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Noida News: निजी नर्सिंग होम के पंजीकरण और नियामक प्रबंधन की एसीबी करेगी जांच

Tue, 28 May 2024 09:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2024 09:41 PM IST
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ACB will investigate the registration and regulatory management of private nursing homes
आग लगने से सात नवजातों की मौत के बाद उपराज्यपाल ने उठाया सख्त कदम
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
विवेक विहार के न्यू बॉर्न बेबी केयर अस्पताल में सात नवजातों की मौत मामले में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को कड़ा कदम उठाया। उन्होंने राजधानी के सभी निजी नर्सिंग होम के पंजीकरण और नियामक प्रबंधन की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं। एसीबी यह जांच करेगी कि कितने नर्सिंग होम बिना पंजीकरण चल रहे हैं। ये भी जांच होगी कि क्या अस्पताल दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण अधिनियम, 1953 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित मानदंडों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

उपराज्यपाल के अनुसार, राजधानी में 1190 नर्सिंग होम हैं, जिनमें से एक चौथाई से अधिक वैध पंजीकरण के बिना चल रहे हैं। इसके अलावा शहर में कई ऐसे नर्सिंग होम हैं, जिन्होंने कभी पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया, लेकिन फिर भी संचालित हो रहे हैं। यहां तक कि ऐसे नर्सिंग होम भी हैं जिनके पास वैध पंजीकरण है, लेकिन वे दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण अधिनियम, 1953 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार निर्धारित सुरक्षा और नियामक मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। जांच में यह पता लगेगा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजीकरण की मंजूरी या नवीनीकरण 100 प्रतिशत साइट निरीक्षण के बाद दी गई थी या नहीं। इससे यह भी पता लगेगा कि नर्सिंग होम में अपेक्षित सुरक्षा मानदंडों को पूरा करने की क्या कोई जांच सूची है। साथ ही, कानून के तहत प्रदान किए गए चिकित्सा बुनियादी ढांचे हैं या नहीं। एसीबी स्वास्थ्य विभाग के संबंधित लोक सेवकों की मिलीभगत और लापरवाही को सामने ला सकती है।
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पंजीकरण के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया

एलजी ने कहा कि इस आधुनिक युग में दिल्ली में नर्सिंग होम का पंजीकरण मैन्युअल किया जा रहा है। इससे अस्पष्टता और भ्रष्टाचार के लिए बहुत जगह है। मुख्य सचिव यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि अनुपालन, पंजीकरण और वैधता के सभी डाटा के साथ एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाए। इसके अलावा मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि सभी जिलाधिकारियों को सलाह दी जाए कि वे कार्यात्मक नर्सिंग होम की दो सप्ताह के भीतर वास्तविक संख्या का पता लगाकर सत्यापन करें। इससे समस्या की भयावहता और शहर में व्याप्त उल्लंघन की सीमा का पता चलेगा।
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मुख्यमंत्री और मंत्री जिम्मेदारी से भाग रहे

एलजी ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी राजनीतिक नेतृत्व की अंतरात्मा को जगाना चाहिए था, लेकिन इस बात से निराशा है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने केवल दिखावटी बातें कहीं और बहाना तलाशकर जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। प्रशासन न तो सोशल मीडिया पर चलाया जा सकता है और न ही ऐसे गंभीर मामलों को दबाकर। राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की गंभीर कमी बहुत कुछ कहती है। यह एक बड़ा मुद्दा है जिसे सार्वजनिक डोमेन में दावों के विपरीत उपेक्षित छोड़ दिया गया है। बेबी केयर में आग लगने की घटना ने दिल्ली के निवासियों के स्वास्थ्य और जीवन से सीधे संबंधित मामले में मंत्री पद की जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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