निर्भया के दोषियों की सजा में देरी पर फूटा मां का गुस्सा, पूछा- फांसी दी जाएगी या नहीं
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सात साल लंबी लड़ाई के बाद भी दोषियों की फांसी की सजा एक बार फिर टलने पर निर्भया की मां बेहद नाराज हैं। वह भावुक होकर कहती हैं कि क्या हमारा सिस्टम अंधा हो गया है, जो दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। बेटी को अब भी इंसाफ का इंतजार है।
बुधवार को दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजने को आधार बना हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी तो निर्भया की मां ने कहा कि दोषियों के वकील फांसी की सजा को टलवाने की कोशिश कर रहे हैं। तिहाड़ जेल के वकील राहुल मेहरा की दया याचिका पर फैसला आने तक फांसी न दे पाने बात सुनने के बाद वे भावुक हो गईं।
उन्होंने कोर्ट से बाहर आकर सिस्टम पर गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि मैं सात साल से बेटी का न्याय दिलाने के लिए लगातार अदालतों के चक्कर काट रही हूं। इस बार पूरा भरोसा था कि दोषियों को फांसी से कोई नहीं बचा सकता।
मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि मुझसे पूछने की जगह आप सरकार से पूछें कि आरोपियों को 22 जनवरी को फांसी हो रही है या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों की फांसी में दिल्ली सरकार की वजह से देरी हो रही है।
दया याचिका खारिज होने के बाद भी 14 दिन मिलेंगे
तिहाड़ जेल की ओर से हाईकोर्ट में पेश वकील राहुल मेहरा के मुताबिक, राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद ही दोषियों को फांसी दी जा सकेगी। ऐसे में मुकेश की याचिका समयपूर्व है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वह 21 जनवरी को ट्रायल कोर्ट के पास जाएंगे। तब तक दया याचिका खारिज होती है, तब भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, दोषियों को 14 दिन की मोहलत वाला नया डेथ वारंट जारी करना होगा। ऐसे में किसी भी सूरत में 22 जनवरी को डेथ वारंट पर अमल संभव नहीं है।
पटियाला हाउस कोर्ट आज करेगी सुनवाई
हाईकोर्ट के डेथ वारंट के फैसले को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद मुकेश के वकीलों ने पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में अपील करने की सलाह दी थी।
निचली अदालत में मुकेश की ओर से दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष दायर करने की जानकारी देते हुए 22 जनवरी को फांसी देने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है। इस मामले में अदालत गुरुवार दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार और निर्भया के माता-पिता को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
रविदास कैंप के निवासी भी हुए निराश
रविदास कैंप के निवासियों को निर्भया के दोषियों को फांसी देने में देरी होने के बारे में पता लगा तो वे निराश हो गए। तीन दोषी मुकेश, पवन और विनय रविदास कैंप में ही रहते थे। दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट पर 22 जनवरी को फांसी देने के फैसले से लोग खुश थे। उनका कहना था कि इन हैवानों को फांसी होने के बाद रविदास कैंप पर से रेपिस्ट की बस्ती के नाम का धब्बा हटेगा।