जनता की मेहनत लाई रंग, अब इस जगह पर बनेगा नया डंपिंग ग्राउंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिरकार नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की मेहनत रंग लाई। नोएडा के कूड़े के लिए सेक्टर-145 के पास मुबारिकपुर में एक साइट ढूंढ ली गई है और वहां डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है। बुधवार से वहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह अस्थायी डंपिंग ग्राउंड होगा।
स्थायी की तलाश अभी चलती रहेगी। प्राधिकरण के मुताबिक यह गैर आबाद गांव है। इसके गैर रिहायसी क्षेत्र में कूड़े को डाला जा रहा है। भविष्य में कभी सेक्टर-145 में किसी प्रोजेक्ट की जरूरत पड़ी तो भी डंपिंग ग्राउंड 500 मीटर की दूरी पर होगा। दरअसल, सेक्टर-123 में डाले जा रहे कूड़े पर स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा के अस्तौली और खोदना खुर्द के अलावा नोएडा के सेक्टर-151 ए में नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने निरीक्षण किया था।
वहां निरीक्षण के बाद खोदना खुर्द में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाने की घोषणा की थी। घोषणा के एक दिन बाद जब वहां पर प्राधिकरण के अधिकारी पहुंचे तो स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसी जगह की तलाश शुरू की, जहां फिलहाल किसी तरह का विरोध न हो। काफी सोच विचार के बाद सेक्टर-145 के पास मुबारिकपुर में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाने का फैसला लिया गया।
आबादी से दूर है नया डंपिंग ग्राउंड
बुधवार से यहां कूड़ा डालने का काम शुरू हो गया। सुबह में यहां नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। कूड़ा डालने लायक बनाने के लिए जेसीबी का सहारा लिया गया। इसके बाद हरी झंडी मिलते ही साइट पर कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया।
कूड़े की गाड़ी नोएडा की ओर से पुश्ता रोड से आ रही है। वहीं मुबारिकपुर में कूड़ा डालने के बाद यह फ्रेट कॉरिडोर के लिए समतल की जा रही जमीन से निकलकर सेक्टर-144 मेट्रो स्टेशन को पार करने के बाद एक्सप्रेसवे पर आ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क संकरी होने की वजह से एक ओर से एक ही गाड़ी जा सकती है।
आबादी से दूर है नया डंपिंग ग्राउंड
एनजीटी के नियमों के तहत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आबादी से दो किलोमीटर दूर डंपिंग ग्राउंड बनाए जाने के निर्देश के बाद प्राधिकरण और प्रशासन ने सेक्टर-145 के पास मुबारिकपुर में ऐसी जगह ढूंढी है, जो कि आबादी से काफी दूर है। वहां नलगढ़ा करीब दो किलोमीटर से ज्यादा दूर है। वहीं बेगमपुर हिंडन नदी के दूसरी ओर है। लखनावली भी ज्यादा दूर है। इसके अलावा सफीपुर तीन से चार किलोमीटर दूर है।
पहले के प्रस्तावित एसईजेड की जमीन पर है डंपिंग ग्राउंड
पहले के प्रस्तावित एसईजेड की जमीन पर है डंपिंग ग्राउंड
कभी यहां एसईजेड के लिए जमीन प्रस्तावित की गई थी। लेकिन एसईजेड नहीं बन पाया। नया डंपिंग ग्राउंड इसकी प्रस्तावित पुराने एसईजेड की जमीन पर बनाया गया है। यह 23000 वर्गमीटर क्षेत्रफल का प्लॉट है, जो कि चारों ओर कीकड़ों से घिरा है।
स्थायी लैंडफिल साइट पर अभी होना है फैसला
नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान में सेक्टर-123 और 151ए में लैंडफिल साइट प्रस्तावित है। हालांकि यहां लैंडफिल साइट के बदले प्राधिकरण ने कूड़ा डालना शुरू कर दिया, जिसका विरोध शुरू हो गया था। लेकिन अभी भी कागजों व योजनाओं में लैंडफिल साइट प्रस्तावित है। इस पर भी अभी फैसला होना है।
सात दिन बाद कूड़ा उठना हुआ शुरू
शहर में पिछले सात दिनों से कूड़ा पड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों की ओर से कूड़ा न हटाने पर विरोध भी शुरू होने वाला था। वहीं प्राधिकरण नई जमीन तलाश रहा था। बुधवार को मुबारिकपुर में 30 ट्रक कूड़ा डाला गया। यहां पर दवाइयों का छिड़काव भी किया गया।
नोएडा प्राधिकरण, ओएसडी, राजेश सिंह ने कहा कि नोएडा क्षेत्र से ठोस अपशिष्ट का उठान कर अस्थायी रूप से रखरखाव नोएडा क्षेत्र के अंदर ही गैर आबाद गांव मुबारिकपुर के सुदूर क्षेत्र में गैर रिहायसी क्षेत्र में शुरू किया गया है।