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Gurugram News: सेक्टर-72 में बन रहा नया बूस्टिंग स्टेशन अक्तूबर में शुरू होगा
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शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी अधिकारियों के साथ बैठक करते। स्त्रोत-विज्ञप्ति
सेक्टर-58 से 80 तक होगी 95 एमएलडी पानी की आपूर्ति, मौजूदा नेटवर्क का भार होगा कम
नंबर गेम - 32 जल निकाय विकसित किए जा चुके
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेक्टर-72 में बन रहा नया बूस्टिंग स्टेशन अक्तूबर में शुरू होगा। इसके शुरू होने के बाद सेक्टर-58 से 80 तक के इलाकों में 95 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाएगी। इससे मौजूदा सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन पर पड़ रहा दबाव कम होगा और तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी।
मंगलवार को मिनी सचिवालय में शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई 13वीं जिला समन्वय समिति की बैठक में सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि नया स्टेशन सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन से सेक्टर-58 से 80 तक पानी की आपूर्ति का भार संभालेगा। फिलहाल चंदू बुढ़ेरा और बसई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गुरुग्राम में करीब 720 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति हो रही है। सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन शुरू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर करीब 770 एमएलडी हो जाएगी। जीएमडीए ने बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की यूनिट-4 का काम भी सौंप दिया है, जिससे भविष्य में शहर की जल शोधन और आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी।
वजीराबाद झील को जल भंडारण की सुविधा विकसित की जा रही
बैठक में शहरी जलभराव और बाढ़ की समस्या पर भी चर्चा हुई। जीएमडीए ने इसके लिए व्यापक योजना तैयार करने को आईआईटी दिल्ली और कंसल्टेंट निप्पॉन कोइ को जिम्मेदारी दी है। वहीं, नगर निगम ने इसी तरह के आकलन के लिए आईआईटी गांधीनगर को नियुक्त किया है। ढेसी ने वर्षा जल संचयन संरचनाओं, इंजेक्शन कुओं, प्राकृतिक जल निकायों के जीर्णोद्धार और तालाब क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया। निगम अधिकारियों ने बताया कि 32 जल निकाय विकसित किए जा चुके हैं, जबकि 21 पर काम चल रहा है। जीएमडीए पांच वर्षा जल संचयन संरचनाओं को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित कर रहा है। इसके अलावा वजीराबाद झील को जल भंडारण और भूजल पुनर्भरण सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। संबंधित विभागों को नए जल निकायों के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।
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नंबर गेम - 32 जल निकाय विकसित किए जा चुके
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेक्टर-72 में बन रहा नया बूस्टिंग स्टेशन अक्तूबर में शुरू होगा। इसके शुरू होने के बाद सेक्टर-58 से 80 तक के इलाकों में 95 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाएगी। इससे मौजूदा सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन पर पड़ रहा दबाव कम होगा और तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी।
मंगलवार को मिनी सचिवालय में शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई 13वीं जिला समन्वय समिति की बैठक में सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि नया स्टेशन सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन से सेक्टर-58 से 80 तक पानी की आपूर्ति का भार संभालेगा। फिलहाल चंदू बुढ़ेरा और बसई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गुरुग्राम में करीब 720 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति हो रही है। सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन शुरू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर करीब 770 एमएलडी हो जाएगी। जीएमडीए ने बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की यूनिट-4 का काम भी सौंप दिया है, जिससे भविष्य में शहर की जल शोधन और आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी।
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वजीराबाद झील को जल भंडारण की सुविधा विकसित की जा रही
बैठक में शहरी जलभराव और बाढ़ की समस्या पर भी चर्चा हुई। जीएमडीए ने इसके लिए व्यापक योजना तैयार करने को आईआईटी दिल्ली और कंसल्टेंट निप्पॉन कोइ को जिम्मेदारी दी है। वहीं, नगर निगम ने इसी तरह के आकलन के लिए आईआईटी गांधीनगर को नियुक्त किया है। ढेसी ने वर्षा जल संचयन संरचनाओं, इंजेक्शन कुओं, प्राकृतिक जल निकायों के जीर्णोद्धार और तालाब क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया। निगम अधिकारियों ने बताया कि 32 जल निकाय विकसित किए जा चुके हैं, जबकि 21 पर काम चल रहा है। जीएमडीए पांच वर्षा जल संचयन संरचनाओं को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित कर रहा है। इसके अलावा वजीराबाद झील को जल भंडारण और भूजल पुनर्भरण सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। संबंधित विभागों को नए जल निकायों के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।
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