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फरीदाबाद सीटः 69 प्रत्याशियों में से 16 की पार हुई नैया, 53 प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
Sat, 26 Oct 2019 09:41 AM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 26 Oct 2019 09:41 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद। विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमाने उतरे 53 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। जिले की छह विधानसभा सीटों पर कुल 69 प्रत्याशियों में से 16 उम्मीदवार ही अपनी जमानत बचाने में कामयाब हो सके हैं। इनमें एनआईटी विस क्षेत्र से सबसे अधिक 18 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें से 15 की जमानत जब्त हो गई है।
किसी भी प्रत्याशी को अपनी जमानत बचाने के लिए कुल मतदान का छठा हिस्सा चाहिए होता है। जिले की तिगांव विधानसभा क्षेत्र से 11 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से भाजपा की टिकट पर जीत कर आए राजेश नागर और दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर के अलावा किसी भी जमानत नहीं बची।
फरीदाबाद सीट से 9 प्रत्याशी मैदान में थे, इनमें से भाजपा की टिकट पर जीते नरेंद्र गुप्ता और दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के लखन सिंगला को छोड़ सभी सात प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है।
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बल्लभगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय दीपक चौधरी भी अपनी जमानत बचाने में कामयाब हुए हैं। इस सीट से 11 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा की टिकट पर जीते मूलचंद शर्मा व दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के आंनद कौशिक के अलावा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे दीपक चौधरी ने कुल मतदान का 15 फीसदी से अधिक मत हासिल किए हैं।
पृथला विधानसभा क्षेत्र से 10 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां से निर्दलीय नयनपाल रावत चुनाव जीते हैं। ऐसे में नयनपाल रावत के अलावा दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के रघुबीर तेवतिया व भाजपा के सोहनपाल छोंकर ही अपनी जमानत बचाने में कामयाब हो सके।
एनआईटी विधानसभा से सबसे अधिक 18 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां से कांग्रेस के नीरज शर्मा ने बाजी मारी है। नीरज शर्मा के अलावा भाजपा के नगेंद्र भड़ाना व बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे करामत अली ने अपनी जमानत बचाई है। करामत अली ने 11 फीसदी वोट लिए हैं।
बड़खल विधानसभा से 10 प्रत्याशी मैदान में थे। यहां से भाजपा की टिकट पर जीतीं सीमा त्रिखा, दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के विजय प्रताप के अलावा आम आदमी पार्टी की टिकट पर किस्मत आजमां रहे धर्मबीर भड़ाना की ही जमानत बच पाई है। धर्मबीर भड़ाना को 7 फीसदी वोट ले पाए हैं।
किसी भी प्रत्याशी को अपनी जमानत बचाने के लिए कुल मतदान का छठा हिस्सा चाहिए होता है। जिले की तिगांव विधानसभा क्षेत्र से 11 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से भाजपा की टिकट पर जीत कर आए राजेश नागर और दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर के अलावा किसी भी जमानत नहीं बची।
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फरीदाबाद सीट से 9 प्रत्याशी मैदान में थे, इनमें से भाजपा की टिकट पर जीते नरेंद्र गुप्ता और दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के लखन सिंगला को छोड़ सभी सात प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है।
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बल्लभगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय दीपक चौधरी भी अपनी जमानत बचाने में कामयाब हुए हैं। इस सीट से 11 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा की टिकट पर जीते मूलचंद शर्मा व दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के आंनद कौशिक के अलावा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे दीपक चौधरी ने कुल मतदान का 15 फीसदी से अधिक मत हासिल किए हैं।
पृथला विधानसभा क्षेत्र से 10 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां से निर्दलीय नयनपाल रावत चुनाव जीते हैं। ऐसे में नयनपाल रावत के अलावा दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के रघुबीर तेवतिया व भाजपा के सोहनपाल छोंकर ही अपनी जमानत बचाने में कामयाब हो सके।
एनआईटी विधानसभा से सबसे अधिक 18 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां से कांग्रेस के नीरज शर्मा ने बाजी मारी है। नीरज शर्मा के अलावा भाजपा के नगेंद्र भड़ाना व बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे करामत अली ने अपनी जमानत बचाई है। करामत अली ने 11 फीसदी वोट लिए हैं।
बड़खल विधानसभा से 10 प्रत्याशी मैदान में थे। यहां से भाजपा की टिकट पर जीतीं सीमा त्रिखा, दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के विजय प्रताप के अलावा आम आदमी पार्टी की टिकट पर किस्मत आजमां रहे धर्मबीर भड़ाना की ही जमानत बच पाई है। धर्मबीर भड़ाना को 7 फीसदी वोट ले पाए हैं।