के बावजूद विधायक रहीश खान प्रतिनिधि मंडल से पहले सीएम दरबार पहुंचा
इंसाफ कमेठी के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने ही सीएम से मिलने का समय लिया था। कमेटी में विधायक रहीश खान शामिल नहीं हैं लेकिन वह सीएम के पास पहले ही पहुंचा हुआ था। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि जब इंसाफ कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सीएम से मुलाकात कर रहे थे तो सीएम ने पहले से ही किसी कमरे में बैठे विधायक रहीश खान को भी बुला लिया। कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि विधायक रहीश खान ने कमेटी की मांगों मानने के बारे में सीएम से कुछ नहीं बोले बल्कि सब कुछ चुपचाप देखते रहे।
फोटो---मंगलवार को पुन्हाना की अनाजमंडी में सातवें दिन धरने पर बेठे इलाके के लोग
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पुन्हाना। गत सात अगस्त को कथित तौर से पुलिस की गोली से मारे गए साहिब नहेदा की मौत का मामला उलझता ही जा रहा है। एक सप्ताह बाद भी साहिब का शव दफनाया नहीं जा सका है। फिलहाल शव पीजीआई रोहतक में रखा हुआ है। मंगलवार को आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना सातवें दिन भी जारी रहा। आज धरने में लोगों की संख्या बहुत कम नजर आई।
दरअसल, उत्तराखंड के देहरादून शहर की एक मोबाइल की दुकान में चोरी करने के आरोपी शब्बीर को गिरफ्तार करने के लिए गत सात अगस्त को पुन्हाना खंड के गांव पटाकपुर में पुलिस ने दबिश देकर आरोपी शब्बीर को पकड़ लिया था लेकिन ग्रामीणों ने शब्बीर को जबरन पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया था। दोनों पक्षों में हुई फायरिंग में नहेदा निवासी 22 वर्षीय साहिब नाम के युवक की मृत्यु हो गई थी। साहिब की हत्या का आरोपी ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया जबकि पुलिस ने मामले की जांच तक कुछ भी कहने से इंकार किया हुआ है। साहिब की हत्या का पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाते हुए मेवात के राजनेता और प्रमुख लोग पुन्हाना की अनाजमंडी में पिछले सात दिन से धरने पर बैठे हुए हैं।
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सीएम मनोहर लाल से मिला प्रतिनिधि मंडल
साहिब की हत्या को इंसाफ दिलाने के लिए एक इंसाफ कमेटी का गठन किया है जिसमें मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और प्रमुख लोगों को शामिल किया हुआ है। करीब 35 सदस्यों की कमेटी में पुन्हाना से विधायक रहीश खान शामिल नहीं है। इंसाफ कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से साहिब हत्या के मामले में बातचीत करने के लिए राई सोनीपत में मिलने के लिए मंगलवार सुबह का समय लिया था। मिलने वालों में पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलयास, विधायक नसीम अहमद, पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, फिरोजपुर झिरका बार के प्रधान मुमताज, रमजान चौधरी, रशीद ऐडवोकेट सहित एक दर्जन प्रमुख लोग शामिल थे।
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मुख्यमंत्री ने बातचीत करने के लिए प्रमुख लोगों को अलग से बुलाया जिनमें पांच सदस्य पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलयास, विधायक नसीम अहमद, पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान ने सीएम से राई रेस्ट हाउस में मुलाकात की। इस मौके पर कमेटी के सदस्यों ने मृतक साहिब के हत्या में शामिल पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने, मृतक के परिवार के दो सदस्यों को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने और सिटी चौकी स्टाफ वे सीआईए स्टाफ को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग रखी। सीएम ने प्रतिनिधि मंडल की मांगों पर कोई खास गौर नहीं किया पर साहिब की हत्या की जांच को आईपीएस अधिकारी से कराने का भरोसा दिया। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कदम उठाने की सीएम ने बात कही।
बॉक्स में
इंसाफ कमेटी का सदस्य ना होने के बावजूद विधायक रहीश खान प्रतिनिधि मंडल से पहले सीएम दरबार पहुंचा
इंसाफ कमेठी के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने ही सीएम से मिलने का समय लिया था। कमेटी में विधायक रहीश खान शामिल नहीं हैं लेकिन वह सीएम के पास पहले ही पहुंचा हुआ था। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि जब इंसाफ कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सीएम से मुलाकात कर रहे थे तो सीएम ने पहले से ही किसी कमरे में बैठे विधायक रहीश खान को भी बुला लिया। कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि विधायक रहीश खान ने कमेटी की मांगों मानने के बारे में सीएम से कुछ नहीं बोले बल्कि सब कुछ चुपचाप देखते रहे।
फोटो---मंगलवार को पुन्हाना की अनाजमंडी में सातवें दिन धरने पर बेठे इलाके के लोग