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फर्जी दस्तावेज से कराया जीएसटी रजिस्ट्रेशन, महिला पर केस दर्ज
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फर्जी कागजात से कराया जीएसटी रजिस्ट्रेशन, केस दर्ज
ग्रेटर नोएडा। फर्जी कागजात से ओसवाल इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में महिला प्रोपराइटर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। आशंका है कि फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की कर चोरी से राजस्व को क्षति भी पहुंचाई गई है। वाणिज्य कर विभाग लखनऊ के कमिश्नर के आदेश पर मामले की जांच की गई। इसके बाद फर्म की प्रोपराइटर कविता सोलंकी पर असिस्टेंट कमिश्नर ने सूरजपुर कोतवाली में धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कराया है।
कोतवाली में दर्ज एफआईआर में वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर खंड-3 अन्वेष कुमार ने बताया कि सूरजपुर क्षेत्र के उद्योग केंद्र साइट-5 के बी-260 में ओसवाल इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म संचालित हो रही थी। फर्म की प्रोपराइटर कविता सोलंकी ने दिसंबर 2017 में जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाणिज्यकर विभाग के कार्यालय में आवेदन किया था। जीएसटी नंबर के लिए जो कागजात फार्म के साथ लगाए गए थे। उनमें बिजली का बिल, कैंसिल चैक, बैंक एकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर था। फर्म द्वारा वोवेन फेब्रिक, सिल्क एंड सिल्क वेस्ट का व्यापार किया जा रहा था। वहीं, फर्म से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कपड़े की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री प्रदर्शित की गई थी। एक व्यक्ति ने फर्म की शिकायत लखनऊ स्थित विभाग के कमिश्नर से की थी। कमिश्नर के आदेश पर वाणिज्यकर विभाग की टीम ने फर्म की जांच की थी। जांच में पता लगा कि फर्म की मालकिन ने जो पता और कागजात रजिस्ट्रेशन में लगाए थे, वह फर्जी हैं। आशंका है कि फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराकर करोड़ों रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई गई है। मामले में फर्म की प्रोपराइटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अभी केवल फर्जी कागजातों से रजिस्ट्रेशन कराने की पुष्टि होने पर एफआईआर कराई गई है। करोड़ों की टैक्स चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया हो। इसके लिए अन्य राज्यों में जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कर चोरी की गई है या नहीं और कितनी राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है।
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- अन्वेश कुमार, असिसटेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग
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ग्रेटर नोएडा। फर्जी कागजात से ओसवाल इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में महिला प्रोपराइटर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। आशंका है कि फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की कर चोरी से राजस्व को क्षति भी पहुंचाई गई है। वाणिज्य कर विभाग लखनऊ के कमिश्नर के आदेश पर मामले की जांच की गई। इसके बाद फर्म की प्रोपराइटर कविता सोलंकी पर असिस्टेंट कमिश्नर ने सूरजपुर कोतवाली में धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कराया है।
कोतवाली में दर्ज एफआईआर में वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर खंड-3 अन्वेष कुमार ने बताया कि सूरजपुर क्षेत्र के उद्योग केंद्र साइट-5 के बी-260 में ओसवाल इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म संचालित हो रही थी। फर्म की प्रोपराइटर कविता सोलंकी ने दिसंबर 2017 में जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाणिज्यकर विभाग के कार्यालय में आवेदन किया था। जीएसटी नंबर के लिए जो कागजात फार्म के साथ लगाए गए थे। उनमें बिजली का बिल, कैंसिल चैक, बैंक एकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर था। फर्म द्वारा वोवेन फेब्रिक, सिल्क एंड सिल्क वेस्ट का व्यापार किया जा रहा था। वहीं, फर्म से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कपड़े की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री प्रदर्शित की गई थी। एक व्यक्ति ने फर्म की शिकायत लखनऊ स्थित विभाग के कमिश्नर से की थी। कमिश्नर के आदेश पर वाणिज्यकर विभाग की टीम ने फर्म की जांच की थी। जांच में पता लगा कि फर्म की मालकिन ने जो पता और कागजात रजिस्ट्रेशन में लगाए थे, वह फर्जी हैं। आशंका है कि फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराकर करोड़ों रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई गई है। मामले में फर्म की प्रोपराइटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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अभी केवल फर्जी कागजातों से रजिस्ट्रेशन कराने की पुष्टि होने पर एफआईआर कराई गई है। करोड़ों की टैक्स चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया हो। इसके लिए अन्य राज्यों में जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कर चोरी की गई है या नहीं और कितनी राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है।
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- अन्वेश कुमार, असिसटेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग