Health Tips: प्रदूषित हवा से बचाव में सिर्फ मास्क नहीं पर्याप्त... हो सकता है संक्रमण, स्टीम का भी लें सहारा
बीते कुछ दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है।
चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
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शहर की हवा में घुला जहर अब लोगों के फेफड़ों पर सीधा असर दिखा रहा है। बीते कुछ दिनों से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण अस्पतालों में गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, केवल मास्क पहनना पर्याप्त नहीं है। हवा में मौजूद सूक्ष्म धूलकण और प्रदूषक तत्व नाक व गले से होते हुए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों को नियमित रूप से स्टीम लेने की सलाह दी है, ताकि श्वसन तंत्र की सफाई बनी रहे। दिन में दो बार पानी की भाप या अजवाइन की भाप लेना लाभदायक रहता है।
चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही, घर में पौधे लगाने, एयर-प्यूरीफायर का प्रयोग करने और खानपान में विटामिन-सी युक्त फल जैसे आंवला, संतरा और नींबू शामिल करने पर जोर दिया है।
हवा प्रदूषित होने से लोगों को इन दिनों सतर्कता बरतने की जरुरत है। मास्क पहनने के साथ-साथ स्टीम लेना, पर्याप्त पानी पीना और प्रदूषण से बचाव के सरल तरीके हैं। - डॉ नवीन, सीनियर मेडिकल अधिकारी, नागरिक अस्पताल