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आयुष हत्याकांड: फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, तीन महीने में चार्जशीट की तैयारी
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आयुष हत्याकांड: फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, तीन महीने में चार्जशीट की तैयारी
- मां की मांगों पर मिला मदद का भरोसा, पुलिस जांच में जुटी हुई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-54 के खरगोश पार्क में 13 वर्षीय आयुष शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। बुधवार देर रात मां की मांगों पर मदद का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने बेटे के अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी।
आयुष की मां योगमाया करीब 28 घंटे तक पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठी थीं। उनकी मांग थी कि परिवार को कांशीराम आवास, आर्थिक सहायता और अस्पताल में स्थायी नौकरी दी जाए। गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने उनसे मुलाकात कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के साथ घर, स्थायी नौकरी और आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद रात करीब 10 बजे आयुष का अंतिम संस्कार किया गया।
हत्या की धारा बढ़ाई गई : पुलिस के अनुसार शुरुआत में मां की शिकायत के आधार पर अपहरण की धारा में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान तीन नाबालिगों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनके हत्या में शामिल होने की बात सामने आने के बाद मुकदमे में हत्या की धारा भी बढ़ाई गई। बुधवार को तीनों आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
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अधिकारियों के मुताबिक हत्या के तरीके को लेकर अभी तक चाकू से गोदने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। जांच में सामने आया है कि पकड़े गए तीन नाबालिगों में दो सगे भाई हैं। पुलिस के मुताबिक इन्हीं दोनों ने आयुष का मुंह और गला दबाने के बाद सिर पर ईंट से वार किया था। तीसरे नाबालिग की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आयुष की मां योगमाया ने कहा कि उनका इकलौता बेटा था और उसकी परवरिश के लिए वह नौकरी करती थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब घर और पैसे का क्या करें। अस्पताल में दूसरे मरीजों की सेवा करने वाली मां ने बेटे के इलाज न करा पाने का दर्द भी बताया। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच टीम साक्ष्यों को जुटाकर समयबद्ध तरीके से चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
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- मां की मांगों पर मिला मदद का भरोसा, पुलिस जांच में जुटी हुई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-54 के खरगोश पार्क में 13 वर्षीय आयुष शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। बुधवार देर रात मां की मांगों पर मदद का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने बेटे के अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी।
आयुष की मां योगमाया करीब 28 घंटे तक पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठी थीं। उनकी मांग थी कि परिवार को कांशीराम आवास, आर्थिक सहायता और अस्पताल में स्थायी नौकरी दी जाए। गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने उनसे मुलाकात कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के साथ घर, स्थायी नौकरी और आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद रात करीब 10 बजे आयुष का अंतिम संस्कार किया गया।
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हत्या की धारा बढ़ाई गई : पुलिस के अनुसार शुरुआत में मां की शिकायत के आधार पर अपहरण की धारा में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान तीन नाबालिगों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनके हत्या में शामिल होने की बात सामने आने के बाद मुकदमे में हत्या की धारा भी बढ़ाई गई। बुधवार को तीनों आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
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अधिकारियों के मुताबिक हत्या के तरीके को लेकर अभी तक चाकू से गोदने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। जांच में सामने आया है कि पकड़े गए तीन नाबालिगों में दो सगे भाई हैं। पुलिस के मुताबिक इन्हीं दोनों ने आयुष का मुंह और गला दबाने के बाद सिर पर ईंट से वार किया था। तीसरे नाबालिग की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आयुष की मां योगमाया ने कहा कि उनका इकलौता बेटा था और उसकी परवरिश के लिए वह नौकरी करती थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब घर और पैसे का क्या करें। अस्पताल में दूसरे मरीजों की सेवा करने वाली मां ने बेटे के इलाज न करा पाने का दर्द भी बताया। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच टीम साक्ष्यों को जुटाकर समयबद्ध तरीके से चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।