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सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, इन सवालों में उलझी पुलिस

बिलाबांग स्कूल के बस चालक की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

नोएडा सेक्टर-34 बिलाबांग स्कूल के बस चालक की सोमवार रात लगभग 11:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल जुटी हुई है। कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ की। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि बिलाबांग स्कूल में दर्जनों बसें चलती हैं। 

सोमवार देर रात को शिव वाटिका दादरी का रहने वाला सुशील नाम का चालक अपने बस में खाना खा था। तभी बाइक सवार बदमाश वहां पर पहुंचे और सुशील को गोली मार दी। आसपास के बस चालकों ने उसे तुरंत ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। 

प्राथमिक जांच में लग रहा है कि यह किसी आपसी रंजिश का मामला है। बदमाश किस वाहन से आए थे, इसके बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। बदमाशों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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पेट्रोल पंप पर सेल्समैन की गोली मारकर हत्या, वारदात से पहले तीन बदमाशों ने लूटे थे 50 हजार 

पेट्रोल पंप पर हुई वारदात से पहले जहांगीरपुर के रखेड़ा निवासी किसान से 50 हजार की लूट हुई थी। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश में जुट गई है कि लूट को अंजाम देने वाले बदमाशों ने ही कहीं बाद में पेट्रोल पंप पर वारदात तो नहीं की थी। पुलिस ने जहांगीरपुर के श्रद्धा फिलिंग स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली है। 

सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार तीन बदमाश पेट्रोल डलवाने के बाद कहासुनी के दौरान सेल्समैन को गोली मारते दिख रहे हैं। हालांकि तीनों बदमाशों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। पुलिस पंप के अलावा जेवर-खुर्जा रोड पर अन्य जगह लगे सीसीटीवी की भी फुटेज जुटा रही है। वहीं, पुलिस को शक है कि जहांगीरपुर थाना क्षेत्र में रखेड़ निवासी किसान को ओवरटेक कर तीन ही बाइक सवार बदमाशों ने 50 हजार की लूट को अंजाम दिया था। किसान से लूट में बदमाशों ने बुलेट बाइक इस्तेमाल की थी, जबकि श्रद्धा फिलिंग स्टेशन जहांगीरपुर पर सेल्समैन को गोली मारकर हत्या करने वाले बदमाशों की बाइक स्पलेंडर प्लस बताई जा रही है। पुलिस दोनो घटनाओं को जोड़कर भी जांच में जुटी है।
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ग्रेटर नोएडा महिला हत्याकांड में खुलासा, लाइक एप से संपर्क में आया, खुद कबूला क्यों की हत्या

महिला के साथी राघव ने की उसकी हत्या महिला के साथी राघव ने की उसकी हत्या

फूफा ने भतीजी से दुष्कर्म कर वीडियो बनाया, छह साल तक पीड़िता को किया ब्लैकमेल

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में रिश्तों को शर्मसार करते हुए एक फूफा ने अपनी 26 वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया। इसके बाद आरोपी पांच-छह साल तक लगातार पीड़िता को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता रहा। तंग आकर पीड़िता ने परिजनों को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद मामले की शिकायत सोमवार को पुलिस से की गई। 

छानबीन के बाद 49 वर्षीय आरोपी फूफा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी के आम आदमी पार्टी से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। इसे लेकर स्थानीय भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली। स्थानीय आम आदमी पार्टी विधायक ने आरोपी का पार्टी से कोई संबंध होने से इंकार किया है।

पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय पीड़िता परिवार के साथ भजनपुरा इलाके में रहती है। वहीं आरोपी फूफा अपने परिवार के साथ सीलमपुर में रहता है। आरोपी का पीड़िता के घर आना-जाना था। पांच-छह साल पहले पीड़िता को घुमाने की बात कर पहाड़गंज के एक होटल में ले गया। वहां पीड़िता से दुष्कर्म किया। 

इस दौरान आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया। घटना के बाद आरोपी ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने लगा। परेशान होकर पीड़िता ने परिवार को सब कुछ बताने की ठानी। सोमवार को उसने परिवार को फूफा की करतूत के बारे में बता दिया।
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पेटीएम केवाईसी के नाम पर उड़ाए 3.54 लाख

सेक्टर-12 में दूध उत्पाद व्यापारी को जालसाज ने पेटीएम केवाईसी करने के नाम पर 3.54 का चूना लगा दिया। आरोपी ने व्यापारी को झांसे में लेने के लिए एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवा ट्रांजेक्शन के नाम पर बैंक खाते से 10 रुपये की राशि ट्रांसफर करा तीन मिनट के भीतर खाते से रकम निकाल ली।

वारदात के बाद भी आरोपी मोबाइल ऑन कर पीड़ित को और ट्रांजेक्शन करने की कह रहे हैं। व्यापारी की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, मियांवाली कॉलोनी निवासी मनीष गुप्ता का सेक्टर-12 में दुग्ध उत्पाद का व्यापार है। कुछ दिन पहले केवाईसी न होने के कारण उनका पेटीएम बंद हो गया था। 14 अक्तूबर रात 7.41 बजे उनके मोबाइल पर एक युवक ने कॉल करके खुद को पेटीएम कंपनी कर्मचारी बताया। युवक ने बताया कि उनके पेटीएम खाते का ऑनलाइन केवाईसी कर सकते हैं। युवक के कहने पर मनीष गुप्ता ने अपने मोबाइल पर प्ले स्टोर से क्विक सपोर्ट एप्लीकेशन डाउनलोड कर लिया।

जालसाज ने एप के माध्यम से 10 रुपये का ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा तो व्यापारी ने अपने डेबिट कार्ड से राशि ट्रांसफर कर दी। व्यापारी का आरोप है कि राशि ट्रांसफर करते ही तीन मिनट के भीतर पे-मनी और पेटीएम के माध्यम से पांच बार में तीन लाख 54 हजार 871 रुपये निकल गए।

व्यापारी को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने जालसाज को फोन कर इसकी शिकायत की। आरोपी ने रकम वापस न देने की धमकी देकर फोन काट दिया। पुलिस में
शिकायत के बाद आरोपी का मोबाइल अभी तक चालू है और वह लोगों को पेटीएम केवाईसी करने के झांसे में ले रहा है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच सही पाए जाने पर शुक्रवार शाम को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार के मुताबिक आरोपी के पेमेंट गेटवे की डिटेल खंगाली जा रही है, उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी मिल गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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फर्जी कंपनी बना बैंकों से लोन लेकर 10 करोड़ ऐंठे, एसटीएफ ने तीन आरोपियों को पकड़ा

एसटीएफ के साइबर थाने ने फर्जी कंपनी बनाकर बैंकों से 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेते थे। फिर कर्मचारियों के नाम पर बैंक से लोन लेते थे। लोन लेने के बाद आरोपी ऑफिस बंद करके फरार हो जाते थे। आरोपी सेक्टर-142 एडवंट टावर में इंटीरियर डिजाइनिंग का ऑफिस खोलकर गिरोह चला रहे थे।

सेक्टर-36 स्थित एसटीएफ के साइबर थाने की टीम ने बृहस्पतिवार रात को सेक्टर-142 से ओल्ड फरीदाबाद निवासी अरिंदम मैती उर्फ आशीष सिंह, बल्लभगढ़ निवासी रवि कुमार उर्फ हरीश चंद्र व फरीदाबाद निवासी मोहम्मद शारिक को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी एक बैंक में लोन दिलाने का काम करते थे। इस कारण आरोपियों को लोन के बारे में पूरी जानकारी थी।

वर्ष 2017 में इन लोगों ने फरीदाबाद में एफआईएस ग्लोबल नाम से लोन दिलवाने की कंपनी खोली। आरोपी जिस बैंक में काम करते थे। वहां के ग्राहकों को अपने यहां तोड़कर ले आए। इसके बाद लोन दिलाने के नाम पर उनसे असली दस्तावेज जैसे आधार, वोटर आईडी लेते थे। उनके दस्तावेज को लेकर उन लोगों को कंपनी का कर्मचारी दिखाते थे। उन लोगों के सैलरी अकाउंट भी खुलवाते थे और उसमें पैसे भी डालते थे।

इसके बाद उन अकाउंट होल्डर के नाम से बैंक में लोन के लिए आवेदन देते थे। आरोपियों ने फरीदाबाद में 21 लोगों के लोन करवाकर 1.36 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। इसके बाद ऑफिस बंदकर भाग गए।

वर्ष 2018 में नोएडा के सेक्टर-142 में एडवंट टावर में सातवें फ्लोर पर विनसम डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड नाम से इंटीरियर डेकोरेशन का ऑफिस खोला। इस कंपनी की आड़ में ये लोग लोन दिलाने का ही काम करते थे। इसके बाद तीनों ने मिलकर लोगों से संपर्क बनाए और कबाड़ी से लेकर अन्य लोगों के दस्तावेज किसी न किसी तरह लेते थे। इनके आधार पर उस नाम के व्यक्ति को अपनी कंपनी का कर्मचारी बनाकर सैलरी अकाउंट खुलवा लेते थे।

फिर लोन के लिए अप्लाई करते थे। सैलरी अकाउंट के लिए एड्रेस ऑफिस का ही देते थे। आरोपियों ने पर्सनल लोन, कार लोन से लेकर कई तरह के लोन लेकर बैंकों को दस करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।

ये हुई बरामदगी
इनके पास से अलग-अलग बैंकाें के 127 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 68 पैन कार्ड, 48 आधार कार्ड, 23 मोबाइल, 10 फर्जी मोहरें, विभिन्न बैंकों की 127 चेकबुक, कार, 27 सिम कार्ड और 2 वोटर आईडी बरामद किए गए हैं।

कई बड़े बैंकों को बनाया शिकार
एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह ने करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर बैंकों के साथ फर्जीवाड़ा किया है। जांच में पता चला है कि आईसीआईसी बैंक, कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी, बंधन बैंक समेत कई बैंकों को आरोपियों ने शिकार बनाया है। एसटीएफ इनके अन्य खातों की जांच कर रही है।

ऐसे तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज
आरोपी फर्जी कंपनी खोलने के लिए पहले फर्जी प्रपत्र तैयार करते थे। इसके लिए किसी भी शख्स का फोटो गूगल से उठाकर आधार व पैन कार्ड पर लगा देते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक में खाता खुलवाते थे। जिनका खाता खुलवाया जाता था उन्हें कंपनी में कर्मचारी बताया जाता था। बैंक को भरोसे में लेने के लिए अपने कथित कर्मचारियों के खाते में कई महीने तक पैसे डालते थे लेकिन कुछ दिन में ही निकाल लेते थे।

दो महीने पहले पकड़े गए थे तीन भाई
एसटीएफ ने दो महीने पहले ही इसी तरह के ही एक गिरोह का खुलासा किया था। बिहार निवासी तीन भाई गिरोह चला रहे थे। इस गिरोह का सरगना मनोज कुमार ठाकुर था। इसने तीन फर्जी कंपनियां सेक्टर-63 में टेक डेटा, सेक्टर-10 में न्यू जेन व कंप्यूटर एसोसिएट्स बनाई थी। इन कंपनियों के खाते विभिन्न बैंकों में खोल दिए थे।

इसके बाद फर्जी कर्मचारियों के नाम से खाते खोलकर कर्मचारियों के खाते में कुछ महीने तक पैसे डाले गए, ताकि बैंक को विश्वास हो जाए। इसके बाद आरोपी कथित कंपनी कर्मचारियों के नाम पर पर्सनल व कार लोन लेते थे। बैंक को एक या दो किश्त देकर ये लोग फरार हो जाते थे। इन आरोपियों ने भी दस करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया था।
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करोड़पति बंदी ने पुलिस पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे, हर माह खर्च करता था तीन लाख

लोन के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी ।
नोएडा में पान मसाला कंपनी के निदेशक रहे और 263 करोड़ की टैक्स चोरी में गिरफ्तार मनोज अरोड़ा ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। यह कारोबारी करीब ढाई साल से टैक्स चोरी में मेरठ जेल में बंद था। बीती 10 अगस्त को उसे मेरठ पुलिस की कस्टडी में एम्स दिल्ली ले जाया गया था, जहां से वह फरार हो गया था। अब पकड़े जाने के बाद उसने यह खुलासा कर सनसनी फैला दी कि जेल में रहने के दौरान उसका एक माह का खर्चा करीब तीन लाख रुपये होता था। 

यूपी पुलिस से बड़ी चूक, ऐसे फरार हुआ 135 किलो का बंदी, एम्स से चल रहा था इलाज

मनोज अरोड़ा को भले ही दिल्ली से पकड़कर पुलिस ने जेल भेज दिया हो। लेकिन पूछताछ में उसने जो कहा, उसने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को हैरान कर दिया है। मनोज की नोएडा में एक शराब पार्टी की वीडियो वायरल होने के बाद मेरठ जेल के एक अधिकारी पर भी पूर्व में गाज गिर चुकी है। अब फिर से जेल के डॉक्टर और कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार कारोबारी मनोज को स्टेंट पड़ने थे, जिसके चलते मेरठ पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल ज्वाला सिंह, कांस्टेबल अरुण कुमार और संदीप कुमार उसे 10 अगस्त को मेरठ जेल से एम्स हॉस्पिटल दिल्ली लेकर गए थे। लेकिन मनोज तीनों पुलिसकर्मियों को झांसा देकर इनोवा गाड़ी से फरार हो गया था। फरारी के अगले दिन पुलिस ने इनोवा को सिरसा से बरामद किया था। एसएसपी अजय साहनी ने लापरवाही पर तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। बीते बुधवार को मनोज दिल्ली में पकड़ा गया। मेरठ पुलिस ने उसे रिमांड पर लाकर शुक्रवार को पूछताछ के बाद जिला जेल भेज दिया था।
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ग्रेटर-नोएडाः पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, 25 हजार के दो इनामी बदमाशों को लगी गोली

जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ी मैनेजर की पत्नी, प्रेमी को दी पति की हत्या की सुपारी, पुलिस ने खोले राज

ओसिस वेनेसिया हाइट्स बिल्डर के मार्केटिंग मैनेजर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने की वारदात का सोमवार को खुलासा पुलिस ने कर दिया है। जिम ट्रेनर के प्यार में पड़ी मार्केटिंग मैनेजर की पत्नी ने ही अपने पति की हत्या की प्रेमी को सुपारी दी थी। पुलिस ने पत्नी को दिल्ली में उसके घर से और प्रेमी व उसके दोस्त को रविवार शाम साकीपुर गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पिस्तौल व बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 23 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में तिलपता के पास 130 मीटर रोड स्थित ओसिस वेनेसिया हाइट्स बिल्डर के मार्केटिंग मैनेजर राजीव कुमार निवासी बुराड़ी (दिल्ली) पर बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने साइट के गेट के पास गोलियां बरसा दी थीं। उस दौरान राजीव गाड़ी से उतर रहे थे। मैनेजर को चार गोलियां लगीं। घायल का उपचार नोएडा के कैलाश अस्पताल में चल रहा है।

जांच के बाद इस मामले में मैनेजर की पत्नी शिखा, उसके प्रेमी रोहित कश्यप निवासी चंदन विहार बुराड़ी (दिल्ली) और रोहन उर्फ मनीष निवासी गोविंदपुरी (दिल्ली) को गिरफ्तार किया गया है। 

अलीगढ़ से खरीदी थी पिस्तौल
एसएसपी ने बताया कि मैनेजर की पत्नी शिखा दिल्ली के एक जिम में वर्कआउट करने जाती थी। उसे जिम ट्रेनर रोहित से प्यार हो गया। एक साल पहले ही रोहित यहां जिम ट्रेनर बना था। इससे पहले वह भिवाड़ी में जिम ट्रेनर था। रोहित को पाने के लिए शिखा अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। उसने अपने प्रेमी को एक लाख 10 हजार की सुपारी पति को मारने या किसी से मरवाने के लिए दी। रोहित ने उसे खुद मारने का प्लान तैयार किया और अलीगढ़ से एक परिचित से पिस्तौल खरीदकर लाया। उसने अपने एक दोस्त रोहन को पैसों का लालच दिया और खेल खत्म करने के लिए गोलियां बरसा दीं।
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900 लोगों से 25 करोड़ की ठगी, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, एक गिरफ्तार

साइट पांच कोतवाली क्षेत्र स्थित कासना मार्केट में कार्यालय खोलकर कमेटी के नाम पर 900 लोगों से 25 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के बाद तीनों आरोपी ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गए। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी सिकंदराबाद, बुलंदहशर निवासी सचिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो अन्य आरोपी बुलंदशहर निवासी प्रदीप भाटी ओर खेड़ी गांव निवासी सुंदर तोगड़ फरार हैं। 

सेक्टर अल्फा-2 स्थित गोल्फ गार्डेनिया सोसायटी निवासी राजेंद्र मावी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक  सचिन भाटी, प्रदीप भाटी और सुंदर तोंगड़ ने साथ मिलकर कमेटी का काम शुरू किया था। आरोप है कि तीनों ने साजिश के तहत लोगों से करोड़ों की ठगी की। कमेटी में करीब 900 लोगों ने निवेश किया।

पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने उनसे 45 लाख रुपये, हरवीर से 28 लाख, यशपाल सेे 24 लाख, प्रवीण सेे 35 लाख, नितिन से 18 लाख, सुनील सेे 45 लाख, प्रमोद से 60 लाख, मुकेश से 25 लाख रुपये और रविंद्र कसाना के 15 लाख रुपये ठग लिए। इसके अलावा भी कई अन्य लोगों के साथ ठगी की गई। पुलिस ने ठगी के आरोपी सचिन भाटी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। 

शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ितों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। - सुजीत उपाध्याय, साइट पांच कोतवाली प्रभारी
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महिला वकील हत्याकांड में बड़ा खुलासा, तीन करोड़ की ज्वेलरी के लिए घरेलू सहायक-सहायिका ने किया कत्ल

नोएडा में सेक्टर-31 में सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील की हत्या घरेलू सहायक-सहायिका ने ही गला दबाकर की थी। दोनों साथियों के साथ ज्वेलरी व कार लेकर भाग गए थे। वकील की पुरानी घरेलू सहायिका ने दोनों को घर में तीन करोड़ रुपये से अधिक की ज्वेलरी होने की बात बताई थी। 

इसके के बाद आरोपी साजिश के तहत वकील के घर नौकरी मांगने गए थे। एक सप्ताह की नौकरी के दौरान रेकी कर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक किशोरी को भी पुलिस ने पकड़ा है। नौकरानी अभी फरार है। आरोपियों के पास से लूट की कार, ज्वेलरी व अन्य सामान बरामद किया गया है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि सेक्टर-31 निवासी वकील कुलजीत कौर की हत्या 1 जुलाई की रात कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कोठी से ज्वेलरी, कार व अन्य सामान लेकर चले गए थे। जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि एक सप्ताह पहले आए नेपाली घरेलू सहायक-सहायिका भी गायब हैं। 

मामले में पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी घरेलू सहायक नेपाल निवासी संजू शाही, कपिल, रीता, ललित व एक किशोरी को दबोच लिया। जबकि घरेलू सहायिका मनीषा अभी फरार है। पुलिस उसके नेपाल भाग जाने की आशंका जता रही है। 
 
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प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने आए दो शूटर मुठभेड़ में दबोचे, अनिल दुजाना गिरोह के हैं दोनों बदमाश

प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने आए अनिल दुजाना गिरोह के दो शार्प शूटरों को  मुठभेड़ में नोएडा की कोतवाली फेज टू पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को गोली लगी है और अस्पताल में भर्ती हैं। बृहस्पतिवार तड़के फेज टू क्षेत्र में मदरसन कंपनी के पास मुठभेड़ में पुलिस ने पकड़ा। 

हत्या की साजिश में शामिल तीसरे आरोपी को बुधवार शाम को ही पकड़ लिया गया था। पुलिस के अनुसार, इलाबांस निवासी सुमित खारी का प्रॉपर्टी का काम है। सलारपुर खादर में सुमित का कार्यालय है। 

सुमित की एक संपत्ति में अनिल दुजाना गिरोह का बदमाश बिल्लू दुजाना हिस्सेदारी चाहता था। इसमें बिल्लू को सलारपुर निवासी साहिल पूरी जानकारी व सहयोग दे रहा था। बिल्लू अभी तिहाड़ जेल में बंद है। 

हिस्सेदारी नहीं मिलने से नाराज बिल्लू व साहिल ने सुमित खारी की हत्या की साजिश रची। 24 जुलाई की रात को सलारपुर खादर स्थित कार्यालय में सुमित की हत्या करने के लिए दो बदमाश पहुंचे, लेकिन वहां सुमित नहीं मिला तो उसके कर्मचारी राजकुमार के पेट में गोली मार दी। 
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