फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   IIT students make intubation box for covid 19 patients suffering from breathing problems

आईआईटी के छात्रों ने सांस की समस्या से पीड़ित कोविड-19 मरीजों के लिए इंट्यूबेशन बॉक्स बनाया

Tue, 28 Apr 2020 05:26 PM IST
पूजा त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 28 Apr 2020 05:26 PM IST
विज्ञापन
IIT students make intubation box for covid 19 patients suffering from breathing problems
आईआईटी के छात्रों ने बनाया इनट्यूबेशन बॉक्स - फोटो : सोशल मीडिया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्रों ने कोविड-19 के उन मरीजों के लिए कम कीमत वाले इंट्यूबेशन बॉक्स विकसित किए हैं जिन्हें सांस संबंधी तकलीफ है। इन्हें श्वास नली में ट्यूब डालकर इस समस्या से राहत दिलाई जा सकती है।

विज्ञापन


इंट्यूबेशन मुंह के जरिए प्लास्टिक की नली को श्वास नली (ट्रैकिया) में पहुंचाए जाने की प्रक्रिया को कहा जाता है। यह इसलिए किया जाता है ताकि एनेस्थीसिया, दर्द निवारक दवा दिए जाने या गंभीर बीमारी के दौरान व्यक्ति को वेंटिलेटर पर रखा जा सके और उसे सांस लेने में दिक्कत न हो।
विज्ञापन


आईआईटी गुवाहाटी की ओर से विकसित यह उपकरण एरोसॉल निरोधक बॉक्स है जिसे मरीज के बेड पर सिर की तरफ से रखा जा सकता है। इससे मरीज से विषाणु से भरी बूंदों के डॉक्टर तक पहुंचने की आशंका घटती है, खासकर नली डाले जाने के दौरान।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुसंधानकर्ताओं की टीम के मुताबिक, डिजाइन का प्रारंभिक प्रारूप रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में पूरा किया गया है और इस बॉक्स की अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) समेत बड़े कोविड-19 देखभाल केंद्रों में समीक्षा की जा रही है। यह वर्तमान में मौजूद बॉक्स की कीमत से काफी कम पर उपलब्ध होगा।


बायोसाइंस विभाग के बीटेक छात्र, उमंग माथुर ने पीटीआई से कहा, पावर्ड एयर प्यूरिफाइंग रेस्पिरेटर (संक्रमित हवा से बचाने वाले उपकरण) और पूरी तरह बंद फेस मास्क जैसे निजी सुरक्षात्मक उपकरणों (पीपीई) के अभाव में यह आवश्यक है कि अस्थायी एक्रलिक फेस शील्ड, एन95 मास्क और सर्जिकल रेस्पिरेटर के इस्तेमाल को स्वीकारा जाए और मरीज के मुंह और नाक से निकलने वाले एयरोसॉल को रोका जाए। इंट्यूबेशन बॉक्स मरीज के आस-पास ही संक्रमण को सीमित रख यह बचाव सुनिश्चित करता है। 

उन्होंने कहा कि अन्य सुरक्षात्मक उपकरणों के उलट यह बॉक्स मरीज का इलाज कर रहे कई डॉक्टरों और नर्सों के लिए प्रभावी तरीके से काम करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed