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Noida News: सिलिंडर फटने से मौत पर कंपनी देंगी 15-15 लाख
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सिलिंडर फटने से मौत पर कंपनी देगी 15-15 लाख
बच्चा समेत तीन की गई थी जान, उपभोक्ता आयोग ने दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। रसोई गैस का सिलिंडर फटने से हादसे में क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी पेट्रोलियम कंपनी की है। ऐेसे ही एक मामले में सिलिंडर फटने से बच्चा समेत तीन लोगों की मौत की घटना में दस साल बाद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और बीमा कंपनी को 15-15 लाख रुपये देने होंगे। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह फैसला दिया है।
दनकौर के पारसौल गांव में 2 जुलाई 2013 को प्रेमवीर उर्फ प्रताप अपने बेटा अंश सहित रसोई घर में मौजूद थे। साथ में परिचित डॉक्टर सुुभाष भी थे। प्रेमवीर ने चाय बनाने के लिए जैसे ही गैस चूल्हे को जलाने के लिए माचिस की तीली को रगड़ा, सिलिंडर सहित रसोई घर में आग लग गई। इससे तीनों बुरी तरह झुलस गए। इलाज के दौरान प्रेमवीर, पुत्र अंश और डाॅ. सुभाष की मृत्यु हो गई। परिजनों ने मुआवजे के लिए गैस एजेंसी और पेट्रोलियम कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद मृतक प्रेमवीर की पत्नी कमलेश, डा. सुभाष की पत्नी रेखा और अंश के दादा अशोक ने इंडिया ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, चंडी इंडियन गैस सर्विस दनकौर और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सभी ने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद आयोग ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से तीनों मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है। वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये भी देने होंगे।
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बच्चा समेत तीन की गई थी जान, उपभोक्ता आयोग ने दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। रसोई गैस का सिलिंडर फटने से हादसे में क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी पेट्रोलियम कंपनी की है। ऐेसे ही एक मामले में सिलिंडर फटने से बच्चा समेत तीन लोगों की मौत की घटना में दस साल बाद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और बीमा कंपनी को 15-15 लाख रुपये देने होंगे। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह फैसला दिया है।
दनकौर के पारसौल गांव में 2 जुलाई 2013 को प्रेमवीर उर्फ प्रताप अपने बेटा अंश सहित रसोई घर में मौजूद थे। साथ में परिचित डॉक्टर सुुभाष भी थे। प्रेमवीर ने चाय बनाने के लिए जैसे ही गैस चूल्हे को जलाने के लिए माचिस की तीली को रगड़ा, सिलिंडर सहित रसोई घर में आग लग गई। इससे तीनों बुरी तरह झुलस गए। इलाज के दौरान प्रेमवीर, पुत्र अंश और डाॅ. सुभाष की मृत्यु हो गई। परिजनों ने मुआवजे के लिए गैस एजेंसी और पेट्रोलियम कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद मृतक प्रेमवीर की पत्नी कमलेश, डा. सुभाष की पत्नी रेखा और अंश के दादा अशोक ने इंडिया ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, चंडी इंडियन गैस सर्विस दनकौर और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सभी ने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद आयोग ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से तीनों मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया है। वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये भी देने होंगे।
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