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दिसंबर तक पूरी होंगी 12 परियोजनाएं, जनता को मिलेगा लाभ
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नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से शहर में 3256 करोड़ की लागत से 18 परियोजनाएं चल रही हैं। कोरोना की दूसरी लहर का असर इन परियोजनाओं पर भी पड़ा है। इसके बावजूद इनमें से करीब 12 परियोजनाएं दिसंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। इन 12 परियोजनाओं की लागत करीब 906 करोड़ है। सभी परियोजनाएं जनता से जुड़ी हुई हैं। इनके पूरे होने से लोगों को यातायात व्यवस्था, बिजली व्यवस्था, पार्क सहित अन्य कई प्रकार के लाभ मिलेंगे।
सेक्टर-71 अंडरपास का निर्माण कार्य का करीब 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 60 करोड़ की लागत वाली इस अंडरपास को जुलाई में इसे खोलने की तैयारी है। इसके खुलने से नोएडा-ग्रेनो सहित दिल्ली के लोगों के लिए काफी फायदा होगा। इसी तरह 45 करोड़ की लागत से नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर जीरो माइल से 19.6 किमी पर अंडरपास का काम सितंबर तक पूरा होगा। वहीं एक्सप्रेसवे के 2.36 किमी पर निर्माणाधीन अंडरपास का काम सितंबर तक पूरा होगा। इसकी लागत 90 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के नीचे से कई सेक्टरों व गांवों के लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। वहीं नोएडा-ग्रेेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की रिसर्फेसिंग का काम चल रहा है। इसकी लागत 62 करोड़ आएगी। इसका काम अगले माह पूरा होगा।
वेटलैंड और प्राधिकरण का नया कार्यालय होगा तैयार
304 करोड़ की लागत से सेक्टर-96 में प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके सिविल का काम पूरा हो गया है। वहीं विद्युत व अन्य कार्यों को करने की कवायद चल रही है। मुख्य प्रशासनिक भवन का काम पूरा होने के बाद प्राधिकरण का कार्यालय यहीं शिफ्ट हो जाएगा। इसी तरह से सेक्टर-54 और 91 में वेटलैंड बनाने का काम चल रहा है। इसकी लागत करीब 13 करोड़ रुपये आएगी।
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बिजली की बड़ी परियोजनाएं कतार में
नोएडा प्राधिकरण की ओर से शहर में कई विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। इसका मकसद शहर में बिजली कटौती से निजात दिलाते हुए बिजली संकट को दूर करना है। प्रमुख परियोजनाओं में 186 करोड़ की लागत से सेक्टर-123 में निर्माणाधीन 400 केवी विद्युत उपकेंद्र, 54 करोड़ की लागत से सेक्टर-167 में निर्माणाधीन 132 केवी विद्युत उपकेंद्र, 54 करोड़ की लागत से सेक्टर-63 में निर्माणाधीन 132 केवी विद्युत उपकेंद्र, 23 करोड़ की लागत से सेक्टर-67 से 123 तक निर्माणाधीन 132 केवी डबल सर्किट लाईन व 16 करोड़ की लागत से सेक्टर-63 से 123 तक निर्माणाधीन132 केवी डबल सर्किट लाईन का काम है। परियोजनाओं के पूरे होने पर जनता को राहत मिलेगी।
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सेक्टर-71 अंडरपास का निर्माण कार्य का करीब 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 60 करोड़ की लागत वाली इस अंडरपास को जुलाई में इसे खोलने की तैयारी है। इसके खुलने से नोएडा-ग्रेनो सहित दिल्ली के लोगों के लिए काफी फायदा होगा। इसी तरह 45 करोड़ की लागत से नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर जीरो माइल से 19.6 किमी पर अंडरपास का काम सितंबर तक पूरा होगा। वहीं एक्सप्रेसवे के 2.36 किमी पर निर्माणाधीन अंडरपास का काम सितंबर तक पूरा होगा। इसकी लागत 90 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के नीचे से कई सेक्टरों व गांवों के लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। वहीं नोएडा-ग्रेेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की रिसर्फेसिंग का काम चल रहा है। इसकी लागत 62 करोड़ आएगी। इसका काम अगले माह पूरा होगा।
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वेटलैंड और प्राधिकरण का नया कार्यालय होगा तैयार
304 करोड़ की लागत से सेक्टर-96 में प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके सिविल का काम पूरा हो गया है। वहीं विद्युत व अन्य कार्यों को करने की कवायद चल रही है। मुख्य प्रशासनिक भवन का काम पूरा होने के बाद प्राधिकरण का कार्यालय यहीं शिफ्ट हो जाएगा। इसी तरह से सेक्टर-54 और 91 में वेटलैंड बनाने का काम चल रहा है। इसकी लागत करीब 13 करोड़ रुपये आएगी।
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बिजली की बड़ी परियोजनाएं कतार में
नोएडा प्राधिकरण की ओर से शहर में कई विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। इसका मकसद शहर में बिजली कटौती से निजात दिलाते हुए बिजली संकट को दूर करना है। प्रमुख परियोजनाओं में 186 करोड़ की लागत से सेक्टर-123 में निर्माणाधीन 400 केवी विद्युत उपकेंद्र, 54 करोड़ की लागत से सेक्टर-167 में निर्माणाधीन 132 केवी विद्युत उपकेंद्र, 54 करोड़ की लागत से सेक्टर-63 में निर्माणाधीन 132 केवी विद्युत उपकेंद्र, 23 करोड़ की लागत से सेक्टर-67 से 123 तक निर्माणाधीन 132 केवी डबल सर्किट लाईन व 16 करोड़ की लागत से सेक्टर-63 से 123 तक निर्माणाधीन132 केवी डबल सर्किट लाईन का काम है। परियोजनाओं के पूरे होने पर जनता को राहत मिलेगी।