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Gurugram News: ट्रांसप्लांट की एनओसी में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की दो दिन की पुलिस रिमांड बढ़ी
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- फोर्टिस अस्पताल के सर्जन को एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूछताछ के लिए बुलाया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट का मामला गहराता जा रहा है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पुलिस रिमांड पूरी होने पर सोमवार को अदालत में पेश किया। जहां पर उनकी दो दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है। इसके साथ ही एसीबी ने किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले मुख्य सर्जन डाॅ. संदीप गुप्ता को पूछताछ के लिए बुलाया है।
जयपुर एसीबी की ओर से स्वास्थ्य विभाग के क्लर्क गौरव सिंह, जयपुर के हार्ट ईसीसी अस्पताल के समन्वयक अनिल जोशी, फोर्टिस अस्पताल के समन्यवक विनोद सिंह की पुलिस रिमांड पूरी होेने के बाद दोबारा से दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। एसीबी ने इस बात का खुलासा किया है कि गौरव सिंह की ओर से जयपुर के अलग-अलग अस्पतालों से मिलीभगत करके 800 से अधिक एनओसी जारी की गई है।
ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार छानबीन के दौरान पता चला है कि इनमें सबसे अधिक मामले फोर्टिस अस्पताल के हैं। इसीलिए फोर्टिस के सर्जन डॉ. संदीप गुप्ता को पूछताछ के लिए सोमवार को ब्यूरो कार्यालय बुलाया गया था। दूसरी ओर, गुरुग्राम पुलिस ने मुर्तजा की तलाश में अपना जाल बिछाया है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार उनके लिए प्राथमिकता जिन लोगों ने किडनी लगवाई है या निकलवाई है। उनके स्वास्थ्य का खयाल रखना है। उनकी टीमें मुर्तजा को तलाश रही हैं।
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50 प्रतिशत एडवांस लेने के बाद करता था एनओसी बनाने का काम:
एसीबी की टीम को छानबीन के दौरान पता चला है कि गौरव सिंह दलालों से एक लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक प्रति एनओसी के हिसाब से लेता था। वह पहले एजेंट से एनओसी देने से पहले 50 प्रतिशत की रकम ले लेता था। बाकी रकम एनओसी तैयार होने के बाद लेता था। एनओसी के बकाया राशि करीब 35 हजार लेने के दौरान ही एसीबी ने उसे पिछले दिनों रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
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सफदरजंग अस्पताल में दाखिल मरीजों की हालत स्थिर:
जयपुर पुलिस से बचने के लिए जिन बांग्लादेशियों को एक गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद सिविल अस्पताल से उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया है। जहां पर चारों का उपचार चल रहा है। उनके स्वास्थ्य व पुलिस की ओर से चल रही जांच की जानकारी बांग्लादेश की एंबेसी को भेजी जा चुकी है।
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वर्जन
मुर्तजा अंसारी की तलाश में पुलिस टीमें काम कर रही है। सफदरजंग अस्पताल में दाखिल बांग्लादेशियों की हालत स्थिर है। उनके बारे में विस्तृत जानकारी बांग्लादेश की एंबेसी को भेजी जा चुकी है। - डा. मयंक गुप्ता, डीसीपी ईस्ट, गुरुग्राम।
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मयंक तिवारी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट का मामला गहराता जा रहा है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पुलिस रिमांड पूरी होने पर सोमवार को अदालत में पेश किया। जहां पर उनकी दो दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है। इसके साथ ही एसीबी ने किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले मुख्य सर्जन डाॅ. संदीप गुप्ता को पूछताछ के लिए बुलाया है।
जयपुर एसीबी की ओर से स्वास्थ्य विभाग के क्लर्क गौरव सिंह, जयपुर के हार्ट ईसीसी अस्पताल के समन्वयक अनिल जोशी, फोर्टिस अस्पताल के समन्यवक विनोद सिंह की पुलिस रिमांड पूरी होेने के बाद दोबारा से दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। एसीबी ने इस बात का खुलासा किया है कि गौरव सिंह की ओर से जयपुर के अलग-अलग अस्पतालों से मिलीभगत करके 800 से अधिक एनओसी जारी की गई है।
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ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार छानबीन के दौरान पता चला है कि इनमें सबसे अधिक मामले फोर्टिस अस्पताल के हैं। इसीलिए फोर्टिस के सर्जन डॉ. संदीप गुप्ता को पूछताछ के लिए सोमवार को ब्यूरो कार्यालय बुलाया गया था। दूसरी ओर, गुरुग्राम पुलिस ने मुर्तजा की तलाश में अपना जाल बिछाया है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार उनके लिए प्राथमिकता जिन लोगों ने किडनी लगवाई है या निकलवाई है। उनके स्वास्थ्य का खयाल रखना है। उनकी टीमें मुर्तजा को तलाश रही हैं।
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50 प्रतिशत एडवांस लेने के बाद करता था एनओसी बनाने का काम:
एसीबी की टीम को छानबीन के दौरान पता चला है कि गौरव सिंह दलालों से एक लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक प्रति एनओसी के हिसाब से लेता था। वह पहले एजेंट से एनओसी देने से पहले 50 प्रतिशत की रकम ले लेता था। बाकी रकम एनओसी तैयार होने के बाद लेता था। एनओसी के बकाया राशि करीब 35 हजार लेने के दौरान ही एसीबी ने उसे पिछले दिनों रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
सफदरजंग अस्पताल में दाखिल मरीजों की हालत स्थिर:
जयपुर पुलिस से बचने के लिए जिन बांग्लादेशियों को एक गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद सिविल अस्पताल से उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया है। जहां पर चारों का उपचार चल रहा है। उनके स्वास्थ्य व पुलिस की ओर से चल रही जांच की जानकारी बांग्लादेश की एंबेसी को भेजी जा चुकी है।
वर्जन
मुर्तजा अंसारी की तलाश में पुलिस टीमें काम कर रही है। सफदरजंग अस्पताल में दाखिल बांग्लादेशियों की हालत स्थिर है। उनके बारे में विस्तृत जानकारी बांग्लादेश की एंबेसी को भेजी जा चुकी है। - डा. मयंक गुप्ता, डीसीपी ईस्ट, गुरुग्राम।
मयंक तिवारी