एक बिस्तर पर दो-दो मरीज, झूठ बोल रही है सरकार
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डेंगू पर दिल्ली नगर निगम के आंकड़े कुछ कहे लेकिन वास्तविक सच्चाई इससे अलग है। भारत सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के अस्पताल डेंगू मरीजों से भरे पड़े हैं।
डेंगू वार्ड से लेकर मेडिसिन वार्ड तक डेंगू मरीजों से भरे हैं, इसके बाद निगम ने 12 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में अभी तक डेंगू मरीजों की संख्या 1872 ही बताई है।
दिल्ली के करीब-करीब सभी बड़े अस्पताल मसलन एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, सुचेता कृपलानी, लोक नायक, जीटीबी, डीडीयू, अंबेडकर, हिन्दू राव अस्पतालों के डेंगू वार्ड और मेडिसिन वार्ड डेंगू मरीजों से भरे पड़े हैं।
एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीज
एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीज, कहीं-कहीं यह स्थिति है कि अस्पतालों में जुगाड़ कर मरीज को लेटाया गया है और ग्लुकोज चढ़ाया जा रहा है दवा दी जा रही है। आरएमएल जैसे अस्पताल में ही करीब पांच सौ डेंगू अथवा संभावित मरीज भर्ती हैं।
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अमिता सक्सेना ने बताया कि डेंगू के लिए एक वार्ड अलग से बनाया गया था लेकिन वह नाकाफी हो गया। लिहाजा दूसरे वार्ड में भी डेंगू मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है।
यही हाल पूर्वी दिल्ली के जीटीबी, लोक नायक, डीडीयू, संजय गांधी मेमोरियल और अंबेडकर अस्पताल का भी है। बवाना और रोहिणी इलाके से काफी संख्या में डेंगू और डेंगू के संभावित मरीज अंबेडकर अस्पताल में भर्ती हैं।
दरअसल सरकार रैपिड टेस्ट के बाद डेंगू की पुष्टि होने वाले मरीजों को अपने रिकार्ड में शामिल नहीं कर रही है। जबकि निजी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट करके भी डेंगू की पुष्टि कर रहे हैं।
डेंगू पर दिल्ली में सियासत हुई तेज
डेंगू पर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है। डेंगू के बहाने आम आदमी पार्टी की सरकार पर राजनीतिक पार्टियों ने तीखा हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि दिल्ली सरकार को जनता से कोई सरोकार नहीं है वह केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगी है। भाजपा ने यह भी कहा है कि जब दिल्ली में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा था तब केजरीवाल की सरकार डूसू चुनाव में व्यस्त थी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि डेंगू से लड़ने में दिल्ली सरकार पूरी तरह अक्षम रही है। पिछले एक माह से दिल्ली में डेंगू का प्रकोप है पर मुख्यमंत्री हो या स्वास्थ्य मंत्री सभी की प्राथमिकता डूसू चुनाव जीतने की रही। डेंगू के कारण एक पूरे परिवार के दुखद अंत पर अस्पतालों को सिर्फ नोटिस थमाकर एक कोरम पूरा किया गया। स्वास्थ्य मंत्री में नैतिकता होती तो वह इसकी जिम्मेदारी स्वयं पर लेकर या तो उचित कार्रवाई करते या फिर इस्तीफा दे देते।
जनकपुरी व ताहिरपुर में 1100 बेड के दो अस्पतालों के भवन तैयार हैं पर पिछले सात महीने से राजनीतिक गणित बैठाने में व्यस्त दिल्ली सरकार अस्पतालों को चालू करवाने में रुचि नहीं ले रही है। करोड़ों के प्रचार कर एक मोहल्ला क्लीनिक का उद्घाटन किया गया लेकिन दूसरी मोहल्ला क्लीनिक का लोगों ने मुंह नहीं देखा।
भाजपा लगाएगी रक्तदान शिविर
डेंगू पीड़ितों की सहायता के लिए भाजपा ने ब्लड कैंप लगाने का निर्णय लिया है। 24 सितंबर को दिल्ली में एक बड़ा रक्तदान शिविर भाजपा नेता आयोजित करेंगे।
प्रदेश कार्यालय में भी रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। एकत्र रक्त सरकारी अस्पतालों को डेंगू पीड़ितों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि एमसीडी के तीनों मेयर व स्वास्थ्य समिति नियमित तौर पर एमसीडी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी डेंगू वार्डों व सफाई की व्यवस्था के लिए निरीक्षण करेंगे।