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उद्घाटन के तीन दिन बाद भी काम जारी, कब आएगी मरीजों की बारी
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गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किए जाने के तीन दिन बाद भी सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बने अस्थायी अस्पताल में काम जारी है। इस वजह से अस्पताल में मरीजों को अभी भर्ती भी नहीं किया जा रहा है।
अभी यह भी नहीं पता कि अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा होने व सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त होने में कितने दिन और लगेंगे। कहने को तो जिले में 500 बेड के अस्थायी अस्पताल बनाए जा चुके हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी व अन्य अव्यवस्थाओं के चलते सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में ही मरीजों का इलाज चल रहा है। सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के वार्डों में जगह नहीं हैं, जिसके चलते मरीजों को बरामदे में लिटाकर इलाज किया जा रहा है। वहीं वार्ड के बाहर स्ट्रेचर भी लगाए गए हैं और उन पर भी मरीजों का इलाज होते देखा जा सकता है।
जल्दबाजी में क्यों हुआ उद्घाटन
सवाल यह है कि आखिर इन मरीजों को अस्थायी अस्पतालों में कब शिफ्ट किया जाएगा या फिर ऐसे ही मरीज नागरिक अस्पताल के बरामदे में इलाज कराने को मजबूर रहेंगे। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि जब अस्थायी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त ही नहीं थीं तो फिर जल्दबाजी में उद्घाटन क्यों करा दिया गया। बुधवार को भी अस्पताल में दिन भर वायरिंग व अन्य निर्माण संबंधी कामकाज जारी रहा। अस्पताल के निर्माण संबंधी जानकारी के लिए जिला उपायुक्त से बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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अभी यह भी नहीं पता कि अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा होने व सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त होने में कितने दिन और लगेंगे। कहने को तो जिले में 500 बेड के अस्थायी अस्पताल बनाए जा चुके हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी व अन्य अव्यवस्थाओं के चलते सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में ही मरीजों का इलाज चल रहा है। सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के वार्डों में जगह नहीं हैं, जिसके चलते मरीजों को बरामदे में लिटाकर इलाज किया जा रहा है। वहीं वार्ड के बाहर स्ट्रेचर भी लगाए गए हैं और उन पर भी मरीजों का इलाज होते देखा जा सकता है।
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जल्दबाजी में क्यों हुआ उद्घाटन
सवाल यह है कि आखिर इन मरीजों को अस्थायी अस्पतालों में कब शिफ्ट किया जाएगा या फिर ऐसे ही मरीज नागरिक अस्पताल के बरामदे में इलाज कराने को मजबूर रहेंगे। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि जब अस्थायी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त ही नहीं थीं तो फिर जल्दबाजी में उद्घाटन क्यों करा दिया गया। बुधवार को भी अस्पताल में दिन भर वायरिंग व अन्य निर्माण संबंधी कामकाज जारी रहा। अस्पताल के निर्माण संबंधी जानकारी के लिए जिला उपायुक्त से बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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