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संजय भाटी से जेल में मिलने जा रहा आदेश गिरफ्तार, नकली चेक से किया अरबों का बाइक बोट फर्जीवाड़ा

अरबों के बाइक बोट फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी संजय भाटी का सहयोग करने वाले आदेश भाटी को आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी शीलेश कुमार यादव और ईकोटेक-1 थाना प्रभारी मुकेश कुमार की टीम ने गिरफ्तार किया है।

आदेश भाटी लुकसर स्थित जिला कारागार में बंद संजय भाटी से मिलने जा रहा था। आदेश भाटी संजय भाटी का चाचा बताया जा रहा है। पुलिस ने उससे फर्जीवाड़े के संबंध में पूछताछ कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने फर्जीवाड़े में करीब 50 लाख कमाए हैं। आरोपी संजय भाटी के गांव चीती का निवासी है। 

पुलिस के मुताबिक शनिवार को सूचना मिली थी कि बाइक बोट फर्जीवाड़े में नामजद आदेश भाटी लुकसर स्थित जेल में संजय भाटी से मिलने जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने आरोपी को भाटी चौक से हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े में आदेश भाटी संजय भाटी की मदद करता था। आरोपी का निवेशकों को झांसा देकर रकम लगवाने में योगदान रहा है। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

अब, इस फर्जीवाड़े में संजय भाटी, विजय कसाना, राजेश भारद्वाज और आदेश भाटी कुल चार आरोपी जेल पहुंच चुके हैं। तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि संजय भाटी आत्मसमर्पण कर जेल पहुंचा है।
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यूपी: जेवर में झूठी आन के लिए बेटी की हत्या, ग्राम प्रधान के बेटे से की थी कोर्ट मैरेज

सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, इन सवालों में उलझी पुलिस

नोएडा : शॉप्रिक्स मॉल के स्पा सेंटर में चल रहा था देह व्यापार, 9 गिरफ्तार, 14 युवतियां हिरासत में

सेक्टर-61 स्थित शॉप्रिक्स मॉल के निर्वाणा स्पा एंड सैलून में पुलिस की टीम ने बृहस्पतिवार रात छापा मारकर वहां चल रहे देह व्यापार का खुलासा किया। पुलिस ने मौके से स्पा सेंटर के दो संचालकों गुफरान खान और अखिलेश और 7 ग्राहकों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वहां काम करने वाली 14 लड़कियों को हिरासत में ले लिया गया है। मौके से काफी संख्या में आपत्तिजनक सामग्री और नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं। पुलिस की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

नोएडा जोन के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि शॉप्रिक्स मॉल के प्रथम तल पर निर्वाणा स्पा एंड सैलून में स्पा सेंटर के नाम पर देह व्यापार की खबर मिली थी। नोएडा जोन की एसीपी प्रथम अंकिता शर्मा और एसीपी द्वितीय रजनीश वर्मा के नेतृत्व में कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस की टीम ने बृहस्पतिवार रात वहां छापा मारा। पुलिस टीम के पहुंचते ही स्पा सेंटर के अंदर अफरातफरी मच गई। मौके पर कई महिलाएं व पुरुष आपत्तिजनक अवस्था में मिले। 

मौके से दो संचालकों और 7 ग्राहकों को गिरफ्तार कर लिया। वही इसमें काम करने वाली 14 लड़कियों को भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की टीम स्पा सेंटर के संचालक सेक्टर-71 निवासी गुफरान खान और अखिलेश से पूछताछ कर रही है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि वहां कई माह से देह व्यापार जारी था।

स्थानीय थाने को नहीं दी गई जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई की सूचना स्थानीय थाना कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस को नहीं दी गई। आशंका जताई जा रही है कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा था। पुलिस के उच्च अधिकारी इस मामले की जांच करेंगे। इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

वेब मॉल और सेक्टर-12 में भी पिछले महीने हुआ था खुलासा
पिछले महीने कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस की टीम ने सेक्टर 18 स्थित वेव मॉल में छापा मार स्पा सेंटर से वेश्यावृत्ति में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने भी सेक्टर 12 के एक कोठी में चल रहे देहव्यापार  का खुलासा किया था।

शॉप्रिक्स मॉल में स्पा सेंटर के नाम पर चल रहे वेश्यावृत्ति के धंधे का खुलासा पुलिस की टीम ने किया है। संचालकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं स्पा सेंटर से 14 लड़कियों को भी हिरासत में लिया गया है जिन्हें महिला पुनर्वास केंद्र भेजा जा रहा है। 
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा
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एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह

दिन में सोसायटियों में काम और रात में लूटपाट करने वाले आठ गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है। जो दिन में ग्रेनो वेस्ट की सोसायटियों में साफ-सफाई और देखभाल का काम करते और रात में राहगीरों से लूटपाट करते हैं। पुलिस ने आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर 18 मोबाइल, बाइक, पर्स आदि लूटा गया सामान बरामद किया। आरोपी कई माह से ग्रेनो वेस्ट आदि क्षेत्र में लूटपाट कर रहे थे।

बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान और एसएसआई ऋषिपाल ने बताया कि क्षेत्र में राहगीरों से लूटपाट करने वाले बदमाशों की तलाश में पुलिस जुटी थी। पुलिस टीम ने खैरपुर गुर्जर गोलचक्कर के पास से तीन बाइक पर सवार आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया।

इनकी पहचान पीलीभीत के अर्जुन, अभिषेक, बिसरख का दीपक, अजय, बादल, दनकौर का अजय, कासगंज के राजा, संभल का नीरेश के रुप में हुई है। सभी आरोपी ग्रेनो वेस्ट में किराये पर कमरा लेकर क्षेत्र में रहते हैं और लंबे समय से ग्रेनो वेस्ट की सोसायटियों में साफ-सफाई और देखभाल आदि का काम करते हैं।

आरोपी सोसायटियों  में जाने के दौरान एकांत रास्ते और सीसीटीवी विहीन स्थानों की रेकी करते और रात को राहगीरों से लूटपाट कर फरार हो जाते थे। आरोपी एक साल से अधिक समय से लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। लूटे गए मोबाइल को आरोपी अंजान लोगों को कम दामों लमें बिक्री कर देते थे।
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फूफा ने भतीजी से दुष्कर्म कर वीडियो बनाया, छह साल तक पीड़िता को किया ब्लैकमेल

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में रिश्तों को शर्मसार करते हुए एक फूफा ने अपनी 26 वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया। इसके बाद आरोपी पांच-छह साल तक लगातार पीड़िता को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता रहा। तंग आकर पीड़िता ने परिजनों को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद मामले की शिकायत सोमवार को पुलिस से की गई। 

छानबीन के बाद 49 वर्षीय आरोपी फूफा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी के आम आदमी पार्टी से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। इसे लेकर स्थानीय भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली। स्थानीय आम आदमी पार्टी विधायक ने आरोपी का पार्टी से कोई संबंध होने से इंकार किया है।

पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय पीड़िता परिवार के साथ भजनपुरा इलाके में रहती है। वहीं आरोपी फूफा अपने परिवार के साथ सीलमपुर में रहता है। आरोपी का पीड़िता के घर आना-जाना था। पांच-छह साल पहले पीड़िता को घुमाने की बात कर पहाड़गंज के एक होटल में ले गया। वहां पीड़िता से दुष्कर्म किया। 

इस दौरान आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया। घटना के बाद आरोपी ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने लगा। परेशान होकर पीड़िता ने परिवार को सब कुछ बताने की ठानी। सोमवार को उसने परिवार को फूफा की करतूत के बारे में बता दिया।
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अस्पतालकर्मी ने सहकर्मियों पर लगाया सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, फिर पुलिस ने क्यों किया इनकार

पेटीएम केवाईसी के नाम पर उड़ाए 3.54 लाख

सांकेतिक तस्वीर
सेक्टर-12 में दूध उत्पाद व्यापारी को जालसाज ने पेटीएम केवाईसी करने के नाम पर 3.54 का चूना लगा दिया। आरोपी ने व्यापारी को झांसे में लेने के लिए एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवा ट्रांजेक्शन के नाम पर बैंक खाते से 10 रुपये की राशि ट्रांसफर करा तीन मिनट के भीतर खाते से रकम निकाल ली।

वारदात के बाद भी आरोपी मोबाइल ऑन कर पीड़ित को और ट्रांजेक्शन करने की कह रहे हैं। व्यापारी की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, मियांवाली कॉलोनी निवासी मनीष गुप्ता का सेक्टर-12 में दुग्ध उत्पाद का व्यापार है। कुछ दिन पहले केवाईसी न होने के कारण उनका पेटीएम बंद हो गया था। 14 अक्तूबर रात 7.41 बजे उनके मोबाइल पर एक युवक ने कॉल करके खुद को पेटीएम कंपनी कर्मचारी बताया। युवक ने बताया कि उनके पेटीएम खाते का ऑनलाइन केवाईसी कर सकते हैं। युवक के कहने पर मनीष गुप्ता ने अपने मोबाइल पर प्ले स्टोर से क्विक सपोर्ट एप्लीकेशन डाउनलोड कर लिया।

जालसाज ने एप के माध्यम से 10 रुपये का ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा तो व्यापारी ने अपने डेबिट कार्ड से राशि ट्रांसफर कर दी। व्यापारी का आरोप है कि राशि ट्रांसफर करते ही तीन मिनट के भीतर पे-मनी और पेटीएम के माध्यम से पांच बार में तीन लाख 54 हजार 871 रुपये निकल गए।

व्यापारी को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने जालसाज को फोन कर इसकी शिकायत की। आरोपी ने रकम वापस न देने की धमकी देकर फोन काट दिया। पुलिस में
शिकायत के बाद आरोपी का मोबाइल अभी तक चालू है और वह लोगों को पेटीएम केवाईसी करने के झांसे में ले रहा है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच सही पाए जाने पर शुक्रवार शाम को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार के मुताबिक आरोपी के पेमेंट गेटवे की डिटेल खंगाली जा रही है, उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी मिल गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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फर्जी कंपनी बना बैंकों से लोन लेकर 10 करोड़ ऐंठे, एसटीएफ ने तीन आरोपियों को पकड़ा

एसटीएफ के साइबर थाने ने फर्जी कंपनी बनाकर बैंकों से 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेते थे। फिर कर्मचारियों के नाम पर बैंक से लोन लेते थे। लोन लेने के बाद आरोपी ऑफिस बंद करके फरार हो जाते थे। आरोपी सेक्टर-142 एडवंट टावर में इंटीरियर डिजाइनिंग का ऑफिस खोलकर गिरोह चला रहे थे।

सेक्टर-36 स्थित एसटीएफ के साइबर थाने की टीम ने बृहस्पतिवार रात को सेक्टर-142 से ओल्ड फरीदाबाद निवासी अरिंदम मैती उर्फ आशीष सिंह, बल्लभगढ़ निवासी रवि कुमार उर्फ हरीश चंद्र व फरीदाबाद निवासी मोहम्मद शारिक को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी एक बैंक में लोन दिलाने का काम करते थे। इस कारण आरोपियों को लोन के बारे में पूरी जानकारी थी।

वर्ष 2017 में इन लोगों ने फरीदाबाद में एफआईएस ग्लोबल नाम से लोन दिलवाने की कंपनी खोली। आरोपी जिस बैंक में काम करते थे। वहां के ग्राहकों को अपने यहां तोड़कर ले आए। इसके बाद लोन दिलाने के नाम पर उनसे असली दस्तावेज जैसे आधार, वोटर आईडी लेते थे। उनके दस्तावेज को लेकर उन लोगों को कंपनी का कर्मचारी दिखाते थे। उन लोगों के सैलरी अकाउंट भी खुलवाते थे और उसमें पैसे भी डालते थे।

इसके बाद उन अकाउंट होल्डर के नाम से बैंक में लोन के लिए आवेदन देते थे। आरोपियों ने फरीदाबाद में 21 लोगों के लोन करवाकर 1.36 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। इसके बाद ऑफिस बंदकर भाग गए।

वर्ष 2018 में नोएडा के सेक्टर-142 में एडवंट टावर में सातवें फ्लोर पर विनसम डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड नाम से इंटीरियर डेकोरेशन का ऑफिस खोला। इस कंपनी की आड़ में ये लोग लोन दिलाने का ही काम करते थे। इसके बाद तीनों ने मिलकर लोगों से संपर्क बनाए और कबाड़ी से लेकर अन्य लोगों के दस्तावेज किसी न किसी तरह लेते थे। इनके आधार पर उस नाम के व्यक्ति को अपनी कंपनी का कर्मचारी बनाकर सैलरी अकाउंट खुलवा लेते थे।

फिर लोन के लिए अप्लाई करते थे। सैलरी अकाउंट के लिए एड्रेस ऑफिस का ही देते थे। आरोपियों ने पर्सनल लोन, कार लोन से लेकर कई तरह के लोन लेकर बैंकों को दस करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।

ये हुई बरामदगी
इनके पास से अलग-अलग बैंकाें के 127 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 68 पैन कार्ड, 48 आधार कार्ड, 23 मोबाइल, 10 फर्जी मोहरें, विभिन्न बैंकों की 127 चेकबुक, कार, 27 सिम कार्ड और 2 वोटर आईडी बरामद किए गए हैं।

कई बड़े बैंकों को बनाया शिकार
एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह ने करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर बैंकों के साथ फर्जीवाड़ा किया है। जांच में पता चला है कि आईसीआईसी बैंक, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी, बंधन बैंक समेत कई बैंकों को आरोपियों ने शिकार बनाया है। एसटीएफ इनके अन्य खातों की जांच कर रही है।

ऐसे तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज
आरोपी फर्जी कंपनी खोलने के लिए पहले फर्जी प्रपत्र तैयार करते थे। इसके लिए किसी भी शख्स का फोटो गूगल से उठाकर आधार व पैन कार्ड पर लगा देते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक में खाता खुलवाते थे। जिनका खाता खुलवाया जाता था उन्हें कंपनी में कर्मचारी बताया जाता था। बैंक को भरोसे में लेने के लिए अपने कथित कर्मचारियों के खाते में कई महीने तक पैसे डालते थे लेकिन कुछ दिन में ही निकाल लेते थे।

दो महीने पहले पकड़े गए थे तीन भाई
एसटीएफ ने दो महीने पहले ही इसी तरह के ही एक गिरोह का खुलासा किया था। बिहार निवासी तीन भाई गिरोह चला रहे थे। इस गिरोह का सरगना मनोज कुमार ठाकुर था। इसने तीन फर्जी कंपनियां सेक्टर-63 में टेक डेटा, सेक्टर-10 में न्यू जेन व कंप्यूटर एसोसिएट्स बनाई थी। इन कंपनियों के खाते विभिन्न बैंकों में खोल दिए थे।

इसके बाद फर्जी कर्मचारियों के नाम से खाते खोलकर कर्मचारियों के खाते में कुछ महीने तक पैसे डाले गए, ताकि बैंक को विश्वास हो जाए। इसके बाद आरोपी कथित कंपनी कर्मचारियों के नाम पर पर्सनल व कार लोन लेते थे। बैंक को एक या दो किश्त देकर ये लोग फरार हो जाते थे। इन आरोपियों ने भी दस करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया था।
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ग्रेटर-नोएडाः पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, 25 हजार के दो इनामी बदमाशों को लगी गोली

करोड़पति बंदी ने पुलिस पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे, हर माह खर्च करता था तीन लाख

नोएडा में पान मसाला कंपनी के निदेशक रहे और 263 करोड़ की टैक्स चोरी में गिरफ्तार मनोज अरोड़ा ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। यह कारोबारी करीब ढाई साल से टैक्स चोरी में मेरठ जेल में बंद था। बीती 10 अगस्त को उसे मेरठ पुलिस की कस्टडी में एम्स दिल्ली ले जाया गया था, जहां से वह फरार हो गया था। अब पकड़े जाने के बाद उसने यह खुलासा कर सनसनी फैला दी कि जेल में रहने के दौरान उसका एक माह का खर्चा करीब तीन लाख रुपये होता था। 

यूपी पुलिस से बड़ी चूक, ऐसे फरार हुआ 135 किलो का बंदी, एम्स से चल रहा था इलाज

मनोज अरोड़ा को भले ही दिल्ली से पकड़कर पुलिस ने जेल भेज दिया हो। लेकिन पूछताछ में उसने जो कहा, उसने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को हैरान कर दिया है। मनोज की नोएडा में एक शराब पार्टी की वीडियो वायरल होने के बाद मेरठ जेल के एक अधिकारी पर भी पूर्व में गाज गिर चुकी है। अब फिर से जेल के डॉक्टर और कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार कारोबारी मनोज को स्टेंट पड़ने थे, जिसके चलते मेरठ पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल ज्वाला सिंह, कांस्टेबल अरुण कुमार और संदीप कुमार उसे 10 अगस्त को मेरठ जेल से एम्स हॉस्पिटल दिल्ली लेकर गए थे। लेकिन मनोज तीनों पुलिसकर्मियों को झांसा देकर इनोवा गाड़ी से फरार हो गया था। फरारी के अगले दिन पुलिस ने इनोवा को सिरसा से बरामद किया था। एसएसपी अजय साहनी ने लापरवाही पर तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। बीते बुधवार को मनोज दिल्ली में पकड़ा गया। मेरठ पुलिस ने उसे रिमांड पर लाकर शुक्रवार को पूछताछ के बाद जिला जेल भेज दिया था।
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900 लोगों से 25 करोड़ की ठगी, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, एक गिरफ्तार

साइट पांच कोतवाली क्षेत्र स्थित कासना मार्केट में कार्यालय खोलकर कमेटी के नाम पर 900 लोगों से 25 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के बाद तीनों आरोपी ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गए। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी सिकंदराबाद, बुलंदहशर निवासी सचिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो अन्य आरोपी बुलंदशहर निवासी प्रदीप भाटी ओर खेड़ी गांव निवासी सुंदर तोगड़ फरार हैं। 

सेक्टर अल्फा-2 स्थित गोल्फ गार्डेनिया सोसायटी निवासी राजेंद्र मावी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक  सचिन भाटी, प्रदीप भाटी और सुंदर तोंगड़ ने साथ मिलकर कमेटी का काम शुरू किया था। आरोप है कि तीनों ने साजिश के तहत लोगों से करोड़ों की ठगी की। कमेटी में करीब 900 लोगों ने निवेश किया।

पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने उनसे 45 लाख रुपये, हरवीर से 28 लाख, यशपाल सेे 24 लाख, प्रवीण सेे 35 लाख, नितिन से 18 लाख, सुनील सेे 45 लाख, प्रमोद से 60 लाख, मुकेश से 25 लाख रुपये और रविंद्र कसाना के 15 लाख रुपये ठग लिए। इसके अलावा भी कई अन्य लोगों के साथ ठगी की गई। पुलिस ने ठगी के आरोपी सचिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। 

शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ितों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। - सुजीत उपाध्याय, साइट पांच कोतवाली प्रभारी
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जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ी मैनेजर की पत्नी, प्रेमी को दी पति की हत्या की सुपारी, पुलिस ने खोले राज

ओसिस वेनेसिया हाइट्स बिल्डर के मार्केटिंग मैनेजर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने की वारदात का सोमवार को खुलासा पुलिस ने कर दिया है। जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ी मार्केटिंग मैनेजर की पत्नी ने ही अपने पति की हत्या की प्रेमी को सुपारी दी थी। पुलिस ने पत्नी को दिल्ली में उसके घर से और प्रेमी व उसके दोस्त को रविवार शाम साकीपुर गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पिस्तौल व बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 23 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में तिलपता के पास 130 मीटर रोड स्थित ओसिस वेनेसिया हाइट्स बिल्डर के मार्केटिंग मैनेजर राजीव कुमार निवासी बुराड़ी (दिल्ली) पर बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने साइट के गेट के पास गोलियां बरसा दी थीं। उस दौरान राजीव गाड़ी से उतर रहे थे। मैनेजर को चार गोलियां लगीं। घायल का उपचार नोएडा के कैलाश अस्पताल में चल रहा है।

जांच के बाद इस मामले में मैनेजर की पत्नी शिखा, उसके प्रेमी रोहित कश्यप निवासी चंदन विहार बुराड़ी (दिल्ली) और रोहन उर्फ मनीष निवासी गोविंदपुरी (दिल्ली) को गिरफ्तार किया गया है। 

अलीगढ़ से खरीदी थी पिस्तौल
एसएसपी ने बताया कि मैनेजर की पत्नी शिखा दिल्ली के एक जिम में वर्कआउट करने जाती थी। उसे जिम ट्रेनर रोहित से प्यार हो गया। एक साल पहले ही रोहित यहां जिम ट्रेनर बना था। इससे पहले वह भिवाड़ी में जिम ट्रेनर था। रोहित को पाने के लिए शिखा अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। उसने अपने प्रेमी को एक लाख 10 हजार की सुपारी पति को मारने या किसी से मरवाने के लिए दी। रोहित ने उसे खुद मारने का प्लान तैयार किया और अलीगढ़ से एक परिचित से पिस्तौल खरीदकर लाया। उसने अपने एक दोस्त रोहन को पैसों का लालच दिया और खेल खत्म करने के लिए गोलियां बरसा दीं।
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